जनता को मांगना पड़ेगा जनप्रतिनिधियों से विकास का हिसाब : राम इक़बाल सिंह
शशि कुमार
बलिया।। सैकड़ो ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने बलिया जिले रसड़ा में बंद पड़ी चीनी मिल और लगातार उपेक्षित हो रहे बुनियादी मुद्दों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग पिछले 20 महीनों से जारी है और वे निरंतर ज्ञापन एवं कार्यक्रमों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान खींच रहे हैं। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि लगभग 40 लाख की आबादी वाले इस जिले में आज एक भी फैक्ट्री या कल-कारखाना चालू स्थिति में नहीं है।
पूर्व विधायक ने जिले के पिछड़ेपन पर चिंता जताते हुए कहा कि केवल ‘बागी बलिया’ कहने भर से हालात नहीं सुधरेंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि केंद्र व राज्य स्तर पर जब 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ऐसे समय में यदि बलिया की चीनी मिल शुरू होती है तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलता । किसानों की आमदनी बढ़ने से ही उनके बच्चे अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं हासिल कर सकेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र के व्यापारियों की क्रय शक्ति में भी इजाफा होगा।
जिले की भौगोलिक और बुनियादी समस्याओं का जिक्र करते हुए रामइकबाल सिंह ने कहा कि हर साल बाढ़ और कटान के चलते किसान अपनी जमीन और आशियाना गंवाते हैं, लेकिन दशकों बाद भी इसका कोई ठोस व स्थाई समाधान नहीं निकाला जा सका। उन्होंने पड़ोसी राज्य बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पक्की पिचिंग के जरिए कटान की समस्या से राहत दिलाई गई, जबकि बलिया में बारिश होते ही शहर जलमग्न हो जाता है और सीवर लाइनें चोक हो जाती हैं।
नेताओं के साथ-साथ जनता की जवाबदेही तय करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि इस दुर्दशा के लिए कहीं न कहीं मतदाता भी जिम्मेदार हैं। जनता चुनाव के समय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, चीनी मिल और जल निकासी जैसे बुनियादी मुद्दों पर वोट न देकर जाति, धर्म और भावनात्मक बातों के आधार पर मतदान करती है। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि जब तक जनता इन विकासपरक मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों से हिसाब नहीं मांगेगी और काम के आधार पर वोट नहीं देगी, तब तक बलिया की तस्वीर नहीं बदलेगी।








