हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ और जेएनसीयू ने किया संगोष्ठी का आयोजन, प्रशासनिक भवन मे हुआ लिफ्ट का लोकार्पण
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भाषा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर हुआ गंभीर विमर्श
हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर शनिवार को जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में 'हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष: भाषा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण' विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। हिन्दी एवं पत्रकारिता विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की बलिया इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति ने हिन्दी पत्रकारिता के गौरवमय अतीत का वर्णन करते हुए उसके वर्तमान स्वरूप का दिग्दर्शन कराया। कहा कि हिन्दी भाषा, भारत राष्ट्र और संस्कृति के निर्माण में हिन्दी पत्रकारिता का अतुलनीय योगदान रहा है। आरंभ से ही हिन्दी पत्रकारिता का मुख्य स्वर जनपक्षधरता रहा है, आज भी है, आगे भी रहेगा ऐसी उम्मीद जताई। मीडिया के साथियों का आह्वान किया कि वे पत्रकारिता के आदर्शों को अक्षुण्ण बनाये रखते हुए राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें।
पत्रकारिता दिवस समारोह में कुलपति ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं, एमजेएमसी पाठ्यक्रम शुरू करने का दिया आश्वासन
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में आयोजित पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला ने विश्वविद्यालय के समग्र विकास एवं पत्रकारिता शिक्षा को सुदृढ़ करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं वित्त अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. सुनील कुमार ओझा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ एवं असिस्टेंट प्रोफेसर, अमरनाथ मिश्र पी.जी. कॉलेज दुबेछपरा ने मूल्यांकन कक्ष में परीक्षकों की सुविधा हेतु कूलर लगाए जाने पर कुलपति का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने आगामी वर्षों में मूल्यांकन कार्य को वातानुकूलित कक्ष में संपन्न कराने की मांग भी रखी।
डॉ. ओझा की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कुलपति प्रो. शुक्ला ने सहर्ष स्वीकार किया कि अगले वर्ष से मूल्यांकन कार्य वातानुकूलित कक्ष में ही होगा। कुलपति की इस घोषणा का उपस्थित पत्रकारों एवं शिक्षकों ने करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को प्रदेश के उच्च श्रेणी के विश्वविद्यालयों में स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों तथा नवीन पाठ्यक्रमों को शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी शिक्षा को विश्वविद्यालय से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा ताकि बलिया एवं आसपास के जनपदों के विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। पत्रकारों द्वारा विश्वविद्यालय में एमजेएमसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की मांग पर भी कुलपति ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वस्त किया कि पत्रकारिता शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार और समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों के हित में हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उनकी घोषणाओं और आश्वासनों से उपस्थित पत्रकारों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
जुलाई से दो बसें चलायेगा विश्वविद्यालय
कुलपति प्रो नरेंद्र कुमार शुक्ला ने घोषणा किया कि आगामी जुलाई माह से विश्वविद्यालय दो बसों को खरीद कर अपने छात्रों के लिये संचालित करेगा। कहा कि विश्वविद्यालय तक आने जाने के लिये आवागमन का साधन उपलब्ध नहीं होने से यहां पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को आने जाने मे बहुत कठिनाई होती है। छात्रों को इस परेशानी से बचाने और आगामी सत्र मे अधिक से अधिक प्रवेश को ध्यान मे रख कर यह निर्णय किया गया है।
पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने "हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भाषा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण" विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, उसकी सामाजिक भूमिका तथा राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में उसके योगदान का विश्लेषण प्रस्तुत किया।
हिंदी पत्रकारिता का इतिहास है,भारतीय समाज की जागृति, स्वतंत्रता चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा का इतिहास
डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास केवल समाचारों के प्रकाशन का इतिहास नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज की जागृति, स्वतंत्रता चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा का इतिहास है। उन्होंने बताया कि हिंदी पत्रकारिता ने भाषा को जनभाषा के रूप में स्थापित करने, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनमत तैयार करने तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने हिन्दी भाषा के निर्माण में पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित किया। महावीर प्रसाद द्विवेदी और सरस्वती पत्रिका के योगदान के महत्त्व को बताया।
उन्होंने अपने व्याख्यान में हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते समय में पत्रकारिता के स्वरूप और माध्यमों में परिवर्तन अवश्य हुआ है, लेकिन उसके मूल मूल्य—सत्य, निष्पक्षता और जनसरोकार—आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए नई पीढ़ी से सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों के साथ पत्रकारिता करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता के विचारों को उपस्थित शिक्षकों, पत्रकारों एवं विद्यार्थियों ने अत्यंत गंभीरता से सुना तथा उनकी प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता की ऐतिहासिक यात्रा, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर भी सार्थक चर्चा
प्रतियोगी परीक्षाओं मे महती भूमिका निभाती है हिंदी पत्रिकायें व अखबार
वित्त अधिकारी आनंद दूबे ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में हिंदी पत्र- पत्रिकाओं के योगदान को रेखांकित किया। श्री दूबे ने यह बताया कि कैसे उन्होंने हिंदी अखबारों व पत्रिकाओं की मदद से परीक्षा मे सर्वोच्च अंक हासिल किया। श्री दूबे ने सभी पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें प्रेषित की।
कुलसचिव एस एल पाल ने पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों का अभिवादन किया और उनके महत्त्व को रेखांकित किया। गणेश तिवारी ने कहा कि पत्रकारों को अपने मूल्यों के संरक्षित रखने के साथ पीत पत्रकारिता से बचकर रहने की आवश्यकता है।
पत्रकारों के सहयोग के लिये दो योजनाएं हुई है शुरू
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष मधुसूदन सिंह ने अपने सम्बोधन मे 200 साल के हिंदी पत्रकारिता के सफर को बताते हुए कहा कि आज हम सब गर्व कर रहे है कि हिंदी पत्रकारिता और अखबार पूरे विश्व मे सर्वाधिक पढ़े जाते है। पिछले दिनों मे जहां हिंदी पत्रकारों को दोयम दर्जे का समझा जाता था, वह दौर गुजर गया है, अब हिंदी पत्रकार को अव्वल दर्जा प्राप्त हो गया है। श्री सिंह भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा अपने सदस्यों की बेटियों की शादी मे सहयोग के लिये नेवता योजना और दुर्घटना मे घायल होने पर इलाज योजना, व दुर्घटना मे मृत्यु होने पर आश्रितों को सहयोग, योजना को विस्तार से बतलाया। श्री सिंह ने आह्वान किया कि साथियों आप निर्भीक पत्रकारिता कीजिये, महासंघ आपके साथ हर समय खड़ा है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील ओझा ने, विषय प्रवर्तन विनय कुमार ने, स्वागत बागीश कुमार पांडेय ने और धन्यवाद ज्ञापन अशोक कुमार सिंह ने किया।
पत्रकार और शिक्षकों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर उपस्थित सभी पत्रकारों व शिक्षक गणों को कुलपति प्रो नरेंद्र कुमार शुक्ला, कुलसचिव एस एन पाल, वित्त अधिकारी आनंद दूबे, भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन सिंह व प्रांतीय संरक्षक अशोक सिंह ने सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों.....
डॉ प्रियंका सिंह (समाज शास्त्र विभाग ) कुलानुशासक, डॉ छबिलाल (राजनीति विभाग ), डॉ गुंजन (अर्थशास्त्र विभाग ), डॉ लाल विजय सिंह (कृषि विभाग ), डॉ शैलेन्द्र सिंह (आधुनिक इतिहास विभाग ), डॉ विनीत कुमार सिंह (प्राचीन इतिहास ), डॉ विनय कुमार (पत्रकारिता एवं संचार विभाग ), अभिषेक कुमार पांडेय (जेएनसीयू ), भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के संरक्षक अशोक कुमार सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष सुशील कुमार मुन्ना ठाकुर, प्रांतीय प्रभारी महिला मोर्चा कंचन सिंह, प्रांतीय कोषाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, डॉ सुनील कुमार ओझा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, शामिल थे।
इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की बलिया इकाई के जिला महासचिव शशि कुमार,सदर तहसील अध्यक्ष कृष्ण कांत पांडेय, अध्यक्ष बेल्थरा तहसील अभयेश मिश्रा, संदीप कुमार गुप्ता, मनोज राय, राजकुमार यादव, विक्की कुमार गुप्ता, सुनील सेन दादा,अशोक सिंह, जितेंद्र कुमार, मुहम्मद अहमद हुसैन (जमाल ), बागीश कुमार पांडेय (महासचिव बेल्थरा ), डॉ अजय कुमार पांडेय, गणेश कुमार तिवारी, के के उपाध्याय, दुर्गेश कुमार तिवारी, राजकुमार दूबे, रविशंकर प्रसाद,आदि का भी मंच से सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कुलपति, कुलसचिव व वित्त अधिकारी को किया गया सम्मानित
मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्चन के बाद कुलपति प्रो नरेंद्र कुमार शुक्ला, कुलसचिव एसएन पाल, वित्त अधिकारी आनंद दूबे, प्रांतीय अध्यक्ष मधुसूदन सिंह, प्रांतीय संरक्षक अशोक सिंह, प्रांतीय प्रभारी कंचन सिंह आदि ने दीप प्रज्वलित कर और चंद्रशेखर जी के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।
कुलपति प्रो नरेंद्र कुमार शुक्ला, कुलसचिव एसएन पाल, वित्त अधिकारी आनंद दूबे का भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के सदस्यों द्वारा माला पहनाने के बाद सम्मान पत्र देकर और अंगवस्त्रम से सम्मानित किया।
प्रशासनिक भवन मे हुआ लिफ्ट का लोकार्पण
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन मे हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर लिफ्ट का लोकार्पण कुलपति प्रो नरेंद्र कुमार शुक्ला द्वारा नारियल फोड़कर, व फीता काट कर किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव एसएन पाल, वित्त अधिकारी श्री आनंद दूबे भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष मधुसूदन सिंह, प्रांतीय संरक्षक अशोक सिंह, प्रो प्रमोद शंकर पांडेय, प्रो प्रियंका सिंह, डॉ विनय कुमार आदि लोग भी मौजूद रहे।







































