अरे यह तो ब्लैकमेलर निकली रिवाल्वर वाली छोरी :जन्मदिन की शाम से शुरू हुई घटना, जांच में खुलती जा रही परतें
गोरखपुर...
गोरखपुर।। शहर में 20 जनवरी की शाम एक जन्मदिन समारोह के दौरान हुए गोलीकांड ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। प्रारंभ में यह घटना युवक-युवती के बीच हुए विवाद के रूप में सामने आई, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसके कई नए पहलू उजागर होते चले गए।
जानकारी के अनुसार, सिंघड़िया मोड़ के पास एक दुकान के बाहर जन्मदिन मनाया जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर युवती अंशिका और एक युवक के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर तमंचे को लेकर छीना-झपटी शुरू हो गई, जिसमें अचानक गोली चल गई। गोली युवक के पेट में जा लगी। घायल को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद बदली जांच की दिशा
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने युवती को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। प्रारंभिक पूछताछ में मामला व्यक्तिगत विवाद का प्रतीत हुआ, लेकिन जब पुलिस ने युवती के मोबाइल फोन की जांच की, तो जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद हुए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर यह संकेत मिले हैं कि युवती लंबे समय से लोगों से संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोपों से घिरी रही है। जांच एजेंसियां अब कॉल डिटेल, चैट हिस्ट्री और पैसों के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
पुराने मामलों से भी जुड़े तार
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी सामने आया है कि युवती का नाम पूर्व में दर्ज एक वाहन चोरी और जालसाजी के मामले में भी सामने आ चुका है। उस प्रकरण में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद युवती कुछ समय तक फरार रही थी। वर्तमान घटना के बाद पुराने मामलों को भी नए सिरे से जोड़ा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
घायल युवक के मित्र की तहरीर पर हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। युवती को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि घटना केवल आपसी विवाद थी या इसके पीछे कोई संगठित गतिविधि भी शामिल थी।
फिलहाल, पुलिस की निगाहें डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी हैं, जिनसे इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।



