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बांसडीह विकास खंड में डीएम की सख्ती, लंबित धनराशि शीघ्र खर्च करने का आदेश

 





जर्जर भवनों से लेकर वित्तीय रजिस्टर तक, डीएम ने की गहन समीक्षा

बांसडीह ब्लॉक में व्यवस्थाओं की जांच, रिकॉर्ड संधारण सुधारने को कहा


बलिया।। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को बांसडीह विकास खंड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकासखंड परिसर में साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कई विभागों के भवन जर्जर अवस्था में पाए जाने पर डीएम ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को तत्काल ऐसे भवनों को कंडम घोषित कराने के निर्देश दिए। कार्यालय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अलमारियों में रखी फाइलों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और अभिलेखों के अद्यतन संधारण को सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र और अपात्र लाभार्थियों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन योजनाओं की सूची को भी तत्काल अद्यतन करने को कहा।

जिलाधिकारी ने विकासखंड के गोदामों का भी निरीक्षण किया। गोदामों में अलमारियां, पंखे एवं अन्य उपकरण अनुपयोगी हालत में पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बीडीओ को निर्देश दिया कि अनुपयोगी कबाड़ की सूची तैयार कर उसे नीलाम कर विभागीय कोष में धनराशि जमा कराई जाए। वित्तीय अभिलेखों की जांच के दौरान डीएम ने पांचवें और 15वें वित्त आयोग की धनराशि का ब्योरा मांगा। रजिस्टर के अवलोकन में पाया गया कि पांचवें वित्त में सामूहिक विवाह योजना के लिए 03 लाख 15 हजार रुपये शेष हैं, जिसे तत्काल खर्च/निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। वहीं 15वें वित्त के तहत प्राप्त एक करोड़ 14 लाख रुपये की शेष धनराशि को भी शीघ्र उपयोग में लाने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। निरीक्षण में बीडीओ बांसडीह एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।