कर्तव्य पथ से अंतिम विदाई: सड़क हादसे में दरोगा संतोष पासवान का निधन, पुलिस लाइन में नम आंखों से दी गई सलामी
गोरखपुर।। गोरखपुर पुलिस महकमे ने अपने एक समर्पित अधिकारी को सड़क दुर्घटना में खो दिया। रामगढ़ताल थाने में तैनात उपनिरीक्षक संतोष पासवान का ड्यूटी से लौटते समय हुए हादसे में निधन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे विभाग में शोक की गहरी लहर दौड़ गई और साथियों के बीच स्तब्धता का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार संतोष पासवान एक प्रकरण में कार्रवाई करने के बाद टीम के साथ वापस आ रहे थे। महराजगंज जनपद की सीमा के भीतर श्यामदेउरवा क्षेत्र में उनकी गाड़ी अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में वे बुरी तरह घायल हुए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कर्तव्य से लौटते समय हुई इस दुर्घटना ने पुलिस परिवार को भीतर तक झकझोर दिया।
दिवंगत अधिकारी का पार्थिव शरीर गोरखपुर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन लाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ और अन्य अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त वातावरण में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। औपचारिक सलामी के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की आंखें नम दिखाई दीं और माहौल बेहद भावुक हो उठा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि संतोष पासवान अपने दायित्वों के प्रति सजग और निष्ठावान अधिकारी थे। उन्होंने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में धैर्य और साहस का परिचय दिया। उनका असमय जाना विभाग के लिए बड़ी क्षति है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में पुलिस विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके परिवार के साथ खड़ा रहेगा और हर संभव सहयोग सुनिश्चित करेगा।
सहकर्मियों के मुताबिक वे व्यवहार कुशल और टीम भावना से कार्य करने वाले अधिकारी थे। कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखना उनकी विशेषता थी। उनके अचानक निधन से न सिर्फ विभाग बल्कि उन्हें जानने वाले सभी लोग शोकाकुल हैं।
रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की कामना की। पुलिस परिवार ने उन्हें अंतिम नमन करते हुए कहा कि उनकी सेवाएं और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेंगे।






