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जाने बजट 2026-27 मे क्या हुआ सस्ता, क्या हुआ महंगा

 



नई दिल्ली।। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश किया। बजट में कई बड़े एलान किए गए, जिसमें कैंसर की दवाएं सस्ती करने, आयुर्वेदिक एम्स खोलने, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने संबंधी घोषणाएं शामिल हैं।लेकिन इस बार के बजट में इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है।


 


सत्ता पक्ष के नेताओं ने बजट को ऐतिहासिक बताया है और इसे विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर बताया है। जबकि विपक्ष ने इसे ढकोसला बताते हुए कहा कि इस बार के बजट में कोई विजन नहीं दिखा। बजट में आम आदमी को क्या मिला, इसका सामान्य अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ।


 


बजट में क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ, इसकी लिस्ट देखिए...


               ये हुआ सस्ता 

कैंसर की दवाएं

7 दुर्लभ बीमारियों से संबंधित विशेष मेडिकल उद्देश्यों के लिए दवाएं, औषधियां और भोजन

व्यक्तिगत उपयोग के लिए इंपोर्ट की गई दवाएं और औषधियां

माइक्रोवेव ओवन के लिए जरूरी कंपोनेंट

विमानों के इंजन सहित पार्ट या कंपोनेंट

सोलर ग्लास सामग्री

न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए इंपोर्ट किए गए सामान

क्रिटिकल मिनरल के लिए पूंजीगत सामान

स्मार्टफोन व अन्य कई इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम

लेदर आइटम मसलन जूते, बैग और जैकेट

मखाना और भुने हुए नट्स, बादाम, अखरोट

क्रिकेट बैट से लेकर टेनिस रैकेट तक

           ये हुआ महंगा 


कम कीमत वाले इंपोर्ट किए गए छाते

पोटेशियम हाइड्रोक्साइड

ATM या कैश डिस्पेंसर मशीन और उसके पार्ट व कंपोनेंट

विदेशी क्रू के लिए फिल्म और ब्रॉडकास्टिंग उपकरण

चिड़ियाघर के लिए इंपोर्ट किए गए जानवर और पक्षी

अमोनियम फॉस्फेट या नाइट्रो-फॉस्फेट उर्वरक और नेफ्था उर्वरक

कॉफी रोस्टिंग, ब्रूइंग या वेंडिंग मशीनें

अरंडी का ऑयल केक

शराब, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटका

लग्जरी घड़ियां


नए नियमों के तहत अब सिगरेट पर उसकी लंबाई के आधार पर ₹2.05 से लेकर ₹8.50 प्रति स्टिक तक की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लागू कर दी गई है। उदाहरण के तौर पर, जो सिगरेट कल तक ₹18 में मिलती थी, वह अब ₹21 से ₹22 के करीब मिलेगी। इसके अलावा, पान मसाला और गुटखा पर जीएसटी की दर को बढ़ाकर 40% कर दिया गया है, जबकि गुटखा पर कुल टैक्स भार 91% तक पहुंच सकता है।


फरवरी 2026 के अन्य बड़े बदलाव:


एलपीजी सिलेंडर: 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹49 की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं।


फास्टैग नियम: नई कारों के लिए अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी, जिससे वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है।


बीड़ी पर राहत: तंबाकू उत्पादों के बीच बीड़ी पर राहत देते हुए इसके जीएसटी को 18% कर दिया गया है।


RBI का अनुमान: 4-6 फरवरी की मीटिंग में ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की उम्मीद है, जिससे लोन सस्ते हो सकते हैं।


यहाँ सिगरेट की लंबाई और श्रेणी के आधार पर बढ़ी हुई कीमतों और नए टैक्स ढांचे का विस्तृत विवरण दिया गया है:


बजट 2026 विशेष: अब सिगरेट पीना हुआ और भी महंगा, लंबाई के आधार पर ₹8.50 तक बढ़ी एक्साइज ड्यूटी


आज 1 फरवरी 2026 से लागू हुए नए नियमों के बाद सिगरेट की हर कश अब जेब पर भारी पड़ने वाली है। सरकार ने सिगरेट की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में 'स्पेसिफिक एक्साइज ड्यूटी' को शामिल कर दिया है, जिस पर 40% GST अलग से लगेगा। इससे 'टैक्स पर टैक्स' की स्थिति बन गई है।


नीचे दी गई तालिका से समझें कि आपकी पसंदीदा सिगरेट की श्रेणी पर कितना असर पड़ेगा:


                          प्रति स्टिक                              

   लम्बाई      नई एक्साइस ड्यूटी           संभावित वृद्धि

65 mmसे कम (मिनी सिगरेट)₹2.05 ₹2 से ₹3 तक

65 mm - 70 mm (रेगुलर) ₹3.40 ₹4 से ₹5 तक

70 mm - 75 mm (लॉन्ग) ₹5.10 ₹6 से ₹7 तक

75 mm से अधिक (किंग साइज) ₹8.50 ₹10 से ₹12 तक

कीमतों में उछाल का मुख्य कारण

40% फ्लैट GST: पहले तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन सेस लगता था, जिसे अब हटाकर सीधे 40% GST कर दिया गया है।


एक्साइज ड्यूटी का असर: यह ड्यूटी फैक्ट्री लेवल पर ही लग जाती है, जिससे बेस प्राइस बढ़ जाता है। जब इस बढ़े हुए बेस प्राइस पर 40% GST लगता है, तो अंतिम MRP 15% से 40% तक ऊपर चली जाती है।


अन्य बदलाव: जहाँ सिगरेट और गुटखा महंगा हुआ है, वहीं बीड़ी पर GST 18% रहने से इसकी कीमतों में विशेष अंतर नहीं आएगा। साथ ही, कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में हुई ₹49 की वृद्धि भी आज से प्रभावी है।