शांत बैठो नही तो हरिजन एक्ट मे कर दूंगा बन्द, दोकटी थानाध्यक्ष पर लगाया मृतक के पुत्र ने यह संगीन आरोप
सीएम पोर्टल व पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद भी नही जागी दोकटी पुलिस, पीड़ित का बागीचे मे मिला शव, बेटे ने विरोधियों के खिलाफ दी तहरीर
दोकटी थानाध्यक्ष पर लगाया गंभीर आरोप
मधुसूदन सिंह
बलिया।। जनपद मे गांव देहात के थानो मे आमजन की पीड़ा की कितनी सुनवाई होती है, इसका दुःखद उदाहरण दोकटी थाना क्षेत्र के एक बागीचे मे मिली वृद्ध की लाश से समझा जा सकता है। मृतक के पुत्र ने सीधे सीधे थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाकर मामले को संगीन और स्थानीय पुलिसिंग को कटघरें मे खड़ा कर दिया है। मृतक सुखदेव तिवारी पुत्र स्व रामचंद्र तिवारी निवासी बहुआरा ने सब से पहले 10 दिसंबर 2025 को थानाध्यक्ष को शिकायती पत्र देकर अपने हिस्से की जमीन मे लगाये गये 10 हरे पेड़ों को जबरिया काटे जाने की शिकायत करते हुए , काटने वालों के नाम भी लिख कर देते हुए रोकने की गुहार लगायी। शिकायती पत्र मे विरोधियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने की बात लिखी गयी थी, ऐसा मृतक के पुत्र जगजीत नारायण तिवारी ने कही है। श्री तिवारी ने यह भी कहा है कि थाने से सहयोग नही मिलने और लगातार विरोधियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिये जाने से भयभीत हमारे पिता जी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर और 15 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाये थे। लेकिन कही से भी राहत नही मिली और आरोपियों ने सारे पेड़ को काट कर लकड़ी भी हटा दिये। रोज रोज भयाक्रांत मेरे पिता का शव आज गांव के बागीचे मे मिला है।
श्री तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि थानाध्यक्ष महोदय शिकायत करने पर सीधे धमकी दिये कि शांत हो जाओ नही तो हरिजन एक्ट मे बन्द कर दूंगा। कहा कि अगर दोकटी पुलिस और थानाध्यक्ष हमारी शिकायतों पर ध्यान दिये होते, विरोधियों को छूट नही दिये होते, तो आज मेरे पिता जिंदा होते। श्री तिवारी ने विरोधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया है।
सीएम पोर्टल पर शिकायत भी अब हो रही है बेअसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ितों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिये मुख्यमंत्री पोर्टल का शुभारम्भ करते हुए कहा था कि इस पर की गयी शिकायतों को समयबद्ध व पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जायेगा। शुरुआती दौर मे तो यह वास्तव मे सही कार्य की और इस पर की गयी शिकायतों का खौफ अधिकारियों मे दिखा भी। लेकिन धीरे धीरे यह भी अन्य की तरह रस्म अदायगी बनती जा रही है। यही कारण है कि आज एक किसान इस पर शिकायत दर्ज कराने के बाद और जिले के पुलिस मुखिया से भी मिलने के बाद न्याय न मिलने से परेशान हो गया और उसकी संदिग्ध परिस्थियों मे मौत हो गयी। मौत का कारण चाहे हार्ट अटैक आये या ठंड लगना आये, लेकिन इस सत्य को नही झुठलाया जा सकता है कि मृतक को न तो थाने से न्याय मिला, न पुलिस अधीक्षक से और न ही मुख्यमंत्री पोर्टल से।




