बलिया मे प्राइवेट चिकित्सकों का फूटा गुस्सा : अपूर्वा नर्सिंग होम सीज होने पर नगर मजिस्ट्रेट से किया जबरदस्त विरोध, डीएम ने दिया आश्वासन
मधुसूदन सिंह
बलिया।। जनपद के पंजीकृत नर्सिंग होम्स एसोसिएशन व आईएमए से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सकों ने शहर के अपूर्वा नर्सिंग होम के सीज होने की कार्यवाही के दौरान जमकर हंगामा काटा। इन चिकित्सकों ने एडिशनल सीएमओ व इनकी टीम और नगर मजिस्ट्रेट से जमकर बहसबाजी की। कुछ देर तो नगर मजिस्ट्रेट की गाड़ी के सामने खड़े होकर गाड़ी को जाने से ही रोक दिया। इस दौरान शहर कोतवाल के नेतृत्व मे स्थानीय पुलिस पूरे संयम और सतर्क निगाहो से पूरे घटना क्रम को देखती रही।सीलिंग की कार्यवाही के बाद रात के लगभग दस बजे चिकित्सकों का समूह जिलाधिकारी आवास पहुंचा। कहा इनके प्रतिनिधि मंडल के साथ जिलाधिकारी ने सीएमओ की मौजूदगी मे वार्ता की और पूरे प्रकरण को कल कागजात मांगकर देखने का भरोसा दिया। डॉ वीके गुप्ता ने कहा कि जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जबतक अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त नही हो जाता तब तक सीलिंग नही होनी चाहिये।
सीएमओ द्वारा गठित जांच टीम की महिला अधिकारी के व्यवहार पर रोष
नर्सिंग होम्स, डॉक्टर्स व झोलाछाप की जांच करने के लिये बनायीं गयी टीम की महिला सदस्य डिप्टी सीएमओ डॉ मंजू रानी के द्वारा जांच के दौरान रजिस्टर्ड चिकित्सकों द्वारा किये जा रहे अपमान का भी मुद्दा चिकित्सकों ने जोरशोर से उठाया। कहा कि ये जानबूझ कर योग्य चिकित्सकों का अपमान कर रही है।
डॉ मंजू रानी जांच के समय अस्पताल संचालकों का करा रही है मीडिया ट्रायल
सीएमओ द्वारा गठित जांच टीम द्वारा जांच के समय मीडिया को साथ लेकर जांच करने के तरीके को संचालकों को मीडिया ट्रायल से परेशान करने वाला बताया है। इनका कहना है कि डॉ मंजू रानी द्वारा मीडिया के सामने चिकित्सकों का किया जा रहा अपमान अब बर्दाश्त नही किया जायेगा। जांच से परहेज नही, टीम द्वारा अगर रिकॉर्डिंग किया जा रहा है, उससे भी परहेज नही है। लेकिन अगर टीम मीडिया को साथ लेकर जांच करेगी और डॉ मंजूरानी इसी तरह व्यवहार करेंगी तो उसका विरोध होगा।
जांच करें, रिपोर्ट सीएमओ को दे और सीएमओ ऑफिस मे दे बयान
डॉक्टर्स का कहना था कि जांच टीम जांच करें, रिपोर्ट बनाकर सीएमओ साहब को सौपे। अगर उनको कोई बयान ही देना है तो सीएमओ कार्यालय पर मीडिया को बुला कर दे, जांच स्थल पर बयानबाजी सही नही है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का बलिया मे हो रहा है खुला उलंघन
नर्सिंग होम एसोसिएशन के चिकित्सकों का कहना था कि किसी भी अस्पताल को सीज करने के लिये माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दे रखा है। इसमें साफ लिखा है कि जबतक सीएमओ द्वारा गठित जांच टीम अपनी रिपोर्ट नही दे देती तब तक किसी चिकित्सक के ऊपर न तो मुकदमा लिखा जा सकता है और न ही अस्पताल को सीज किया जा सकता है। मुकदमा भी रिपोर्ट मे दर्शायी गयी कमियों के आधार पर लिखा जा सकता है, तहरीर के आधार पर नही।
भीड़ के दबाव मे हुआ हत्या का मुकदमा गलत
अपूर्वा नर्सिंग होम के चार चिकित्सकों के ऊपर दर्ज हत्या के मुकदमा को सरासर गलत बताते हुए और नर्सिंग होम को सीज करने को असंवैधानिक करार देते हुए चिकित्सकों ने साफ कहा कि अगर चिकित्सकों पर से दर्ज हत्या का मुकदमा हटाया नही जाता है और सीलिंग की कार्यवाही बंद नही होती है तो हम लोग सभी प्राइवेट अस्पतालों को बंद करने को विवश हो जायेंगे। कहा कि भीड़ के दबाव मे अगर इसी तरफ से डॉक्टर्स का उत्पीड़न बंद नही होता है तो हम लोग पेन डाउन हड़ताल कर देंगे।








