फाइलेरिया रोगियों को प्रदान की गई एमएमडीपी किट
●प्रशिक्षण के माध्यम से फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल के प्रति किया जागरूक
● सहयोगी संस्थाओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
बलिया,6 अप्रैल 2026।।जनपद में सोमवार को दुबहड़ ब्लॉक के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर जनाड़ी पर स्वास्थ्य विभाग ने रुग्णता प्रबंधन कैम्प आयोजित कर 15 फाइलेरिया रोगियों को प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही फाइलेरिया प्रभावित अंगो की रुग्णता प्रबंधन के लिए एमएमडीपी किट प्रदान की गयी। इस कार्यक्रम में CHO-PSP सदस्यों और सहयोगी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
प्रशिक्षण में सहायक मलेरिया अधिकारी सुजीत प्रभाकर ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर जनित रोग है। यह मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसे लिम्फोडिमा (हाथी पांव) भी कहा जाता है। इसके प्रभाव से पैरों व हाथों में सूजन, पुरुषों मे हाइड्रोसील (अंडकोष में सूजन) और महिलाओं में स्तन में सूजन की समस्या आती है। यह बीमारी न सिर्फ व्यक्ति को दिव्यांग बना देती है बल्कि इस वजह से मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। शुरू में डॉक्टर की सलाह पर दवा का सेवन किया जाए तो बीमारी को बढ़ने से रोक सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आस- पास व अंदर साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और समय-समय पर रुके हुए पानी में कीटनाशक, जला हुआ मोबिल ऑयल, डीजल का छिड़काव करते रहें।
कैम्प में फाइलेरिया प्रभावित अंगों के रुग्णता प्रबंधन का अभ्यास कराया गया और इससे बचने के लिए एमडीए अभियान के दौरान दो वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को दवा का सेवन करने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई एवं बताया गया कि दवा के सेवन से फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है। फाइलेरिया के मरीजों को प्रभावित अंग की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए, जिससे किसी प्रकार के संक्रमण से मरीज न प्रभावित हो। इस अवसर पर CHO-PSP सदस्य, आशा,पाथ संस्था के जिला समन्वयक अरुण कुमार,सी-फार संस्था के जय प्रकाश तिवारी उपस्थित रहे ।







