ईरान अमेरिका इजराइल युद्ध : भारतीय टीवी चैनलों मे युद्ध की कवरेज करने की लगी होड़, देश की समस्या हुई चैनलों से गायब
ऐपस्टिन फाइल गायब, पलटू चाचा का पलटना गायब, यूजीसी का विरोध गायब, गोरक्षा यात्रा की कवरेज गायब
मधुसूदन सिंह
बलिया।। 28 फ़रवरी 2026 से शुरू हुए ईरान पर अमेरिका व इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद भारतीय टीवी चैनलों से देश की समस्याओं का दिखना ही बंद हो गया है। जब टीवी खोलिये आपको भीषण युद्ध की कवरेज की एक्सक्लुसिव दिखाने की होड़ दिखेगी। इस होड़ मे एक चैनल ने तो बुर्ज खलीफा पर हमले की लाइव फुटेज भी दिखा दी है जबकि ऐसा कुछ हुआ ही नही है।
अरे भाई ईरान अमेरिका इजराइल मे युद्ध चल रहा है और इसकी जानकारी हम लोगों को होनी चाहिये लेकिन दिनभर मे तीन चार बार बहुत है। आप लोग तो चौबीस घंटे मे 23 घंटे इसी को दिखा रहे हो, क्या हमारे देश मे खबरों का अकाल पड़ गया है? क्या देश मे कोई और समस्या ही नही है जिसको दिखाया न जाय? क्या हमारी राष्ट्रपति की कोलकाता यात्रा मे सुरक्षा संबंधी कुछ चूक हुई, वह सिर्फ पट्टी चला कर दिखाने वाली घटना है?बजट सत्र के दौरान जिस अप्सटीन फाइल के चलते हंगामा होता रहा, उसकी खबर कहां है?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उर्फ़ पलटू चाचा ने एक बार फिर पलटी मारते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ राजयसभा सदस्य बनने जा रहे है, ऐसा क्यों हो रहा है, चर्चा का विषय और दिखाने लायक समाचार नही है? परिवार वाद का विरोध हमेशा नाक पर लेकर चलने वाली बीजेपी और इसके वरिष्ठ नेता, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नीतीश कुमार द्वारा अपने पुत्र को राजनीति मे लाकर सीधे सत्ता मे बैठाने की घोषणा को परिवार वाद नही मानते है? सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार के पुत्र सीधे उप मुख्यमंत्री बनेंगे, क्या यह परिवार वाद को बढ़ाने की घटना नही है? इस पर डिबेट नही होनी चाहिये?
हमारे देश की राष्ट्रपति कोलकाता दौरे पर जाती है और उनके प्रोटोकॉल को नजरअंदाज कर दिया जाता है, उनकी सुरक्षा पर खतरा की संभावना बढ़ जाती है लेकिन हमारे चैनल पट्टी चलाकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर लेते है। क्या हमारे राष्ट्रपति की सुरक्षा, ईरान अमेरिका इजराइल युद्ध से छोटी है? नार्थ ईस्ट के दौरे पर पीएम मोदी की जहाज मे तकनीकी खराबी के कारण एमरजेंसी लैंडिंग, बड़ी घटना नही है? क्या इसको चैनलों ने प्रमुखता से चलाया है? यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्या के हेलीकाप्टर मे धुआँ भरने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ी खबर नही है?
क्या हिंदुस्तानी चैनलों ने हिंदुस्तानी आवाम को बेवकूफ समझ लिया है और यह सोच रहे है कि हम जो दिखाएंगे उसको जनता मजबूरन देखेगी ही, यह सोच गलत है। मेरी हिंदुस्तानी चैनलों से विनती है कि युद्ध की खबरों को दिखाइये लेकिन कुछ देर के लिये, पूरे दिन देश की जनता का समय मत ख़राब कीजिये।








