बलिया एक्सप्रेस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट : नगर पालिका बलिया के अधिकारियों और आर्यन ग्रुप के गठजोड़ के द्वारा की जा रही सरकारी धन के बंदरबांट की पहली कड़ी
नगर पालिका बलिया के अधिकारियों और आर्यन ग्रुप के गठजोड़ के द्वारा की जा रही सरकारी धन के बंदरबांट की पहली कड़ी
कर्मचारियों का शोषण कर रहा है आर्यन ग्रुप ,
सफाई कर्मियों का नगर पालिका से 305 रुपये प्रतिदिन लेकर मात्र 205 रुपये प्रतिदिन कर रही है भुगतान
सुपरवाइजरों को 413 रुपये की दर से भुगतान लेकर मात्र औसतन 305 में करा रहे है काम
चालको का सरकारी भुगतान सुपरवाइजर्स के बराबर पर मिलता है सफाई कर्मी के बराबर
मधुसूदन सिंह
बलिया 13 फरवरी 2019 ।। पीएम मोदी के द्वारा चलाया गया स्वच्छता का अभियान , इस क्षेत्र में कार्यरत कम्पनियो को कैसे प्रतिमाह लाखो का फायदा करा रहा है यह बलिया नगर पालिका परिषद में सफाई का कार्य कर रही आर्यन ग्रुप की कमाई को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है । यह भी सोचनीय प्रश्न है कि ऐसी कम्पनियां बेरोजगारों को कैसे शोषण करती है , इसका भी उदाहरण बलिया में काम कर रही आर्यन ग्रुप से लिया जा सकता है । बलिया नगर पालिका परिषद के कुल 25 वार्डो में से मात्र 11 वार्डो के साफ सफाई का जिम्मा लेने वाली आर्यन कम्पनी नगर पालिका के जिम्मेदारों के साथ साठगांठ करके न सिर्फ सरकारी धन की लूट में लगी हुई है बल्कि बेरोजगारों से काम कराकर उनको तय सरकारी दर से कम देकर शोषण भी कर रही है । नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा आर्यन ग्रुप को प्रतिमाह किये जा रहे भुगतान पर अगर निगाह डाले तो यह बात खुदबखुद आंखे खोल कर उपरोक्त बातो की पुष्टि कर रही है । बता दे कि आर्यन ग्रुप द्वारा 11 वार्डो में साफसफाई के लिये लगाये गये 234 सफाई कर्मियों के वेतन के रूप में नगर पालिका से 21 लाख 43 हजार 965 रूपये यानी प्रति सफाई कर्मी 305 रुपये की दर से भुगतान लिया जाता है और इन कर्मियों को खाते में लगभग 205 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है उसमें भी पीएफ काटा जाता है लेकिन आज तक कितना कटा है किसी को पता नही है । वेतन में ही प्रतिदिन लगभग 100 रुपये की लूट आर्यन ग्रुप द्वारा किये जा रहा है । यही नही इनको वर्दी भत्ता के रूप में नगर पालिका से कुल 279 कार्मिको के लिये 35 हजार रुपये का प्रतिमाह भुगतान लिये जा रहे है जो सफाई कर्मियों को प्रतिमाह 125 रुपये की दर से मिलना चाहिये जो नही मिल रहा है । यही नही कुल 354 सफाई कर्मियों को झंडू पंजा बेलचा के नाम पर नगर पालिका आर्यन ग्रुप को प्रतिमाह 25 हजार रुपये का भुगतान कर रही है । यानी प्रति सफाईकर्मी 99 रुपये प्रतिमाह जो कर्मियों को मिलता ही नही । 11 वार्डो में कार्यो को सही तरीके से निष्पादित कराने के लिये आर्यन ग्रुप ने 25 सुपरवाइजर लगा रखे है । इसके लिये नगर पालिका से प्रतिमाह 310124 रुपये यानी प्रति सुपरवाइजर प्रतिदिन 413 रुपये की दर से भुगतान प्राप्त करती है लेकिन देती है लगभग 213 रुपये प्रतिदिन की दर से वो भी पीएफ काटकर , पर अब तक कितना पीएफ कटा है , पीएफ नम्बर क्या है ? किसी को भी नही मालूम । इनका भुगतान भी बैंक खाते में होता है । ऐसे ही 25 चालक रखे गये है जिनके लिये भी नगर पालिका से 413 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 310124 रुपये प्रतिमाह का भुगतान आर्यन ग्रुप ले रहा है लेकिन इनको देता है सफाईकर्मियों के बराबर यानी 205 रुपये प्रतिदिन की दर से पीएफ काटकर । सबसे बड़ी कमाई इस आर्यन ग्रुप द्वारा कूड़ा पृथक्कीकरण के नाम पर बिना काम कराये ही की जा रही है । इसके अंतर्गत गीले कूड़े को और सूखे कूड़े को अलग अलग करना है लेकिन हकीकत में नही होते हुए भी आर्यन ग्रुप के 20 सफाईकर्मियों के नाम प्रतिमाह 183245 रुपये यानी प्रति मजदूर प्रतिदिन 305 रुपये की दर से भुगतान नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा किया जा रहा है । यह घोर वित्तीय अनियमितता है जिसकी जांच आवश्यक है । किसी को भी अगर आंकड़ो पर शक हो तो नगर पालिका परिषद द्वारा आर्यन ग्रुप को किये गये भुगतान के बिल को देखकर इसकी पुष्टि कर सकता है । वही आर्यन ग्रुप द्वारा अपने कर्मचारियों को कितना भुगतान किया गया है , कर्मचारियों के बैंक खाता देखकर पुष्टि की जा सकती है ।
यह अभी आर्यन ग्रुप द्वारा बलिया नगर पालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर की जा रही लूट की पहली कड़ी है । अगली कड़ी में इससे भी ज्यादे हैरान करने वाले रहस्यों से बलिया एक्सप्रेस पर्दा उठाकर सरकारी धन के हो रहे बंदरबांट में शामिलो का राजफाश करेगा ।
कर्मचारियों का शोषण कर रहा है आर्यन ग्रुप ,
सफाई कर्मियों का नगर पालिका से 305 रुपये प्रतिदिन लेकर मात्र 205 रुपये प्रतिदिन कर रही है भुगतान
सुपरवाइजरों को 413 रुपये की दर से भुगतान लेकर मात्र औसतन 305 में करा रहे है काम
चालको का सरकारी भुगतान सुपरवाइजर्स के बराबर पर मिलता है सफाई कर्मी के बराबर
मधुसूदन सिंह
बलिया 13 फरवरी 2019 ।। पीएम मोदी के द्वारा चलाया गया स्वच्छता का अभियान , इस क्षेत्र में कार्यरत कम्पनियो को कैसे प्रतिमाह लाखो का फायदा करा रहा है यह बलिया नगर पालिका परिषद में सफाई का कार्य कर रही आर्यन ग्रुप की कमाई को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है । यह भी सोचनीय प्रश्न है कि ऐसी कम्पनियां बेरोजगारों को कैसे शोषण करती है , इसका भी उदाहरण बलिया में काम कर रही आर्यन ग्रुप से लिया जा सकता है । बलिया नगर पालिका परिषद के कुल 25 वार्डो में से मात्र 11 वार्डो के साफ सफाई का जिम्मा लेने वाली आर्यन कम्पनी नगर पालिका के जिम्मेदारों के साथ साठगांठ करके न सिर्फ सरकारी धन की लूट में लगी हुई है बल्कि बेरोजगारों से काम कराकर उनको तय सरकारी दर से कम देकर शोषण भी कर रही है । नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा आर्यन ग्रुप को प्रतिमाह किये जा रहे भुगतान पर अगर निगाह डाले तो यह बात खुदबखुद आंखे खोल कर उपरोक्त बातो की पुष्टि कर रही है । बता दे कि आर्यन ग्रुप द्वारा 11 वार्डो में साफसफाई के लिये लगाये गये 234 सफाई कर्मियों के वेतन के रूप में नगर पालिका से 21 लाख 43 हजार 965 रूपये यानी प्रति सफाई कर्मी 305 रुपये की दर से भुगतान लिया जाता है और इन कर्मियों को खाते में लगभग 205 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है उसमें भी पीएफ काटा जाता है लेकिन आज तक कितना कटा है किसी को पता नही है । वेतन में ही प्रतिदिन लगभग 100 रुपये की लूट आर्यन ग्रुप द्वारा किये जा रहा है । यही नही इनको वर्दी भत्ता के रूप में नगर पालिका से कुल 279 कार्मिको के लिये 35 हजार रुपये का प्रतिमाह भुगतान लिये जा रहे है जो सफाई कर्मियों को प्रतिमाह 125 रुपये की दर से मिलना चाहिये जो नही मिल रहा है । यही नही कुल 354 सफाई कर्मियों को झंडू पंजा बेलचा के नाम पर नगर पालिका आर्यन ग्रुप को प्रतिमाह 25 हजार रुपये का भुगतान कर रही है । यानी प्रति सफाईकर्मी 99 रुपये प्रतिमाह जो कर्मियों को मिलता ही नही । 11 वार्डो में कार्यो को सही तरीके से निष्पादित कराने के लिये आर्यन ग्रुप ने 25 सुपरवाइजर लगा रखे है । इसके लिये नगर पालिका से प्रतिमाह 310124 रुपये यानी प्रति सुपरवाइजर प्रतिदिन 413 रुपये की दर से भुगतान प्राप्त करती है लेकिन देती है लगभग 213 रुपये प्रतिदिन की दर से वो भी पीएफ काटकर , पर अब तक कितना पीएफ कटा है , पीएफ नम्बर क्या है ? किसी को भी नही मालूम । इनका भुगतान भी बैंक खाते में होता है । ऐसे ही 25 चालक रखे गये है जिनके लिये भी नगर पालिका से 413 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 310124 रुपये प्रतिमाह का भुगतान आर्यन ग्रुप ले रहा है लेकिन इनको देता है सफाईकर्मियों के बराबर यानी 205 रुपये प्रतिदिन की दर से पीएफ काटकर । सबसे बड़ी कमाई इस आर्यन ग्रुप द्वारा कूड़ा पृथक्कीकरण के नाम पर बिना काम कराये ही की जा रही है । इसके अंतर्गत गीले कूड़े को और सूखे कूड़े को अलग अलग करना है लेकिन हकीकत में नही होते हुए भी आर्यन ग्रुप के 20 सफाईकर्मियों के नाम प्रतिमाह 183245 रुपये यानी प्रति मजदूर प्रतिदिन 305 रुपये की दर से भुगतान नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा किया जा रहा है । यह घोर वित्तीय अनियमितता है जिसकी जांच आवश्यक है । किसी को भी अगर आंकड़ो पर शक हो तो नगर पालिका परिषद द्वारा आर्यन ग्रुप को किये गये भुगतान के बिल को देखकर इसकी पुष्टि कर सकता है । वही आर्यन ग्रुप द्वारा अपने कर्मचारियों को कितना भुगतान किया गया है , कर्मचारियों के बैंक खाता देखकर पुष्टि की जा सकती है ।
यह अभी आर्यन ग्रुप द्वारा बलिया नगर पालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर की जा रही लूट की पहली कड़ी है । अगली कड़ी में इससे भी ज्यादे हैरान करने वाले रहस्यों से बलिया एक्सप्रेस पर्दा उठाकर सरकारी धन के हो रहे बंदरबांट में शामिलो का राजफाश करेगा ।


