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बहुआयामी प्रतिभा के धनी, कुशल शिक्षक, संवेदनशील राजनीतिज्ञ तथा समाज के उत्थान के प्रति समर्पित विचारक थे स्व चंद्रशेखर उपाध्याय

 







बलिया।। आज दिनांक 09.04.2026 को स्व० डॉ० चन्द्रशेखर उपाध्याय  की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके निजी आवास, हरपुर मिड्ढी , बलिया में श्रद्धांजलि सभा का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि माननीय सांसद श्री सनातन पांडेय  द्वारा दीप प्रज्वलन एवं स्व डॉ० उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, परिजनों एवं क्षेत्रवासियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ० जनार्दन राय ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने स्व डॉ० उपाध्याय जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक बहुआयामी प्रतिभा के धनी, कुशल शिक्षक, संवेदनशील राजनीतिज्ञ तथा समाज के उत्थान के प्रति समर्पित विचारक थे। उन्होंने शिक्षा, समाजसेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में जो अमूल्य योगदान दिया, वह सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उन्होंने अपने जीवनकाल में विभिन्न माध्यमों से समाज को जागरूक करने, युवाओं को सही दिशा देने तथा नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का सतत प्रयास किया।

मुख्य अतिथि श्री सनातन पांडेय  ने अपने वक्तव्य में स्व डॉ० उपाध्याय जी के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्राम यादव ने कहा कि वे  सदैव समाज के कमजोर वर्गों की आवाज बने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे। उनके कार्य और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।

डॉ० जनार्दन राय ने आगे कहा कि स्व डॉ० उपाध्याय का जीवन शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं मानवीय मूल्यों का अद्वितीय संगम था। उन्होंने अपने कर्मों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि सच्ची सफलता वही है जो समाज के व्यापक हित में हो। उनके आदर्शों को अपनाकर ही हम उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।

वक्ताओं के क्रम में उपस्थित लोगों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि डॉ० उपाध्याय जी ने हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”, और इसी विश्वास के साथ वे हर चुनौती का सामना करते रहे। उनके व्यक्तित्व की सादगी, कार्यशैली की ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण सभी के लिए अनुकरणीय है।

कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, राजेश मिश्रा, मेजर  दिनेश  सिंह , अशोक राय, संजीव कुमार, विश्वरूप पांडेय, चंद्रशेखर राय, राम कुमार, संजीव कुमार, अंकित चौबे, श्वेता सिंह, शारदा सिंह, नीतू सिंह सहित अन्य गणमान्य वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए डॉ० उपाध्याय जी के साथ बिताए गए अनुभवों को साझा किया और उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ० प्रीति उपाध्याय (पुत्री) ने कुशलतापूर्वक किया। अंत में डॉ० उपाध्याय जी के पुत्र  पारितोष उपाध्याय एवं हर्ष  उपाध्याय ने सभी आगंतुकों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वालों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

सम्पूर्ण कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, सम्मान एवं भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने स्व डॉ० उपाध्याय जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।