जाते जाते वायरिंग का एग्रीमेंट कर गये तत्कालीन सीएमओ डॉ संजीव बर्मन, सर्वेश्वरी इलेक्ट्रिक वर्क्स के साथ बिना टेंडर के कर गये एग्रीमेंट, करोड़ों का खेल
मधुसूदन सिंह
बलिया।। जनपद के शार्ट टर्म सीएमओ ने पिछले तीन सालों मे जितना नुकसान पहुँचाया है, उतना शायद ही कभी हुआ होगा। जीरो टोलरेंस का दावा करने वाली सरकार मे नाक के नीचे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए स्वास्थ्य विभाग मे लूट का तांडव मचा हुआ है और इसको रोकने वाला कोई नही है। तत्कालीन सीएमओ डॉ विजय पति द्विवेदी से शुरू हुआ यह खेल डॉ विजय यादव से होते हुए डॉ संजीव बर्मन से डॉ विजय यादव के वर्तमान दौर ने बदस्तूर जारी है।सबकी चहेती फर्म बन गयी है सर्वेश्वरी, आखिर क्यों?
एक तरफ जहां सरकार का सख्त आदेश है कि एक लाख से ऊपर के किसी भी कार्य के लिये टेंडर या जेम पोर्टल के माध्यम से फर्म का चुनाव कर कार्य कराया जाय। लेकिन बलिया के सीएमओ ऐसे है जो इस नियम को जैसे मानते ही नही है। इनका एक मात्र ध्येय अपनी चाहती फर्म को कार्य आवंटित करना बन गया है। अभी सीएमओ पद से दिसंबर 2025 मे हटे डॉ संजीव बर्मन ने अपनी चहेती फर्म सर्वेश्वरी इलेक्ट्रिक वर्क्स वाराणसी को बिना टेंडर के ही आधा दर्जन से अधिक सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों मे बिजली की वायरिंग व कैबलिंग का आदेश बिना किसी टेंडर के देकर चले गये है। डॉ बर्मन ने इस कंपनी के साथ एग्रीमेंट भी साइन कर दिया है। जबकि सूत्रों की माने तो ये कार्य करोड़ों मे कराये जायेंगे। यानि आगामी मार्च मे इसके बजट का भी बारा न्यारा कर दिया जायेगा, ऐसी संभावना विभागीय सूत्रों ने दी है।बलिया एक्सप्रेस के पास डिस्पैच का नंबर व दिनांक मौजूद है।
सर्वेश्वरी वही फर्म है जिसने बिना कार्य कराये ही करोड़ों का भुगतान ले चुकी है और जिलाधिकारी के आदेश पर नगर मजिस्ट्रेट इसकी जांच कर रहे है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है जिस अधिकारी की कलम से करोड़ों का भुगतान हुआ है, जिसकी जांच चल रही है, वही अधिकारी अगर अपनी कुर्सी पर बैठा है और उसी से कागजात मांगे जा रहे है। क्या जो अधिकारी किसी जांच मे फंसा हो, वह अपने खिलाफ जांच मे गोलमाल वाला दस्तावेज जांच टीम को सौपेगा? नगर मजिस्ट्रेट का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगाऊर बांसडीह मे कराये गये ₹1.10 करोड़ के कार्य और भुगतान सम्बंधी फाइल को प्रस्तुत करने के लिये सीएमओ बलिया को दो पत्र जारी किया जा चुका है लेकिन अभी तक पत्रावली नही मिली है। सूच्य हो कि यह भुगतान वर्तमान कार्यवाहक सीएमओ डॉ विजय यादव के द्वारा ही किया गया है। यह भी सूच्य हो कि भुगतान के समय डॉ यादव निर्माण के नोडल के साथ साथ सीएमओ भी थे। यहां बिना पूर्ण कार्य के ही भुगतान हो गया है।



