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डीएम साहब, कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार की भी कर दीजिये औचक निरीक्षण, नकल मिलने मे जनता को हो रही है भारी परेशानी

 




मधुसूदन सिंह 

बलिया।। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह इस समय पूरे रौ मे दिख रहे है और सरकारी कार्यालयों मे औचक निरीक्षण कर कमियों पर सख्त कार्यवाही कर रहे है, जिससे सरकारी विभागों मे हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन जिलाधिकारी कार्यालय की बिल्डिंग मे स्थित अभिलेखागार के जिम्मेदारों को लगता है कि जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से भी इनको भय नही है। तभी तो नकल लेने वालों और मुआयना के लिये आवेदन करने वालों को हफ्तों महिनों फाइल नही मिलने के नाम पर दौड़ाया जा रहा है। जबकि यहां तैनात कार्मिकों के अनुसार अर्जेंट आवेदन पर 24 घंटे मे और साधारण आवेदन पर 48 घंटे मे नकल दे दी जाती है।

लेकिन हकीकत ठीक इसके उल्टा है। 24 घंटे, 48 घंटे मे नकल मिलना, आसमान से तारे तोड़ने जैसा है। हमारी टीम ने इनकी सच्चाई को सबके सामने ही ला दिया। बेल्थरा रोड से एक व्यक्ति 1 सप्ताह पहले आवेदन किये थे लेकिन आजतक इनको नकल नही मिला है। नगवा से आये बुजुर्ग के अनुसार लगभग 1 माह से दौड़ रहा हूं लेकिन अभी तक नकल नही मिल पायी है। इनका यह भी कहना है कि इन्होने मोहर्रिर के जरिये 300 रूपये दिये है और अबतक भाड़े मे लगभग 1 हजार खर्च हो चुका है।

इस संबंध मे जब इसके कार्यवाहक प्रभारी अधिकारी (एडीएम नमामि गंगे इसके प्रभारी )नगर मजिस्ट्रेट से बात की गयी तो इनका कहना कि जिसको भी परेशानी हो, वो मेरे पास आ जाये, मै उनको नकल दिला दूंगा।






सवाल यह नही है कि इसकी शिकायत क्यों नही हुई है, सवाल यह है कि आखिर निर्धारित शेड्यूल के तहत आवेदकों को नकल क्यों नही दी जा रही है? यही नही इसमें तैनात कर्मचारी अक्सर अपनी टेबल से घंटो गायब रहते है। सूत्रों की माने तो आगामी 20 फरवरी को जिलाधिकारी महोदय इस कार्यालय का मुआयना करने वाले है, इस लिये सारी व्यवस्था चाकचौबंद किया जा रहा है।

जिलाधिकारी महोदय से बलिया एक्सप्रेस यह उम्मीद  है कि इस कार्यालय मे फैले भ्रष्टाचार और ग्रामीण अंचलो से आने वाले वादकारियों को दौड़ाने की कार्यशैली पर रोक लगाएंगे और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नकल देने के लिये सख्त आदेश देने का काम करेंगे।साथ ही कार्यालय मे नकल मिलने के चार्टर को भी प्रदर्शित कराने का आदेश लोगों को परेशानी से निजात दिलायेगा।