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जाने कौन है भारत का सबसे भ्रष्ट विभाग, पीएम मोदी भी नही कर पाये सुधार

 



नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है। लेकिन भ्रष्टाचार है कि मिटने का नाम ही नही ले रहा है।भ्रष्टाचार उन विभागों मे सबसे ज्यादे बढ़ा हुआ है जो आम लोगों की सुरक्षा व रोजमर्रा के कार्यों से जुड़ा हुआ है।

भारत के 10 सबसे भ्रष्ट माने जाने वाले विभागों की सूची जारी हुई है। यह सूची जनता की शिकायतों, मीडिया रिपोर्टों, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल और लोकपाल/लोकायुक्त जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट पर आधारित है।भ्रष्ट विभागों की लिस्ट को NCIB की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया गया है।


भारत के 10 सबसे भ्रष्ट माने जाने वाले विभागों की सूची जारी हुई है। यह सूची जनता की शिकायतों, मीडिया रिपोर्टों, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल और लोकपाल/लोकायुक्त जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट पर आधारित है। भ्रष्ट विभागों की लिस्ट को NCIB की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया गया है।

                 सबसे भ्रष्ट पुलिस विभाग 

भारत के जो 10 सबसे भ्रष्ट विभाग हैं,उनमें पहला नंबर पुलिस विभाग का है। पुलिस विभाग पर रिश्वत, फर्जी केस, FIR दर्ज न करना, सड़क पर चेकिंग लगाकर अवैध वसूली, पीड़ित से न्याय के बदले दाम, ज़मीन विवाद में पक्षपात जैसे गंभीर आरोप हैं।


          दूसरा भ्रष्ट विभाग है राजस्व विभाग 

भारत के 10 भ्रष्ट विभागों में दूसरा नंबर राजस्व विभाग का है। राजस्व विभाग पर तहसील एवं भूमि रिकॉर्ड में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज, जमीन की सत्यापित प्रति/ खतौनी निकालने एवं नामांतरण में रिश्वत का आरोप है।

नगर निगम /नगर पालिका है तीसरा सबसे भ्रष्ट विभाग 

भारत के 10 भ्रष्ट विभागों में तीसरा नंबर नगर निगम/नगर पालिका का है। नगर निगम विभाग पर भवन नक्शा पास कराना, सफाई व्यवस्था, अवैध निर्माण को नज़रअंदाज करना, रिश्वत लेकर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का आरोप है।

      चौथा ग्राम पंचायत /ब्लॉक स्तर के विभाग का 

चौथा भ्रष्ट विभाग ग्राम पंचायत/ब्लॉक स्तर का है। इस विभाग पर प्रधानमंत्री आवास, शौचालय योजना, राशन कार्ड में गड़बड़ी, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन सहित ग्रामसभा के अतिरिक्त कार्यों में भारी गड़बड़ी का आरोप है।

पांचवा भ्रष्ट विभाग है बिजली विभाग 

10 में से पांचवां सबसे भ्रष्ट बिजली विभाग है। इस विभाग पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी, फर्जी बिलिंग, कनेक्शन में देरी, कनेक्शन में फाल्ट हो जाने पर बिना रिश्वत लाइन न सही करने का आरोप है।

            छठवा भ्रष्ट परिवहन -RTO विभाग 

छठा सबसे भ्रष्ट सड़क परिवहन विभाग-RTO का है। इस विभाग पर बिना टेस्ट के ड्राइविंग लाइसेंस पाना, वाहन पंजीकरण में रिश्वत, अनफिट वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट प्रदान करने का आरोप है।

         सातवा भ्रष्ट स्वास्थ्य विभाग -अस्पताल 

भारत में सातवां सबसे भ्रष्ट विभाग सरकारी अस्पताल/स्वास्थ्य विभाग है। इस विभाग पर दवा आपूर्ति में भ्रष्टाचार, डॉक्टर की अनुपस्थिति, ऑपरेशन में निजी अस्पताल भेजना, अनावश्यक महंगी दवाईयों को लिखकर मेडिकल स्टोर से कमीशनखोरी का आरोप है।


             आठवा भ्रष्ट विभाग है शिक्षा विभाग 

भारत के 10 सबसे भ्रष्ट विभागों में शिक्षा विभाग आठवें नंबर पर है। इस विभाग पर शिक्षक भर्ती में घोटाला, स्कूल में शिक्षकों की फर्जी उपस्थिति, निजी स्कूलों से सांठगांठ का मुख्य आरोप है।

नौवा भ्रष्ट है आवास एवं शहरी विकास विभाग 

नौवां सबसे भ्रष्ट आवास एवं शहरी विकास विभाग है। इस विभाग से जुड़े लोगों पर निर्माण ठेके, टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप है।


      10 वा भ्रष्ट विभाग है इनकम टैक्स, जीएसटी 

भारत में 10 वां सबसे भ्रष्ट विभाग कर विभाग यानी इनकम टैक्स , जीएसटी का है। इस विभाग के लोगों पर छापों से बचाव में लेन-देन, फर्जी रिटर्न, व्यापारियों से अवैध वसूली का आरोप है।



बता दें कि भ्रष्टाचार का स्तर राज्य और जिले के अनुसार अलग-अलग होता है। भ्रष्टाचार केवल अधिकारी तक सीमित नहीं है। कई बार बिचौलियों और स्थानीय नेताओं के भूमिका के कारण रिश्वत की रकम 2 से 5 गुना तक बढ़ जाती है। जिसमें एक हिस्सा संबंधित अधिकारी के पास और बाकी बिचौलिए के पास चला जाता है।