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सोलर बना दुखदायी, बिजली विभाग ने जबरदस्ती दूना लोड बढ़ायी, जनता करें चित्कार, अधिकारी करें आराम की पगुराई

 


 सोलर बना दुखदायी, बिजली विभाग ने जबरदस्ती दूना लोड बढ़ायी, जनता करें चित्कार, अधिकारी करें आराम की पगुराई

मधुसूदन सिंह 

बलिया।। अभी देश की जनता E20 पेट्रोल की मार से कराहना शुरू ही की थी कि उत्तरप्रदेश के बिजली विभाग ने अपने उपभोक्ताओं पर ऐसी मार की है कि उपभोक्ता उफ्फ़ तक नहीं कर पा रहे है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्ट पेड स्मार्ट मीटर मे बदलने के बाद भी फर्जी अत्यधिक बिल से उत्तरप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। जब से वर्तमान ऊर्जा मंत्री व पूर्व आईएएस अधिकारी श्री एके शर्मा जी ऊर्जा मंत्री बने है तब से उपभोक्ताओं पर जैसे खून चूसने वाली मशीन लगा दी गयी है। ऐसा कोई नया काम नहीं है जो शुरू होते ही सरकार के लिये सिरदर्द न बन जाता हो।

बिना सर्टिफिकेशन के प्रीपेड स्मार्ट मीटर जबरिया उपभोक्ताओं के घरों मे लगा दिया गया। परिणाम यह हुआ कि जिसका बिल 500 का आता था उसका 2000 रूपये पहुंच गया। यही नहीं मीटर के माइनस होते ही कभी भी बिजली काट दी जाती थी। बवाल बढ़ा, विद्युत उपभोक्ता संघ ने जब कानूनी जंग छेड़ी तो बिजली विभाग बैकफुट पर आया और प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्ट पेड स्मार्टमीटर मे बदल दिया। उपभोक्ताओं ने आशंका व्यक्त की थी कि पोस्ट पेड होने के बाद भी फर्जी बिल से निजात नहीं मिलेगी, जो जुलाई माह मे आये बिल से प्रमाणित हो गया। जिस उपभोक्ता के द्वारा 250-300 यूनिट बिजली प्रतिमाह खर्च की जा रही थी, उसकी खपत जुलाई माह मे दुगने से ज्यादे हो गयी है। यही नहीं बिजली विभाग ने सबका लोड बिना बताये डबल कर दिया है।

सोलर लगाने वाले सबसे ज्यादे परेशान 

बिजली बिल शून्य करने के झांसे मे आकर सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादे मार पड़ी है। जिस उपभोक्ता के घर सोलर लगाने से पहले 3 किलोवाट का भार क्रॉस नहीं होता था और बिल 3हजार के आसपास आता था, उसका बिल इस बार 10 हजार तक आ गया। यही नहीं सबका लोड भी डबल हो गया है और सोलर यूनिट भी नहीं चढ़ी है। ऐसा लगता है कि गुजरात कैडर के कुशल आईएएस अधिकारी श्री शर्मा जी, उत्तरप्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियो व कर्मचारियों की नब्ज आ तक नहीं समझ पाये है। शायद आज भी श्री शर्मा जी एक जन नेता की जगह, प्रशासनिक अधिकारी के रूप मे ही ज्यादे सोचते है। अगर ऐसा नहीं होता तो ये कोई भी नई योजना लाने से पहले कुछ चुनिंदा जगहों पर लगाकर इसका परिणाम देखते, सफल होने पर पूरे प्रदेश मे लागू करते, कोई हंगामा नहीं होता। लेकिन यहां तो पहले लगाया जा रहा है, फिर हंगामा कराया जा रहा है, फिर पलटी मारते हुए बदलना। ऊर्जा मंत्री जी अगर इसी तरह से आप उपभोक्ताओं पर प्रयोग कराते रहे तो 2027 मे इसका खामियाजा सरकार को भुगतना न पड़े।

               उदाहरण फर्जी बिल का 

मै फर्जी बिल का शिकार स्वयं हुआ हूं। मेरी उपभोक्ता संख्या 8599833160 है। पिछले दिसंबर से मई 2026 तक का मेरा बिल इतिहास और डिमांड निम्न थी.....


जब मेरी डिमांड कभी भी स्वीकृत लोड से अधिक नहीं रही है, 4 kw से हमेशा कम रही है तो मेरा लोड किस आधार पर 7.36 kw किया गया है। यह जानने का मेरा वैधानिक हक है।

इस बार का जो बिल आया है, उसका डिटेल देखिये, जब मैंने मई माह मे 3 kw का सोलर लगाया है 





जबतक मेरे घर पुराना वाला स्मार्ट मीटर लगा था तब तक मुझे किसी भी बिल मे शिकायत नहीं थी। लेकिन जब से मेरे घर सोलर लगने के बाद पोस्टपेड स्मार्ट नेट मीटर लगा गया है, पहले ही बिल ने मेरा होश उड़ा दिया है। यही नहीं बिजली विभाग बिल जारी करने मे इतना सुपर फ़ास्ट है कि सोलर की यूनिट चढ़ाना ही भूल गया है। यह केवल एक व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, यह मेरे आसपास के सभी लोगों की है और जिन लोगों ने बिल शून्य करने के लिये सोलर लगाया है, वो तो सबसे ज्यादे परेशान है। पौने दो लाख रूपये भी लगे और लोड भी दूना हो गया, इससे ख़राब दिन तो और नहीं हो सकते है।

बलिया एक्सप्रेस ऐसे तमाम बिजली उपभोक्ताओं से अनुरोध करता है, जिनका लोड बढ़ा दिया गया है और बिल अधिक आ गया है, वे बलिया एक्सप्रेस के मोबाइल नंबर 8318958506 पर व्हाट्सअप के माध्यम से अपनी शिकायत भेज सकते है। बलिया एक्सप्रेस आपकी आवाज बनकर आपके बिल को सही कराने मे सहयोग करेगा और कुम्भकर्णी निद्रा मे सोये अधिकारियों के यहां आपकी आवाज बनकर घंटा बजाने कर जगाने का काम करेगा।