राप्ती की लहरों में समाई मासूम ज़िंदगियां: तीन दिन की तलाश के बाद मिले चार दोस्तों के शव, गांवों में पसरा मातम
गोरखपुर।। राप्ती नदी किनारे हुआ हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गया है। मिर्जापुर घाट के पास पीपा पुल क्षेत्र में डूबे किशोरों की तलाश में जुटी टीमों ने लगातार प्रयास के बाद सभी लापता बच्चों के शव बरामद कर लिए हैं। पहले एक किशोर का शव मिला, जबकि बाद में शेष तीन को भी नदी से बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त है।
घटना एक अप्रैल की शाम की बताई जा रही है, जब कुछ किशोर साइकिल से नदी किनारे पहुंचे थे। वहां मस्ती के दौरान कुछ लड़के नदी में उतर गए और धीरे-धीरे गहराई में चले जाने से डूबने लगे। उनके साथ मौजूद एक साथी किसी तरह बाहर निकल आया और उसने ही घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे, जहां किनारे पर छोड़ी गई साइकिलें और कपड़े देख स्थिति की गंभीरता समझ में आ गई।
प्रशासन ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया और विशेषज्ञ टीमों को लगाया गया। लगातार दो दिनों तक चले अभियान में नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की गई। पहले दिन एक किशोर का शव मिला, जबकि बाद के प्रयासों में तीन अन्य शव भी बरामद किए गए। इसके साथ ही खोज अभियान समाप्त कर दिया गया।
इस हादसे में अमन उर्फ बीरू राजभर, अनिकेत यादव, गगन पासवान और विवेक निषाद की जान चली गई। सभी आपस में मित्र थे और अलग-अलग मोहल्लों से थे। जैसे ही शव मिलने की खबर घरों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को खोने का दर्द बयां करते नजर आए।
घटनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शवों को परीक्षण के लिए भेजा और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि किशोरों को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं था, जिससे यह हादसा हुआ। यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है कि नदियों और जलाशयों के पास लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें और उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।








