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सनबीम स्कूल में हुआ वार्षिक प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन, कार्तिक बाजोरिया ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

 




बलिया।। सनबीम स्कूल  के  स्थापना दिवस के अवसर पर वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 'प्रोत्साहन'  का अत्यंत गरिमामय आयोजन किया गया, जिसमें अकादमिक उत्कृष्टता और निरंतरता प्रदर्शित करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में *ड्राइव वे देवी मेंटल वेलनेस फाउंडेशन के सह संस्थापक*, सुप्रसिद्ध लेखक और विश्वस्तरीय टेडेक्स स्पीकर श्री कार्तिक बाजोरिया की उपस्थिति आकर्षण  का केंद्र रही।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के पारंपरिक स्वागत  और  तुलसी वेदी पूजन  के साथ किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आनंदित कर दिया।  विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने अपने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि और अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए विद्यालय के स्थापना दिवस पर  प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या ने स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक के सफर और उपलब्धियों की चर्चा करते हुए बताया कि कैसे विद्यालय निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने छात्रों की शैक्षणिक यात्रा में 'निरंतरता' और 'अनुशासन' को सफलता की आधारशिला बताया।






तत्पश्चात कक्षा पहली से ग्यारहवीं तक की परीक्षा में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और नर्सरी से ग्यारहवीं तक  पूरे वर्ष विद्यालय में नियमित रहकर अपनी प्रतिबद्धता साबित करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि तथा  विद्यालय सच8ब श्री श्रीवत्स सिंह,निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह, प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह, उप प्रधानाचार्य श्री पंकज सिंह, डीन एकेडमिक श्रीमती शहर बानो और हेडमिस्ट्रेस श्रीमती नीतू पांडे द्वारा ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


समारोह का मुख्य आकर्षण मुख्य अतिथि श्री कार्तिक बाजोरिया द्वारा विद्यालय के  टेडएक्स  मंच का उद्घाटन रहा। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने *'माइंडफुलनेस: द सुपरपावर*' विषय पर छात्रों और कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि कैसे एकाग्रता और सजगता के माध्यम से छात्र आधुनिक जीवन के तनाव और सोशल मीडिया के भटकाव से दूर रहकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।उन्होंने डिजिटल युग की चुनौतियों, जैसे गेमिंग और सोशल मीडिया के दबाव के बीच मानसिक एकाग्रता बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सजगता ही वह शक्ति है जिससे छात्र अपने तनाव को प्रबंधित कर सकते हैं।


कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस श्रीमती नीतू पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन  प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने संविधान में मुख्य अतिथि के प्रेरक विचारों के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच संचालन कर रही छात्राओं,शिक्षक-गण, कर्मचारियों और अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।