Breaking News

... तो क्या डिमांड पूरी होने पर थानाध्यक्ष उभाँव ने दर्ज की थी एफआईआर? पीड़िता के वायरल ऑडियो से उठ रहा है सवाल

 



बेल्थरारोड बलिया।। यौन उत्पीड़न का मुकदमा करने वाली पीड़िता को यह नहीं पता था कि वह जिस जगह सुरक्षा व न्याय की आस लेकर जा रही है, उसकी चाहरदीवारी के अंदर भी हवस के भेड़िये भेष बदल कर बैठे हुए है। 8 माह तक मंदिर मे शादी के बाद यौन उत्पीड़न झेलने वाली पीड़िता को तब और गहरा धक्का लगा जब थानाध्यक्ष संजय शुक्ला ने मुकदमा लिखने की क़ीमत एक रात हम विस्तर होने की मांग कर डाली। दूसरा धक्का इसको क्राइम इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार मलिक से लगा। श्री मलिक ने भी चार्ज शीट लगाने के लिये एक रात हम विस्तर की मांग कर डाली। श्री मलिक ने इसके लिये 20 हजार तक देने की भी बात कह डाली। अब जब मलिक को निलंबित कर दिया गया है तो सबकी निगाह अब थानाध्यक्ष संजय शुक्ला के खिलाफ होने वाली कार्यवाही पर टिक गयी है।



वायरल ऑडियो व वीडियो दोनों मे पीड़िता ने थानाध्यक्ष श्री शुक्ला पर भी आरोप लगाया है। वायरल ऑडियो मे क्राइम इंस्पेक्टर श्री मलिक से बातचीत मे पीड़िता ने कहा है कि यही डिमांड तो मुकदमा लिखने के लिये थानाध्यक्ष संजय शुक्ला भी किये थे। इसी एक लाइन से सवाल पैदा कर दिया है कि क्या पीड़िता का मुकदमा संजय शुक्ला ने डिमांड पूरी होने के बाद लिखी थी। थानाध्यक्ष और क्राइम इंस्पेक्टर का यह घिनौना चेहरा बलिया पुलिस के चेहरे को दागदार बना दिया है। क्राइम इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद अगर संजय शुक्ला पर कार्यवाही नहीं होती है तो बलिया पुलिस के चरित्र पर जो दाग लगा है, वह और गहरा हो सकता है। अब देखना है कि पुलिस अधीक्षक इस पर क्या कार्यवाही करते है?