बलिया : फर्जी नाम से पासपोर्ट के लिये आवेदन करने वाला गया जेल , सत्यापन में थाने और एलआईयू की जांच में खुली पोल
फर्जी नाम से पासपोर्ट के लिये आवेदन करने वाला गया जेल , सत्यापन में थाने और एलआईयू की जांच में खुली पोल
दिग्विजय सिंह की रिपोर्ट
नगरा बलिया 12 फरवरी 2019 ।।
फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाने का चक्कर युवक को महंगा पड़ा।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर युवक को हिरासत में ले ली है । एलआईयू इंस्पेक्टर के अनुसार आवेदन कर्ता की रिपोर्ट जब स्थानीय पुलिस द्वारा नॉट रिकमेंडेड की आयी तो इसकी गहनता से जांच की गई तो फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाने के प्रयास का राज तब खुला । सत्यापन में एलआईयू को पता चला कि इरशाद असल मे गुफरान है। बता दे कि मनियर थाना क्षेत्र के चकफूल निवासी गुफरान सिद्दीकी पुत्र समीर सिद्दीकी बलिया दफ्तर में पासपोर्ट के लिए नगरा थाने के डुमरिया बोझ का पता देकर आवेदन किया था।आवेदन में गुफरान ने अपना नाम इरशाद लिखा था।एसपी दफ्तर से पासपोर्ट की जांच नगरा थाने आई तो पुलिस डुमरिया बोझ गांव गई तो पता चला कि इस नाम का युवक गांव में नही है।पुलिस ने अपनी आख्या एसपी दफ्तर भेज दी।पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में जब मामला आया तो एसपी ने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।नगरा पुलिस एसपी के निर्देश पर युवक के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाने के मामले में धोखा धड़ी व पासपोर्ट अधिनियम का मुकदमा दर्ज करने के बाद युवक को हिरासत में ले ली है।नगरा पुलिस इस कैसी जांच करती है, गुफरान की जांच से ज्ञात हो गया।इरशाद का असली चेहरा तब सामने आया, जब जांच एलआईयू को मिली और एलआईयू ने जांच में गुफरान से बने इरशाद को फर्जी पाया।गुफरान नरहेजी पीजी कालेज में स्नातक का छात्र है।उसने बताया कि मेरा घर नगरा थाना क्षेत्र के उमरिया बोझ है लेकिन हमलोग मनियर थाना क्षेत्र के चकफूल गांव में रहते है।मनियर थाने में मेरे खिलाफ एनसीआर दर्ज है।इसलिए एजेंट के कहने पर गुफरान से इरशाद नाम बदलकर आवेदन किया है।
दिग्विजय सिंह की रिपोर्ट
नगरा बलिया 12 फरवरी 2019 ।।
फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाने का चक्कर युवक को महंगा पड़ा।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर युवक को हिरासत में ले ली है । एलआईयू इंस्पेक्टर के अनुसार आवेदन कर्ता की रिपोर्ट जब स्थानीय पुलिस द्वारा नॉट रिकमेंडेड की आयी तो इसकी गहनता से जांच की गई तो फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाने के प्रयास का राज तब खुला । सत्यापन में एलआईयू को पता चला कि इरशाद असल मे गुफरान है। बता दे कि मनियर थाना क्षेत्र के चकफूल निवासी गुफरान सिद्दीकी पुत्र समीर सिद्दीकी बलिया दफ्तर में पासपोर्ट के लिए नगरा थाने के डुमरिया बोझ का पता देकर आवेदन किया था।आवेदन में गुफरान ने अपना नाम इरशाद लिखा था।एसपी दफ्तर से पासपोर्ट की जांच नगरा थाने आई तो पुलिस डुमरिया बोझ गांव गई तो पता चला कि इस नाम का युवक गांव में नही है।पुलिस ने अपनी आख्या एसपी दफ्तर भेज दी।पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में जब मामला आया तो एसपी ने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।नगरा पुलिस एसपी के निर्देश पर युवक के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाने के मामले में धोखा धड़ी व पासपोर्ट अधिनियम का मुकदमा दर्ज करने के बाद युवक को हिरासत में ले ली है।नगरा पुलिस इस कैसी जांच करती है, गुफरान की जांच से ज्ञात हो गया।इरशाद का असली चेहरा तब सामने आया, जब जांच एलआईयू को मिली और एलआईयू ने जांच में गुफरान से बने इरशाद को फर्जी पाया।गुफरान नरहेजी पीजी कालेज में स्नातक का छात्र है।उसने बताया कि मेरा घर नगरा थाना क्षेत्र के उमरिया बोझ है लेकिन हमलोग मनियर थाना क्षेत्र के चकफूल गांव में रहते है।मनियर थाने में मेरे खिलाफ एनसीआर दर्ज है।इसलिए एजेंट के कहने पर गुफरान से इरशाद नाम बदलकर आवेदन किया है।


