बोले यूपी के मंत्रीगण :केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प का मजबूत दस्तावेज
आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम
दिव्यांगजन सशक्तीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देगा केंद्रीय बजट : मंत्री नरेंद्र कश्यप
लखनऊ, 01 फरवरी 2026।।प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट है।
उन्होंने कहा कि बजट में कनेक्टिविटी, विनिर्माण क्षमता और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान देते हुए विश्वस्तरीय एवं भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए हैं, जो विकसित भारत के विराट लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेंगे।
मंत्री कश्यप ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत–विकसित भारत के उद्देश्य के तहत घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, आयात निर्भरता में कमी, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं में व्यापक सुधार इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं।
उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण हेतु बजट में किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए बताया कि दिव्यांगजन कौशल योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को कार्योन्मुख प्रशिक्षण देकर सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित की जाएगी। वहीं दिव्यांग सहारा योजना के अंतर्गत सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस दूरदर्शी, समावेशी और ऐतिहासिक बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताया है।
बजट में कनेक्टिविटी, विनिर्माण क्षमता और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा।
आत्मनिर्भर भारत – विकसित भारत के उद्देश्य के तहत घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन, ऊर्जा सुरक्षा, आयात निर्भरता में कमी, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण हेतु दिव्यांगजन कौशल योजना के माध्यम से कार्योन्मुख प्रशिक्षण और दिव्यांग सहारा योजना के अंतर्गत सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इसे दूरदर्शी, समावेशी और ऐतिहासिक बजट बताया।
पर्यटन, आईटी और सेवा क्षेत्र में शिक्षा–कौशल–रोजगार का नया समन्वय : उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक केंद्रीय बजट 2026-27
उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है बजट
विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय टाउनशिप और छात्रावासों से शिक्षा ढांचे को नई मजबूती
एवीजीसी, डिजाइन और आयुष संस्थानों से नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा
बजट से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए मिलेगा नया अवसर : उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी
लखनऊ, 01 फरवरी 2026।।प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया नौवां केंद्रीय बजट ऐतिहासिक है। यह बजट ज्ञान, नवाचार, कौशल और उद्यमिता को केंद्र में रखकर देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है।
योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि बजट में उच्च शिक्षा को रोजगार, उद्यम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक’ एक उच्च-शक्ति वाली स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव दूरदर्शी कदम है। इससे भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार होगी और युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि बजट में पेशेवर शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (AHPs) संस्थानों का उन्नयन, आयुष क्षेत्र में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, तथा ऑरेंज इकोनॉमी के अंतर्गत स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से नवाचार आधारित शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना से डिजाइन और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप, प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावासों की स्थापना तथा आधुनिक टेलीस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं का विकास उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगा। पर्यटन क्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, गाइड अपस्किलिंग की पायलट योजना, नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और पारिस्थितिक ट्रेल्स का विकास शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
कर प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि आईटी क्षेत्र के लिए सिंगल टैक्स श्रेणी, सुरक्षित बंदरगाह सीमा में वृद्धि और फास्ट-ट्रैक यूनिलैटरल एपीए प्रक्रिया से तकनीकी एवं नवाचार आधारित उद्योगों को गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ उच्च शिक्षा और शोध संस्थानों को भी प्राप्त होगा।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे कौशल, स्टार्टअप, शोध और रोजगार से जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्राओं के छात्रावास और नई तकनीकी एवं रचनात्मक शिक्षा पहलों से विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यह बजट उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और प्रासंगिकता को नई ऊंचाई देगा।
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक केंद्रीय बजट 2026-27
उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है बजट
विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय टाउनशिप और छात्रावासों से शिक्षा ढांचे को नई मजबूती
एवीजीसी, डिजाइन और आयुष संस्थानों से नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा
पर्यटन, आईटी और सेवा क्षेत्र में शिक्षा–कौशल–रोजगार का नया समन्वय : उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय
बजट से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए मिलेगा नया अवसर : उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी
लखनऊ, 01 फरवरी 2026।।प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया नौवां केंद्रीय बजट ऐतिहासिक है। यह बजट ज्ञान, नवाचार, कौशल और उद्यमिता को केंद्र में रखकर देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है।
योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि बजट में उच्च शिक्षा को रोजगार, उद्यम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक’ एक उच्च-शक्ति वाली स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव दूरदर्शी कदम है। इससे भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार होगी और युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि बजट में पेशेवर शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (AHPs) संस्थानों का उन्नयन, आयुष क्षेत्र में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, तथा ऑरेंज इकोनॉमी के अंतर्गत स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से नवाचार आधारित शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना से डिजाइन और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप, प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावासों की स्थापना तथा आधुनिक टेलीस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं का विकास उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगा। पर्यटन क्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, गाइड अपस्किलिंग की पायलट योजना, नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और पारिस्थितिक ट्रेल्स का विकास शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
कर प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि आईटी क्षेत्र के लिए सिंगल टैक्स श्रेणी, सुरक्षित बंदरगाह सीमा में वृद्धि और फास्ट-ट्रैक यूनिलैटरल एपीए प्रक्रिया से तकनीकी एवं नवाचार आधारित उद्योगों को गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ उच्च शिक्षा और शोध संस्थानों को भी प्राप्त होगा।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे कौशल, स्टार्टअप, शोध और रोजगार से जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्राओं के छात्रावास और नई तकनीकी एवं रचनात्मक शिक्षा पहलों से विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यह बजट उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और प्रासंगिकता को नई ऊंचाई देगा।
बजट ज्ञान, नवाचार, कौशल और उद्यमिता को केंद्र में रखकर देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का एक ठोस रोडमैप
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ऐतिहासिक बताया। उनका कहना है कि यह बजट ज्ञान, नवाचार, कौशल और उद्यमिता को केंद्र में रखकर देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है।
बजट में उच्च शिक्षा को रोजगार, उद्यम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने के लिए 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक' एक उच्च-शक्ति वाली स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव दिया गया है। इससे भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार होगी।
बजट में पेशेवर शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (AHPs) संस्थानों का उन्नयन, आयुष क्षेत्र में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, और ऑरेंज इकोनॉमी के अंतर्गत स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना शामिल है।एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना से डिजाइन और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पांच विश्वविद्यालय
केंद्रीय बजट उद्योग, किसान और युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है : मंत्री राकेश सचान
वस्त्र, खादी और हथकरघा क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड से एमएसएमई बनेंगे ‘चैंपियन’
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से ग्रामीण कारीगरों को मिलेगी नई ताकत
निर्यात प्रोत्साहन और विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के कायाकल्प से आत्मनिर्भर भारत को बल
लखनऊ, 01 फरवरी 2026।।प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत किया गया नौवां केंद्रीय बजट उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है।
मंत्री राकेश सचान ने बताया कि बजट में वस्त्र क्षेत्र के लिए एक व्यापक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-इको पहल तथा समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से वस्त्र और परिधान उद्योग में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री सचान ने बताया कि बजट में एमएसएमई को चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित किया जाएगा, वहीं आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डाली जाएगी। टी-रेड्स (TReDS) के माध्यम से तरलता सहायता प्रदान कर छोटे उद्यमों को वित्तीय मजबूती दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ‘कॉर्पोरेट मित्र’ व्यवस्था के जरिए एमएसएमई को व्यावसायिक मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में 200 विरासत औद्योगिक समूहों का कायाकल्प किया जाएगा, जिनमें हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े क्लस्टर भी शामिल होंगे। निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए जूते के ऊपरी हिस्सों के शुल्क-मुक्त आयात का विस्तार तथा चमड़ा और वस्त्र परिधान के निर्यात समय-सीमा में वृद्धि जैसे प्रावधान किए गए हैं।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि यह बजट प्रदेश के एमएसएमई, खादी, हथकरघा, रेशम और वस्त्रोद्योग से जुड़े लाखों उद्यमियों, कारीगरों और श्रमिकों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।



