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सीएमओ की जांच टीम पर ही प्रश्नचिन्ह

 



मधुसूदन सिंह 

बलिया।। अपूर्वा नर्सिंग होम, पूर्वांचल हॉस्पिटल और आकाश हॉस्पिटल मे हुई मौतों पर सीएमओ बलिया डॉ आनंद कुमार द्वारा गठित जांच टीम ही कटघरे मे दिख रही है। बता दे कि किसी भी मामले की जांच के लिये उससे संबंधित विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है। लेकिन सीएमओ बलिया ने जांच के नाम पर घटना से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच टीम न बना कर ऐसे लोगों की टीम बना दी है, जो जांच करने के लिये उपयुक्त ही नही है। यह वही बात हो गयी है कि पीएचडी की कॉपी जाँचने की जिम्मेदारी स्नातक को दे दी जाय।

बता दे कि अपूर्वा नर्सिंग होम मे पथरी के ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हुई है। नियमतः इसकी जांच सर्जन को देनी चाहिये लेकिन जांच कौन कर रहे है -सिम्पली MBBS और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मंजू रानी।ऐसे मे सवाल उठ रहा है कि स्त्री रोग की सर्जन डॉ मंजू रानी पथरी के ऑपरेशन मे क्या कमी हुई, की क्या जांच करेगी। वैसे खुद ही मैडम की जांच हो चुकी है और....।

इस जांच टीम मे सबसे वरिष्ठ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेंद्र दास भी कोई सर्जन नही है। साथ ही डॉ अभिषेक मिश्रा भी सर्जन नही है। ऐसे मे इन लोगों की रिपोर्ट कोर्ट मे कितनी देर टिकेगी? लगता है सीएमओ बलिया जांच के नाम पर खानापूर्ति के लिये जांच टीम बनाये है ।