पेट परीक्षा को लेकर सीएम योगी अलर्ट : वाराणसी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को दिये निर्देश
गोरखपुर में PET-2026 की तैयारी तेज, 52 केंद्रों पर 1.39 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा; सुरक्षा से लेकर परिवहन तक प्रशासन अलर्ट
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के अधिकारियों के साथ परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि नकल, अव्यवस्था या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। गोरखपुर में परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
गोरखपुर में 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए जिले में 52 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। तीन दिनों में छह पालियों में कुल 1,39,248 अभ्यर्थियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। प्रत्येक पाली में 23,208 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों और ठहरने के स्थानों पर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, कक्ष निरीक्षक और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रखने, निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद वापस भेजने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इसके लिए आवश्यक वाहनों, मजिस्ट्रेट और पुलिस एस्कॉर्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का प्रशिक्षण और उनके पहचान पत्र तैयार रखने को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध सूचना की जांच कर उसके अनुसार कार्रवाई करने और स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया। परीक्षा के दौरान नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल का मामला सामने आने पर तत्काल विधिक कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित न हो।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और रैन बसेरों का डीएम-एसएसपी ने किया निरीक्षण
परीक्षा की तैयारियों के बीच जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने शनिवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और नगर निगम के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां मौजूद अभ्यर्थियों से बातचीत कर उनके आने-जाने, ठहरने और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परीक्षार्थियों को भरोसा दिलाया कि परीक्षा के दौरान किसी समस्या पर प्रशासन और पुलिस से सहायता ली जा सकती है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखें। रैन बसेरों में साफ-सफाई और जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए तथा जरूरतमंद अभ्यर्थियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। पुलिस को सार्वजनिक स्थलों पर सतर्क निगरानी रखने और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अभ्यर्थियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन और रेलवे विभाग के बीच समन्वय पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसों और ट्रेनों की व्यवस्था करने, रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क स्थापित करने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में परीक्षार्थियों की मदद करने के निर्देश दिए। टैक्सी, बस और टेंपो संचालकों के साथ समन्वय कर निर्धारित किराया लेने की व्यवस्था पर ध्यान देने को भी कहा गया है, ताकि परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें। परीक्षा की निर्धारित तिथियों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए ऊर्जा विभाग को तैयारी रखने और स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा स्टाफ व जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति पैदा होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। नगर निगम और स्थानीय निकायों को परीक्षा केंद्रों के आसपास सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित दरों पर निगरानी करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में भी अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। इसमें एडीजी जोन राम कुमार, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, अपर आयुक्त अजय राय, एडीएम सिटी एवं परीक्षा के नोडल अधिकारी गजेंद्र कुमार तथा अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहे। वहीं, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों के निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी निमिष पाटिल, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी कैंट/अपराध अरुण कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन की तैयारी है कि परीक्षा के सभी छह सत्रों में सुरक्षा, यातायात और अभ्यर्थियों की सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के पहुंचने को देखते हुए परीक्षा केंद्रों की निगरानी, नकल पर रोक, सुरक्षित आवागमन और समय पर सहायता को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी समस्या की जानकारी मिलते ही उसका समाधान किया जाए, ताकि अभ्यर्थी बिना अनावश्यक बाधा के परीक्षा दे सकें।








