जिस थाने के थे शहंशाह वही के बने अपराधी, तत्कालीन एसओ उभाँव, क्राइम इंस्पेक्टर समेत तीन पर गंभीर धाराओं मे मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी तय
स्थानीय संवाददाता
बेल्थरा रोड बलिया।। उभांव थाना क्षेत्र के मामले में महिला की तहरीर के आधार पर तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय शुक्ला, क्राइम इंस्पेक्टर नरेश कुमार मलिक और उग्रसेन कुमार जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 75, 79 व 351(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
जिस थाने के बास थे उसी थाने में मुक़दमा दर्ज हुआ, विवेचना उभांव थाने के प्रभारी निरीक्षक करेंगे।
7 साल की सजा वाली दफा मे मुकदमा, होंगी अब गिरफ्तारी
तत्कालीन उभाँव थानाध्यक्ष संजय शुक्ला, तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर नरेश कुमार मलिक और पीड़िता से कानूनी शादी का झांसा देकर लगातार आठ माह तक यौन शोषण करने वाले वन दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल पर आज पीड़िता की तहरीर पर दर्ज मुक़दमे मे लगी दफाये इनकी मुश्किलें बढ़ाने वाली है। Bns 75 व 79 मे 3-3 साल और bns 351(3) मे 7 साल की सजा का प्रावधान है। 351(3) सज्ञेय अपराध की धारा है, जो गैर जमानती है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 75 यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) से संबंधित है, जो अवांछित शारीरिक संपर्क, यौन अनुग्रह की मांग, या अश्लील सामग्री दिखाने जैसे कृत्य को अपराध बनाती है. इसमें 3 वर्ष तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. यह धारा IPC की धारा 354A की जगह लेती है।
BNS धारा 75 के मुख्य बिंदुः
परिभाषा (1): कोई पुरुष जो अवांछित शारीरिक स्पर्श, यौन अनुग्रह (sexual favours) की मांग, या महिला की इच्छा के विरुद्ध अश्लील सामग्री (pornography) दिखाता है.
दंड (2): खंड (i), (ii), (iii) के तहत अपराध के लिए 3 वर्ष तक का कठोर कारावास, या जुर्माना, या दोनों。
दंड (3): यौन टिप्पणी (sexual remarks) करने पर 1 वर्ष तक की सजा या जुर्माना, या दोनों।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 किसी महिला की गरिमा (शील) का अपमान करने के उद्देश्य से कहे गए शब्दों, आवाज़, इशारों या किसी वस्तु के प्रदर्शन को अपराध मानती है। यह ऑनलाइन/ऑफलाइन अभद्र टिप्पणी, फब्तियां कसने या अश्लील संदेश भेजने को रोकता है। इसके तहत दोषी को 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
धारा 79 (BNS) के मुख्य बिंदु
उद्देश्य (Intention): महिला की लज्जा या शील का अनादर करना।
अपराध का तरीका: मौखिक शब्द, कोई ध्वनि, अंगविक्षेप (इशारा) या कोई आपत्तिजनक वस्तु दिखाना।
ऑनलाइन अपराधः सोशल मीडिया पर अभद्र कमेंट या फोटो शेयर करना भी इस धारा में शामिल है।
सज़ा: 3 साल तक की जेल और जुर्माना।
यह धारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 509 का नया रूप है, जिसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 (3) गंभीर आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) से संबंधित है। यदि कोई व्यक्ति किसी को जान से मारने, गंभीर चोट पहुंचाने, या आग लगाकर संपत्ति नष्ट करने की धमकी देता है, तो उस पर यह धारा लगती है। इसमें दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यह एक गंभीर और गैर-जमानती (non-bailable) अपराध की श्रेणी में आता है।







