Breaking News

बैरिया थाने के दो उप निरीक्षकों, दिवान, सिपाही व एक होमगार्ड पर एफआईआर दर्ज करने का कोर्ट ने दिया आदेश

 


 

शिकायतकर्ता को धमकाने, फर्जी रिपोर्ट लगाने पर सीजेएम कोर्ट ने दिया आदेश 

उप निरीक्षक प्रभाकर शुक्ला, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, दिवान जय किशुन पाल, सिपाही धर्मेंद्र यूपी 112 वर्तमान तैनाती थाना बैरिया और होमगार्ड रिपुंजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश 

मधुसूदन सिंह 

बलिया।। गड़ही पर कब्जे की आईजीआरएस के माध्यम से की गयी शिकायत मे फर्जी रिपोर्ट लगाने और इसकी खिलाफत करने पर शिकायत कर्ता को धमकाने, गाली गलौज देने और फर्जी मुक़दमे मे फंसाने की धमकी देना बैरिया थाने के दो उप निरीक्षकों, दिवान, सिपाही और एक होमगार्ड को भारी पड़ गया है। शिकायत कर्ता महेश कुमार ओझा के 173(4) BNSS के तहत दिये गये आवेदन को न्यायमूर्ति शैलेन्द्र पांडेय मुख्य दंडाधिकारी बलिया ने स्वीकार करते हुए उपरोक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर 3 दिनों मे अदालत को सूचित करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद पुलिस महकमे मे हड़कंप मच गया है।

                           यह है मामला 

वादी महेश कुमार ओझा पुत्र सूर्यदेव ओझा सा0 तिवारी के मिल्की, थाना बैरिया जनपद बलिया ने अपने ही गांव के आराजी नंबर 118 रकबा 0.0770 हे 0 मौजा चक्रगिरधर, जो खतौनी मे गड़ही के रूप मे दर्ज है, पर अवैध कब्जा का आरोप आईजीआरएस संख्या 40019325038669 के माध्यम से लगाया था। श्री ओझा ने गांव के ही गुड्डू, मनोज पुत्रगण स्व गर्जन शाह, पिंटू पुत्र अदुता शाह और दिनेश पुत्र स्व डबल राम पर गड़ही की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था।




इसकी जांच 29.10.2025 को उप निरीक्षक प्रदीप कुमार ने की। वादी महेश ओझा का आरोप है कि जांच के समय उसे बुलाया ही नहीं गया और उसका फोटो लगा कर उसका फर्जी बयान लगाकर शिकायत को निस्तारित करने की रिपोर्ट लगा दी गयी। यह भी आरोप लगाया कि जिसने जांच की उसने रिपोर्ट नहीं लगायी बल्कि दूसरे आदमी ने रिपोर्ट लगायी है। यह भी आरोप लगाया कि इसकी जानकारी होने पर वह थाने जाकर फर्जी रिपोर्ट का विरोध किया तो उप निरीक्षक प्रभाकर शुक्ला, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, दिवान जय किशुन पाल, सिपाही धर्मेंद्र यूपी 112 वर्तमान तैनाती थाना बैरिया और होमगार्ड रिपुंजय सिंह ने गाली गुप्ता देते हुए फर्जी मुक़दमे मे फंसाने की धमकी देते हुए भगा दिये।

इस घटना की सूचना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बलिया को पीड़ित द्वारा दी गयी लेकिन जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो माननीय सीजेएम महोदय की अदालत मे न्याय की गुहार लगायी। माननीय न्यायमूर्ति शैलेन्द्र पाण्डेय ने सभी साक्ष्य का गहनता के साथ अवलोकन करने के बाद उपरोक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश 22 मई 2026 को दिया है।