Breaking News

शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी से करेंगे "स्कूल चलो अभियान-2026" का भव्य शुभारंभ

 





नामांकन, पाठ्य-पुस्तक वितरण और जन-जागरूकता के माध्यम से अभियान को जनआंदोलन बनाने का लक्ष्य

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और शत-प्रतिशत नामांकन पर रहेगा विशेष जोर

दो चरणों में चलेगा अभियान, जनप्रतिनिधियों और समाज के हर वर्ग की सुनिश्चित की जाएगी भागीदारी

हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता: मंत्री संदीप सिंह


लखनऊ: 03 अप्रैल, 2026।।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी से नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए "स्कूल चलो अभियान" का  शुभारंभ करेंगे। यह भव्य कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे वाराणसी के कंपोजिट विद्यालय, शिवपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री  के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से किया जाएगा, ताकि प्रदेश भर के छात्र, अभिभावक और शिक्षक इससे जुड़ सकें।


प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं। उन्होंने कहा कि 'स्कूल चलो अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के भविष्य को संवारने का एक संकल्प है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर अभिभावकों को प्रेरित करें और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें।


महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने अभियान के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसका प्रथम चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक संचालित किया जा रहा है, जबकि दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित होगा। इस दौरान जनपद, ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर व्यापक कार्यक्रमों के माध्यम से नामांकन बढ़ाने, बच्चों को निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म और बैग वितरित करने के साथ-साथ जन-जागरूकता फैलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के दौरान बच्चों के नामांकन के साथ ही उन्हें नई पाठ्य-पुस्तकों का वितरण आकर्षक पैकेजिंग के साथ किया जाएगा। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां और जनप्रतिनिधियों के संबोधन आयोजित कर शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाया जाएगा। इसके साथ निर्देश दिए हैं कि नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और सभी छात्र-छात्राओं को डीबीटी (DBT) के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ समय से मिले।



मुख्य कार्यक्रम के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध वर्ग और अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है ताकि इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा सके।   समापन अवसर पर सभी जनपदों, बीआरसी और विद्यालय स्तर पर रैली और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा का अलख जगाने का कार्य किया जाएगा।