वतन वापसी के बाद किन किन जांच से गुजरेंगे अभिनन्दन ? जाने यहां !
भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर वर्धमान शुक्रवार की रात को पाकिस्तान से वाघा बॉर्डर के जरिए भारत वापस लौट आए. अटारी वाघा बॉर्डर क्रॉस करते ही उन्हें वायुसेना के हेलीकॉप्टर से दिल्ली लाया गया. शनिवार को वायुसेना के नियम के तहत विंग कमांडर को "डीब्रीफ़िंग और 'बग स्कैनिंग "से गुजरना होगा. इसमें सेना और खुफियां एजेंसियों के अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे. इसके बाद मेडिकल चेकअप होगा.
भारतीय वायुसेना के नियमों के तहत उन्हें कुछ कड़ी परीक्षाओं से गुजरना होगा. इस बारे में रिसर्च एंड एनॉलिसिस विंग (RAW) के लिए काम करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की बातो को माने तो "अभिनंदन को वापस लौटने के बाद कई तरह की परीक्षाओं से गुजरना होगा. ये बेशक अच्छा नहीं है लेकिन इंडियन एयरफोर्स नियम-कानून सख्त हैं. उन्हें युद्ध के दौरान दूसरे देश में पकड़े जाने के बाद वापस लौटने वाले टेस्ट से गुजरना ही होगा. इसका कोई विकल्प नहीं होगा."
इन जांच प्रक्रियाओं से गुजरेंगे विंग कमांडर अभिनंदन:-
1. आज (शनिवार को) उनसे डीब्रिफिंग होगी. इस दौरान वायुसेना के अधिकारी उनसे पाकिस्तान में बिताए वक्त को लेकर पूछताछ करेंगे. वायुसेना इंटेलिजेंस की डीब्रीफिंग बहुत दर्द देने वाली होती है. खास बात ये है कि वायुसेना नियमों के अनुसार ये अनिवार्य है. इसमें जाना जाता है कि दुश्मन ने कारावास के दौरान उनसे कौन सी जानकारियां प्राप्त कीं. इस बात का विश्वास दिलाना होता कि दुश्मन देश की सेना ने उन्हें अपनी सेना में शामिल तो नहीं किया.
2. इसके बाद विंग कमांडर को कई तरह के मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा. इसमें फुल बॉडी चेकअप शामिल है.
3. फिर अभिनंदन की स्कैनिंग होगी. इसमें ये जानने की कोशिश होगी कि कहीं पाकिस्तानी आर्मी ने उनपर कोई बग तो नहीं फिट कर रखा है.
4. विंग कमांडर का साइकोलॉजिकल टेस्ट भी किया जाएगा. क्योंकि वो दुश्मन की धरती पर अकेले पकड़े गए थे. उन्हें वहां बंदी के तौर पर रखा भी गया. इस बात की आशंका है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गुप्त जानकारियों के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया गया हो. इससे उन्हें आघात लगा हो. ये पता करना जरूरी होगा कि उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल कैसी है?
5.इसके अलावा विंग कमांडर से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) भी अलग से पूछताछ कर सकती है. हालांकि, इसकी संभावनाएं कम ही हैं.
बता दें भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के F-16 विमान को निशाना बनाने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन का मिग-21 बुधवार को क्रैश हो गया था. उन्हें पैराशूट के जरिए इजेक्ट होना पड़ा. वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चले गए थे. जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.
1. आज (शनिवार को) उनसे डीब्रिफिंग होगी. इस दौरान वायुसेना के अधिकारी उनसे पाकिस्तान में बिताए वक्त को लेकर पूछताछ करेंगे. वायुसेना इंटेलिजेंस की डीब्रीफिंग बहुत दर्द देने वाली होती है. खास बात ये है कि वायुसेना नियमों के अनुसार ये अनिवार्य है. इसमें जाना जाता है कि दुश्मन ने कारावास के दौरान उनसे कौन सी जानकारियां प्राप्त कीं. इस बात का विश्वास दिलाना होता कि दुश्मन देश की सेना ने उन्हें अपनी सेना में शामिल तो नहीं किया.
2. इसके बाद विंग कमांडर को कई तरह के मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा. इसमें फुल बॉडी चेकअप शामिल है.
3. फिर अभिनंदन की स्कैनिंग होगी. इसमें ये जानने की कोशिश होगी कि कहीं पाकिस्तानी आर्मी ने उनपर कोई बग तो नहीं फिट कर रखा है.
4. विंग कमांडर का साइकोलॉजिकल टेस्ट भी किया जाएगा. क्योंकि वो दुश्मन की धरती पर अकेले पकड़े गए थे. उन्हें वहां बंदी के तौर पर रखा भी गया. इस बात की आशंका है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गुप्त जानकारियों के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया गया हो. इससे उन्हें आघात लगा हो. ये पता करना जरूरी होगा कि उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल कैसी है?
5.इसके अलावा विंग कमांडर से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) भी अलग से पूछताछ कर सकती है. हालांकि, इसकी संभावनाएं कम ही हैं.
बता दें भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के F-16 विमान को निशाना बनाने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन का मिग-21 बुधवार को क्रैश हो गया था. उन्हें पैराशूट के जरिए इजेक्ट होना पड़ा. वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चले गए थे. जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.
गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी संसद में विंग कमांडर अभिनंदन को भारत वापस करने का ऐलान किया था. इमरान खान ने कहा था कि वे शांति की पहल के तहत ये कदम उठा रहे हैं. हालांकि, पाकिस्तान पर विंग कमांडर अभिनंदन को वापस करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव था. जेनेवा संधि के तहत पाकिस्तान के पास अभिनंदन को वापस करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था ।


