Breaking News

बलिया : डॉ बद्री नारायण ने मांगा भाजपा से टिकट ,कहा गरीबो पिछडो दलितों असहायों की तरक्की के लिये करूँगा काम

डॉ बद्री नारायण ने मांगा भाजपा से टिकट ,कहा गरीबो पिछडो दलितों असहायों की तरक्की के लिये करूँगा काम
बलिया एक्सप्रेस के संपादक से भेंट में कही यह बात

बलिया 4 मार्च 2019 ।।  बदले राजनैतिक हालात , सपा बसपा गठबंधन के वावजूद सीएमओ जैसे महत्वपूर्ण पद से सेवानिवृत्त हो कर अपने चिकित्सकीय क्षेत्र के द्वारा गरीबो असहायों दलितों और निराश्रितों को मेडिकल सहयोग देने वाले डॉ बद्री नारायण गुप्त भी बलिया लोक सभा 72 से भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवार बनने की होड़ में शामिल है । डॉ गुप्ता से बलिया एक्सप्रेस के संपादक मधुसूदन सिंह ने इनके राजनीति में आने के उद्देश्य से लेकर पारिवारिक और राजनैतिक सम्बन्धो पर खुलकर बातचीत की । प्रस्तुत है डॉ बद्री नारायण गुप्त से की गयी बातचीत के प्रमुख अंश --
बलिया एक्सप्रेस ; डॉ गुप्ता सबसे पहले यह बताइये कि सरकारी क्षेत्र में सेवा करने के बाद एकाएक आपको राजनीति में आने का शौक कहा से पैदा हो गया या यूं कहें कि इस क्षेत्र को आपने क्यो चुना ?
डॉ बद्री नारायण : सबसे पहले तो मैं यह स्पष्ट कर दूं कि राजनीति में आने का यह मेरा आज का निर्णय नही है । मैं तो वर्षो से राजनीति के क्षेत्र में हूं , हां अंतर यह है कि मैं पहले फ्रंटल राजनीति न करके सपोर्ट वाली राजनीति करता था । मैं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के माध्यम से जहां सामाजिक दायित्वों का दशकों से निर्वहन करता हूँ , वही अपने चिकित्सकीय पेशे के माध्यम से समाज के कमजोर और उपेक्षित लोगो की भरपूर मदद करने का प्रयास करता हूँ ।
बलिया एक्सप्रेस : किसी राजनैतिक घराने से या पीछे से किसी बड़े राजनेता का हाथ न होने के वावजूद आप आज की राजनैतिक चालो के बीच अपने आप को कहा पाते है ?
डॉ बद्री नारायण : आपको बता दूं कि ऐसा नही है कि मै पहली बार सक्रिय राजनीति में उतरा हूं । आपको बता दूं कि 1974 में मैने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर से चुनाव लड़ा है । वही 1976 से 1982 तक मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही माननीय सर सहकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल जी के सानिध्य में संघ का कार्य करने का मुझे सुअसर भी प्राप्त हुआ है । साथ ही यह भी बता दूं कि मै संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष , का प्रशिक्षित और 2014 से 2018 तक बलिया नगर के नगर संघ चालक का दायित्व निभा चुका हूं । रही बात किसी राजनैतिक गॉड फादर के न होने की , तो मेरा यही मानना है कि एक सफल राजनीतिज्ञ के लिये गॉड फादर से अधिक जनता का आशीर्वाद जरूरी है , जो मुझे लगता ही नही विश्वास है कि मेरे पास है ।

बलिया एक्सप्रेस : कैसे मान ले कि आपके पास जनता का सहयोग है ?
 डॉ बद्री नारायण : जब मैं पीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टर के रूप में तैनात था तो मैंने ग्रामीण अंचलों में गरीबी और लाचारी को देखी । उसी समय से अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरत मन्दो की सहायता करता रहता हूँ । गाजीपुर का सीएमओ बनने के बाद मेरे पास जरूरतमन्दों को सहयोग देने के लिये अधिक ताकत मिली , जिसके द्वारा गाजीपुर क्षेत्र में भरपूर कार्य किया । जब मैं गाजीपुर का सीएमओ बना तो पल्स पोलियो अभियान में गाजीपुर 72 वे स्थान पर था , उसको मैं अपने कार्यकाल में 2सरे नम्बर पर लाया ।आज गाजीपुर क्षेत्र में ऐसा कोई गांव नही है जहां के गरीबो को जरूरत पड़ने पर मैने सहयोग न किया हो । सेवानिवृत होने बाद भी मैं बैठा नही हूं । 1986 से ही मैं गाजीपुर और बलिया के विभिन्न क्षेत्रों में कैम्प लगाकर  गरीब मरीजो के मोतियाबिंद का ऑपरेशन और इलाज करता हूँ ।
बलिया एक्सप्रेस : क्या आपके परिवार के लोग राजनीति में पहले से ही है कि आपने शुरुआत की है ?
डॉ बद्री नारायण :देखिये मेरा परिवार मूलतः व्यापारिक घराने से ताल्लुक रखता है । लेकिन हमारे पूर्वजों ने राजनीति में भी अपनी पकड़ पहले भी बना रखी थी । हमारे परिवार के सदस्यों के खून में राजनीति भी बसी हुई है । मेरे बड़े भाई स्व रामेश्वर प्रसाद बलिया में आर्य समाज के आजीवन प्रधान और मंत्री रहने के साथ बलिया व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे है । दूसरे भाई स्व द्वारिका प्रसाद आजीवन संघनिष्ठ स्वयं सेवक और 60 के दशक में नगर पालिका बलिया के दो बार सभासद रह चुके है । तीसरे भाई जगन्नाथ प्रसाद आईआईटी खड़गपुर से 1957 में एमटेक है और वर्तमान में श्री अरविंद सोसाइटी पांडिचेरी के बलिया शाखा के संस्थापक और संरक्षक है । वही वर्तमान में मेरा भतीजा अजय कुमार समाजसेवी नगर पालिका बलिया का अध्यक्ष है ।
बलिया एक्सप्रेस :अब आप से अहम सवाल यह है कि आज की या यूं कहें कि यूपी की राजनीति जातीय समीकरणों पर टिकी हुई है । बलिया लोक सभा मे सवर्णो का बोलबाला कहा जाता है और वर्तमान सपा बसपा गठबंधन से यह समीकरण और जटिल हो गया है । ऐसे में आप किस समीकरण के आधार पर भाजपा से टिकट मांग रहे है या यूं कहें कि भाजपा आपको क्यो टिकट दे ?
 डॉ बद्री नारायण : देखिये आपकी बात सही है कि बलिया लोक सभा मे सवर्णो का पलड़ा भारी होता है और यही कारण है कि यहां से अधिकतर  सवर्ण ही सांसद हुए है , वर्तमान में हमारी पार्टी के ही भरत सिंह जी सांसद है । वर्तमान समय मे सपा बसपा के गठबंधन के बाद परिस्थितयां बदल गयी है । पिछले चुनाव में हमारे यशस्वी पीएम मोदी जी की लहर चली थी और सपा बसपा अलग अलग चुनाव लड़ी थी । पिछले चुनाव में भाजपा के श्री भरत सिंह जी को 359,758 मत , सपा के श्री नीरज शेखर को 220,324 मत , बसपा को 141,684 मत , कौमी एकता दल को 163,943 मत प्राप्त हुए थे । वर्तमान समीकरण के अनुसार विरोधी दलों के इन तीनो मतो को जोड़ दिया जाय तो 525,951 मत हो रहे है जो भाजपा के मत से 166,193 मत अधिक हो रहे है । ऐसे में इतने अंतर को तभी पाटा जा सकता है जब पिछड़े वर्ग के और दलित वर्ग के मतदाताओ में सेंधमारी की जाय । यह तभी सम्भव होगा जब प्रत्याशी पिछड़ी जाति से हो और उसका पिछड़ी और दलित जातियों में पकड़ अच्छी हो । गाजीपुर और बलिया में अपने पेशे के आधार पर मैंने जो लोगो को सहयोग दिया है , अगर मुझे टिकट मिलता है तो निश्चित है कि मैं सपा बसपा के मतदाताओ के बीच अच्छी सेंधमारी करके और मोदी जी के नाम के सहारे यह सीट भाजपा की झोली में डालने का काम करूंगा ।
बलिया एक्सप्रेस : आपको शुभकामनाये देते हुए बातचीत के लिये धन्यवाद ।
डॉ बद्री नारायण :आपको भी धन्यवाद