मामूली विवाद मे हुई झड़प, ट्रक चालक की मौत, चार लोग गिरफ्तार
बलिया सुखपुरा थाना पुलिस ने हत्या में वांछित दो अभियुक्त को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बेल्चा बरामद किया है। पुलिस को यह सफलता थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार दूबे के नेतृत्व में मिली। गिरफ्तार अभियुक्तो को पुलिस ने सुसंगत धाराओं में चालान न्यायालय किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वादी मुकदमा अभिषेक यादव पुत्र विजय कुमार यादव (निवासी : घोसवटी, थाना सुखपुरा, जनपद बलिया) ने 24 मार्च को सुखपुरा थाने में तहरीर दिया कि उसके पिता विजय कुमार यादव ट्रक चलाते है। 24 मार्च को पूर्वांह लगभग 11 बजे दिन में कही से बालू गिराकर सुखपुरा गड़वार मार्ग पर सुखपुरा में कुछ खाने के लिए एक दुकान के सामने गाड़ी खड़ा कर ज्यो ही आगे बढे, तभी रणबहादुर सिंह पुत्र रामस्नेही सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिंह पुत्र परमात्मा नन्द सिंह (निवासीगण : सुखपुरा) व दिलीप राजभर पुत्र विजय शंकर राजभर (भोजपुर मठिया) तथा व दो अन्य लोगों द्वारा बेल्चा से मारकर घायल कर दिया। जिला अस्पताल बलिया के इमरजेन्सी में ले जाने पर डाक्टरो ने मृत घोषित कर दिया। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही में जुटी थी। इसी क्रम में सुखपुरा पुलिस टीम ने थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार दूबे के नेतृत्व में मुखबिर खास की सूचना पर शैलेन्द्र कुमार सिंह पुत्र परमात्मा नन्द सिंह व दिलीप राजभर पुत्र विजय शंकर राजभर को गिरफ्तार किया।
गिट्टी पर ट्रक चढ़ने पर हुआ था विवाद, सीसीटीवी खोलेगी घटना का राज
रण बहादुर सिंह की गिट्टी बालू की दुकान है। मृतक का ट्रक गिट्टी पर चढ़ गया, जिसको लेकर दोनों पक्षो मे तू तू मै मै हो गयी। मृतक चालक ने अपने घर फोन करके घटना की जानकारी दी। जिसके बाद मृतक का पुत्र व कुछ अन्य लोग आये और दोनों पक्षो मे जमकर मारपीट हो गयी। जिसको जो मिला, उसी को हथियार बनाकर विरोधियों को पीटने लगा। इस मारपीट मे मृतक विजय यादव, विरोधी रण बहादुर सिंह को गंभीर चोट लग गयी। रण बहादुर सिंह थाने पहुंचकर पुलिस की सहायता से स्थानीय अस्पताल पहुंच कर मेडिकल कराया और गंभीर चोट के कार जिला अस्पताल पहुंच गये।
वही मृतक विजय यादव को परिजन थाने या सरकारी अस्पताल न ले जाकर घर ले जाते समय बरवा चट्टी पर एक चिकित्सक से इलाज कराये और घर लेकर चले गये। जब हालत ख़राब होने लगी तो आनन फानन मे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सको ने मृत घोषित कर दिया। इस पूरी फसाद को पड़ोस की सीसीटीवी ने रिकॉर्ड कर लिया है।
पिकेट ड्यूटी बगल मे, सिपाही था फरार
घटना स्थल से चंद कदमों पर स्थित पिकेट ड्यूटी पर तैनात अगर जिम्मेदार मौजूद होते तो ट्रक चालक की मौत नही होती। अब देखना है कि पिकेट ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों पर कार्यवाही कब होती।







