गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने विकास योजनाओं और ठंड से बचाव की तैयारियों का किया निरीक्षण
गोरखपुर।। दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुँचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगमन के साथ ही अपने कार्यक्रमों की शुरुआत की। गोरखनाथ मंदिर में पहुँचकर उन्होंने शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन गोरखपुर–पिपराइच फोरलेन मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और जंगल धूषण भट्टा चौराहा क्षेत्र में पहुँचकर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परियोजना को तय मानकों और समयसीमा के अनुरूप पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्रीय आवागमन और विकास को गति मिल सके।
मुख्यमंत्री ने शीतलहर की स्थिति को देखते हुए जनपद में संचालित रैन बसेरों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। बरगदवा और राप्ती नगर स्थित रैन बसेरों में पहुँचकर उन्होंने वहाँ ठहरे लोगों से बातचीत की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किए तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ठंड के मौसम में किसी भी जरूरतमंद को सहायता से वंचित न रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में कुल 19 रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं और पूरे प्रदेश में शीतलहर से बचाव के लिए रैन बसेरों एवं अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से अलाव जलाने और प्रशासन को सक्रिय रहते हुए जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुँचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ मानवीय सरोकारों पर केंद्रित रहा। उन्होंने एक ओर बुनियादी ढांचे की प्रगति पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर शीतलहर से प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का स्पष्ट संदेश दिया।









