Breaking News

जिला अस्पताल में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का औचक निरीक्षण, इमरजेंसी में एसी, डॉक्टरों की भर्ती और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश

 





गोरखपुर।। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक शनिवार दोपहर करीब दो बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय पहुंचे और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का औचक निरीक्षण किया। इससे पहले एयरपोर्ट पर सांसद रवि किशन शुक्ला और भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। जिला अस्पताल पहुंचते ही उपमुख्यमंत्री सीधे इमरजेंसी और जनरल वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीजों से संवाद के दौरान उन्होंने आत्मीयता दिखाई और चिकित्सकों से कहा कि इलाज के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी उतना ही जरूरी है।


निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल में साफ-सफाई, दवा वितरण व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से पूछा कि कहीं बाहर से दवाएं तो नहीं लिखी जा रहीं और इलाज समय पर मिल रहा है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे।


इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण करते समय उपमुख्यमंत्री ने वहां अत्यधिक गर्मी और उमस महसूस की। मरीजों की असुविधा देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि आपातकालीन वार्ड में इलाज कराने आने वाले मरीजों को ऐसी परिस्थितियों में नहीं रखा जा सकता। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अस्पताल प्रशासन को तत्काल नए एयर कंडीशनर लगाने के निर्देश दिए तथा कहा कि व्यवस्था जल्द से जल्द दुरुस्त कर इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।


निरीक्षण के दौरान अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा भी सामने आया। इस पर उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए केवल शासन स्तर की प्रक्रिया का इंतजार न किया जाए। स्थानीय स्तर पर वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित कर आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों के इलाज पर किसी प्रकार का असर न पड़े।


उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति का आयुष्मान गोल्डन कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाए। उनका कहना था कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, इसलिए पात्र लाभार्थी किसी भी स्थिति में इस सुविधा से वंचित नहीं रहने चाहिए।


शनिवार सुबह हुई बारिश के कारण अस्पताल परिसर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के आसपास जलभराव की स्थिति पर भी उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी स्थान पर बार-बार पानी भरने की समस्या होती है तो उसका स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


अस्पताल निरीक्षण पूरा करने के बाद उपमुख्यमंत्री ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधन, चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सरकारी अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त दवाएं, आधुनिक जांच सुविधाएं, समय पर उपचार और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही या मरीजों के साथ किसी प्रकार की बदसलूकी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय के चिकित्सक तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।