Breaking News

शिक्षक आत्महत्या कांड में बड़ी कार्रवाई : 25 हजार की इनामी पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली से गिरफ्तार


                 गिरफ्तार निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव 


चार महीने से चल रही थी फरार

लिपिक संजीव सिंह अभी भी है फरार 

गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में फरार चल रही देवरिया की तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में वह पिछले चार महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर थीं और उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गोरखपुर लाया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस प्रकरण का एक अन्य नामजद आरोपी और तत्कालीन मुख्य लिपिक संजीव सिंह अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।


कुशीनगर जनपद के हरैया बुजुर्ग निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने 21 फरवरी 2025 को गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र स्थित अपने बड़े भाई के घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। आत्महत्या के बाद पुलिस को उनके पास से चार पन्नों का सुसाइड नोट और मोबाइल फोन में रिकॉर्ड एक वीडियो मिला था। दोनों में उन्होंने तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।


घटना के अगले दिन मृतक शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन और सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण के नाम पर कृष्ण मोहन सिंह समेत अन्य शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप यह भी था कि रुपये की व्यवस्था करने के बावजूद लगातार दबाव बनाया जाता रहा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।


परिजनों के अनुसार आत्महत्या से एक दिन पहले कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय बुलाया गया था, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसके बाद वह गहरे तनाव में आ गए और अगले दिन आत्मघाती कदम उठा लिया। सुसाइड नोट और वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया और शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल उठने लगे।


मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर कार्रवाई की गई और तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव तथा संबंधित लिपिक को निलंबित कर दिया गया। वहीं गोरखपुर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कीं। शुरुआत में दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया।


जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को शालिनी श्रीवास्तव की लोकेशन दिल्ली में मिली। इसके बाद गठित टीम ने दिल्ली पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गोरखपुर लाकर पूछताछ शुरू की गई है।




इस मामले में पुलिस पहले ही देवरिया जिले के गौरीबाजार क्षेत्र निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच में उनका नाम कथित रूप से शिक्षकों और अधिकारियों के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाने के आरोप में सामने आया था।


क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में दर्ज मुकदमे के आधार पर फरार चल रही पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी था और उन पर इनाम भी घोषित था। मामले के दूसरे आरोपी संजीव सिंह की तलाश जारी है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की जाएगी।


शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में पूर्व बीएसए की गिरफ्तारी को जांच का अहम पड़ाव माना जा रहा है। अब पुलिस की निगाहें फरार मुख्य लिपिक संजीव सिंह पर टिकी हैं, जबकि मृतक शिक्षक के परिजन पूरे मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।