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योगी सरकार ने पेश किया 9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट, युवाओं और किसानों के लिए खोला खजाना

 







लखनऊ।। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. 'मिशन रोजगार' और 'महिला सशक्तिकरण' पर केंद्रित इस बजट में सरकार ने विकास की नई रूपरेखा खींचते हुए कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है.

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रस्तुत यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने इसमें शिक्षा को 12.4 प्रतिशत और चिकित्सा को 6 प्रतिशत बजट आवंटित किया है. राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखते हुए सरकार ने युवाओं के लिए 'टेक युवा-समर्थ युवा' और किसानों के लिए मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी है. इस बजट के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश का यह बजट 9 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है. वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब 1,09,844 रुपये हो गई है, जो 2016-17 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है।


 वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर माननीय वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश


●एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गयी है। 

● राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया। 

● अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है। 

● इनमें से, अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउण्ड ब्र्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।

● उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। 

● भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयाँ प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है। 

● उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में ‘‘लीडर श्रेणी’’ की रैंकिंग हासिल हुई है।


*रोजगार*

● पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर वर्ष 2017 से अब तक 1,83,766 पुरूष एवं 35,443 महिला सहित कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गयी है तथा 1,58,000 कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गयी।

● पुलिस विभाग में चयनित किये गये 60,244 आरक्षियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है। अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। 

● मिशन रोजगार के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुये अब तक कुल 8,966 नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया। 

● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने हेतु युवाओं को गारण्टी मुक्त एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा। 

● निवर्तमान मनरेगा योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 20 करोड़ मानव दिवस लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 13 जनवरी, 2026 तक 20 करोड़ 19 लाख 62 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है जो कि देश में सर्वाधिक है तथा 47.11 लाख परिवारों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।


*श्रमिक कल्याण*

● अपने घर, गाँव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिये लेबर अड्डों का निर्माण कराया जायेगा। 

● एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से दिनांक 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रूपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रूपये का भुगतान किया जा रहा है। 

● प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया। 

● रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।


वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश


● हमारे  तेजस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिये अथक परिश्रम किया है, और उनका यह संकल्प है-

               *यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है।*

               *दिया जला के रोशनी कर दूं जहाँ अंधेरा है।।*




● अब मैं वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट एवं उसमें सम्मिलित योजनाओं का संक्षिप्त विवरण इस सम्मानित सदन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगा। 

● वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार   9,12,696.35 करोड़ रूपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रूपये) है जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूँजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। 

● शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिये आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है। 

● 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हंे केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।  

● राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋणदृजीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। ● परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।


● अब मैं वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट एवं उसमें सम्मिलित योजनाओं का संक्षिप्त विवरण इस सम्मानित सदन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगा। 

● वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार   9,12,696.35 करोड़ रूपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रूपये) है जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूँजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। 

● शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिये आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है। 

● 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हंे केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।  

● राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋणदृजीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। ● परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।



*चिकित्सा शिक्षा*


● चिकित्सा शिक्षा के लिये 14,997 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं। 

● वर्तमान में 60 जनपद मेडिकल कालेज की सुविधाओं से आच्छादित हैं। 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कालेजों की स्थापना पी0पी0पी0 पद्धति से की जानी है। 

● राजकीय तथा निजी क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एम0बी0बी0एस0 सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया।  

● राजकीय तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 1,221 थी जिसे बढ़ाकर 4,995 किया गया।

● 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 1023 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● असाध्य रोगों के इलाज के लिये  निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।


*चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण*


● चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिये 37,956 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

● जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है। 

● राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई जो आंगनबाडी केन्द्रों तथा स्कूलों में जा कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। 

● प्रदेश के समस्त जनपदों में दिनाँक 08 दिसम्बर, 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत 03 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलायी गयी। 

● जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है।

● आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है। योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है। 

● एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है। 

● राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग 8,641 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

*आयुष*

● आयुष सेवाओं के लिये लगभग 2,867 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1,585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही 08 आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय, 02 यूनानी मेडिकल कालेज एवं उससे सम्बद्ध चिकित्सालय तथा 09 होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय क्रियाशील हैं। 

● आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में प्रमाणित एवं गुणकारी औषधियों की आपूर्ति की व्यवस्था हेतु प्रदेश में 02 राजकीय औषधि निर्माणशालाएं लखनऊ एवं पीलीभीत में संचालित हैं जिनको सुदृढ़ करते हुये इनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।


*अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास*

● अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिये 27,103 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। 

● मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना हेतु 5,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित हैै।

● स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है। इस योजना हेतु 2,374 करोड रूपये  की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास हेतु 2,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● फॉंरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश हेतु घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।



*सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम*

● सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिये 3,822 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। 

● सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था की रीढ है। लगभग 3.11 करोड लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।

● प्रदेश में एम.एस.एम.ई. उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’’ की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 575 करोड़ रूपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है परन्तु आवश्यकतानुसार इसे बढाया जायेगा। 

● मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

●  ‘‘एक जनपद एक व्यंजन’’ जो एक नई योजना है, के लिये 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।


*खादी एवं ग्रामोद्योग*

●  ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना’’ के अन्तर्गत वर्ष 2026-2027 में 800 इकाईयों को 40 करोड़ रूपये बैंक ऋण से नये उद्यम स्थापित कराकर 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है।

● पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इकाईयों को बैंक ऋण पर ब्याज उपादान की सुविधा हेतु 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● कम्बल उत्पादन केन्द्र, खजनी, गोरखपुर के आधुनिकीकरण की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 07 करोड़ 50 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला के परम्परागत कारीगरों के चहुँमुखी विकास हेतु संचालित माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के लिये 13 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।


*आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स*


● आई.टी.एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिये 2,059 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है। 

● एआई के क्षेत्र में विकास हेतु उत्तर प्रदेश एआई मिशन का आरम्भ किया जा रहा है जिसके लिये 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● इण्डिया एआई मिशन के साथ प्रदेश की 49 आई.टी.आई. को एआई लैब के साथ ही राज्य में एआई सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस तथा इण्डिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना हेतु 32 करोड़ 82 लाख रूपये की व्यवस्था है। 

● साइबर सुरक्षा संचालन केन्द्र की स्थापना की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 95 करोड़ 16 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

● माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है और इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम, और वन एम वन बी जैसी वैश्विक स्तर की कम्पनियाँ एआई प्रशिक्षण में हमारे साथ काम कर रही हैं जिसमें किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों सहित राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

● प्रदेश में 30,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेन्टर पार्क की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।

● अद्यतन 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं जिनमें 6 डाटा सेन्टर पार्क्स और 2 डाटा सेन्टर इकाईयाँ हैं। इससे लगभग 21,342 करोड़ रूपये का निवेश तथा 644 मेगावॉट की क्षमता अर्जित की गयी।

● माननीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में और माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का त्वरित विस्तार हो रहा है। 

● हमारा प्रदेश निकट भविष्य में देश के आईटी हब के रूप में अपनी पहचान निश्चित रूप से बनायेगा-

*सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं।*

               *डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने  में।*


 

*सड़क एवं सेतु*


● सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रूपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्र्गांे के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रूपये तथा सड़कों के निर्माण/ चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण हेतु 3,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण/निर्माण कार्य हेतु 1,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।


*सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग*

● सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिये 18,290 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है।  

● सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा मध्यगंगा स्टेज-2 परियोजना, कनहर सिंचाई परियोजना, केन बेतवा लिंक परियोजना, भौरट बाँध परियोजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्य प्रगति में है। उपरोक्त परियोजनाओं के पूर्ण होने से 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित/पुनर्स्थापित होगी। 

● 2100 नवीन राजकीय नलकूपों के निर्माण तथा डार्कजोन में स्थित 569 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निमाण का कार्य वर्ष 2025-2026 में पूर्ण कर लिया गया है।

● इन कार्यों से लगभग 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी तथा लगभग 1.43 लाख कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। 

● वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 285 बाढ़ परियोजनायंें पूर्ण की गयी जिनसे 49.90 लाख आबादी लाभान्वित हुई। 11,065 किलोमीटर लम्बाई में ड्रेनों की सफाई करायी गयी।

 

*नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति*

● नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान करने के लक्ष्य के सापेक्ष 2.43 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। 

● वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जल जीवन मिशन के समस्त घटकों हेतु लगभग 22,452 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। अब तक 41 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन है।


*ऊर्जा* 

● ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिये 65,926 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 8 प्रतिशत अधिक है। 

● वर्ष 2025-2026 में माह दिसम्बर, 2025 तक औसत विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र में 19 घण्टे, तहसील मुख्यालय में 21 घण्टे 49 मिनट एवं जनपद मुख्यालय में 24 घण्टे रही है। 

● दिनाँक 01 अप्रैल, 2022 से माह दिसम्बर,2025 तक कुल 2,41,088 निजी नलकूप संयोजन निर्गत किये गये हैं। सामान्य योजना के अन्तर्गत वर्ष 2017-2018 से कुल 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन निर्गत किये गये हैं। 

● कृषि कार्य के लिये नलकूप संयोजनों हेतु कृषि फीडर्स के निर्माण की योजना के अन्तर्गत 4,680 फीडरों के लक्ष्य के सापेक्ष 4,048 कृषि फीडरों का निर्माण कराया जा चुका है जिन पर 10 घण्टे विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है जो कि देश में सर्वाधिक है। 

● प्रदेश में दिनाँक 01 अप्रैल, 2022 से वर्ष 2025-2026 तक कुल 2,410 नये 33/11केवी विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण एवं क्षमता वृद्धि की गयी है। साथ ही 20,924 नये वितरण ट्रांसफॉर्मर्स की स्थापना एवं 85,684 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि का कार्य किया गया है। 

● उत्तर प्रदेश में पारेषण तंत्र की कुल क्षमता जो वर्ष 2016-2017 में 17,890 मेगावॉट थी उसे 2025-2026 में 82 प्रतिशत बढ़ाकर वर्तमान में 32,500 मेगावॉट किया गया है।


*अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत*

● अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के विकास हेतु लगभग 2,104 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में दो गुने से अधिक है। 

● उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022, उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 एवं उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के अन्तर्गत 5 वर्षों में 22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। 

● पी.एम.कुसुम सूर्यघर योजना प्रदेश में सघन रूप से संचालित है इस हेतु 1,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

● अयोध्या एवं मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। 

● ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक प्रदेश में लगभग 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना करायी जा चुकी है। 

● उत्तर प्रदेश राज्य जैव नीति-2022 के अन्तर्गत प्रदेश में 36 सीबीजी संयंत्रों की स्थापना करायी जा चुकी है,जो देश में सबसे अधिक है। 

● ग्रीन हाईड्रोजन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 प्रख्यापित की गयी है जिसके अन्तर्गत प्रदेश में 2 सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी है।


*आवास एवं शहरी नियोजन* 

● आवास एवं शहरी नियोजन हेतु 7,705 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये  शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना के अन्तर्गत मेरठ में 35 वर्ष, आगरा में 33 वर्ष, लखनऊ में 22 वर्षों बाद नयी आवासीय योजना तथा बुन्दलशहर में प्रथम बार औद्योगिक योजना लांच की गयी है। 

● काशी-विन्ध्य क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है जिसके अन्तर्गत समाहित जनपदों जौनपुर, चन्दौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही एवं सोनभद्र का समेकित नियोजित विकास सम्भव हो सकेगा। प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन भी प्रक्रियाधीन है। 

● रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अन्तर्गत दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन प्रारम्भ हो चुका है। 

● लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के अन्य सभी विकास प्राधिकरणों के विकास योजना के अन्तर्गत विभिन्न अवसंरचना कार्यों हेतु 800 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● मेरठ, मथुरा-वृन्दावन एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास की नई योजना हेतु 750 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● नई योजना-सिटी इकोनॉमिक रीजन हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

● अयोध्या के सर्वांगीण विकास हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिनाँक 25 दिसम्बर, 2025 को किया जा चुका है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबन्धन, संचालन, सुरक्षा एवं अनुरक्षण कोष हेतु कॉर्पस फण्ड हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।