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पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ने की उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक, 11 बिंदुओं पर की समीक्षा

 

 



 आगामी पर्वों एवं विभिन्न आयोजनों को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व तैयारी, आयोजकों से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं पुलिस प्रबन्ध किये जाने के निर्देश दिए गए ।

 सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित सुधार नही करने वाले 06 थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर व 02 क्षेत्राधिकारी यातायात के विरूद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश ।

 IGRS एवं जनशिकायत निस्तारण प्रणाली में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ अधिकारियों को स्वयं जनसुनवाई कर शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।

 मीडिया समन्वय को सुदृढ़ बनाने हेतु घटनाओं से संबंधित तथ्यात्मक, अद्यतन एवं प्रमाणिक जानकारी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

 ZFD एवं C-RTC योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए यातायात प्रबंधन में सुधार, ई-साक्ष्य के सुदृढ़ क्रियान्वयन तथा ‘यक्ष’ एप के माध्यम से प्राप्त बीट सूचनाओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

                          

लखनऊ।।आज दिनांक 08 अप्रैल 2026 को पुलिस मुख्यालय में श्री राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) के साथ ऑनलाइन माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य रूप से आगामी पर्वों की सुरक्षा व्यवस्था, आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण, ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) व C-RTC अभियान, यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग, ई-साक्ष्य तथा अन्य महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

1. आगामी कार्यक्रमों एवं कानून-व्यवस्था की तैयारी

पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी जनपद आगामी पर्व, महापुरूषों की जयंती व आयोजनों के दृष्टिगत आयोजकों से समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाये तथा आवश्यक पुलिस प्रबंध सुनिश्चित किया जाये ।



2. ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) की समीक्षा एवं लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही

सडक दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश के 07 पुलिस कमि0 एवं 68 जनपदों के 487 सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य थानों में ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) योजना 01.01.2026 से लागू की गयी है जिसके काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए है । 

चयनित किये गये 487 थानों में  से 46 थाने ऐसे पाये गये जिनमें दुर्घटना की वृद्धि हुई है, तथा 06 थाने ऐसे पाये गये जिनमें दुर्घटनाओं में अत्याधिक वृद्धि हुई है, इन समस्त थानो के थाना प्रभारियों क्रमशः 1.थाना प्रभारी चोलापुर, कमि0 वाराणसी, श्री दीपक कुमार, 2.थाना प्रभारी कैम्पियरगंज, गोरखपुर, श्री जितेन्द्र सिंह, 3.थाना प्रभारी छिबरामऊ, कन्नौज, श्री विष्णुकान्त तिवारी, 4.थाना प्रभारी रामसनेही घाट, बाराबंकी, श्री जगदीश प्रसाद शुक्ला, 5.थाना प्रभारी जवाँ, अलीगढ़, श्री धीरज यादव, 6.थाना प्रभारी सिकरारा, जौनपुर, श्री उदय प्रताप सिंह को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिये गये है, साथ ही जनपद बाराबंकी के क्षेत्राधिकारी यातायात श्री आलोक कुमार पाठक एवं जौनपुर के क्षेत्राधिकारी यातायात श्री गिरेन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश दिये गये हैं ।


        3. IGRS एवं जन शिकायत निस्तारण

थाने एवं चौकी स्तर पर जन शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षाकृत सुधार आया है किन्तु कुछ जनपदों में सुधार की आवश्यकता है । इस सम्बन्ध में जनपदीय प्रभारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से जन शिकायतों के निस्तारण की नियमित एवं गहन समीक्षा सुनिश्चित करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाये । 

4. मीडिया समन्वय एवं संचार

पुलिस महानिदेशक द्वारा मीडिया के साथ प्रभावी समन्वय पर विशेष बल दिया गया—

किसी भी घटना के सम्बंध में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तथ्यात्मक एवं अद्यतन जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।  

अधिकृत अधिकारियों द्वारा समयबद्ध एवं तथ्यात्मक बाइट उपलब्ध कराई जाए, जिससे पुलिस की कार्यवाही स्पष्ट रूप से प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में परिलक्षित हो सके।

घटना के सम्बन्ध में सोशल मीडिया पर भी सही तथ्यों को समय से अपडेट करते हुए सभी  महत्वपूर्ण पोस्ट पर रिप्लाई किया जाये।


5. C-RTC (City-Reducing Traffic Congestion) Scheme के क्रियान्वयन सम्बन्धी निर्देश 

यातायात निदेशालय, उ0प्र0 द्वारा प्रदेश के 20 जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लांच की गयी C-RTC (City-Reducing Traffic Congestion) Scheme के बारे में विस्तार से अवगत कराते हुए प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीक आवर्स में लगने वाले Travel time के आकड़ो को प्रदर्शित किया गया । 

उक्त योजना के अंतर्गत पीक आवर्स में ट्रैवल टाइम को कम करने हेतु प्रभावी एवं लक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे यातायात में अपेक्षित सुधार किया जा सके ।



6. ई-साक्ष्य की समीक्षा एवं प्रस्तुतिकरण

ई-साक्ष्य के कार्यान्वयन की समीक्षा करके सभी विवेचकों को इसके प्रभावी उपयोग हेतु समुचित प्रशिक्षण कराये जाने के निर्देश दिये गये । 

समीक्षा के दौरान श्री अमित कुमार आनन्द, डीसीपी साउथ कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा ई-साक्ष्य एप के विभिन्न चरणो और तकनीकी पहलुओ पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया ।

       7. ‘यक्ष’ एप एवं बीट सूचना तंत्र

बीट स्तर पर तैनात समस्त पुलिसकर्मी ‘यक्ष’ एप का नियमित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए महत्वपूर्ण सूचनाओं का समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित करें। 

प्राप्त सूचनाओं की सतत निगरानी संबंधित क्षेत्राधिकारी (CO) एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाए। 

बीट सूचना पर उसकी संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के अनुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। 

‘यक्ष’ एप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित अपराधों की रोकथाम हेतु आवश्यक निवारक कदम उठाए जाएं।


8. विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान के अनुरूप सामान्य विवेचनाओं में 60 एवं गम्भीर अपराधों की विवेचनाओं का 90 दिवस में निस्तारण के लक्ष्य के अनुरूप विवेचनाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा में आरोप पत्र दाखिल किए जाएं ।

इस संबंध में उच्चाधिकारी गण द्वारा नियमित अर्दली रूम/पर्यवेक्षण करते हुये विवेचनाओं की समीक्षा कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया ।

          9. न्यायालय सुरक्षा

जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए।

प्रवेश द्वारों पर प्रभावी चेकिंग, सीसीटीवी की कार्यशीलता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ रखा जाए।

            10. व्यापार मंडल से संवाद

व्यापार मंडल पदाधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर कानून-व्यवस्था, बाजार सुरक्षा एवं साइबर ठगी आदि विषयों पर संवाद स्थापित किया जाए।

व्यापारियों की शिकायतों का त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

11. NDPS अधिनियम के तहत जब्त माल का विनिष्टीकरण

विधिक प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए समयबद्ध रूप से जब्त माल का विनिष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए।

विनिष्टीकरण की कार्यवाही पारदर्शी ढंग से, सक्षम प्राधिकारी की उपस्थिति में एवं नियमानुसार की जाए।

अंत में, पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने जनपदों में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता दें। साथ ही, आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देते हुए रिएक्टिव पुलिसिंग के स्थान पर प्रोएक्टिव पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को अपनाये ।