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.....तो सीसीटीवी से खुलेगा ट्रेजरी व स्वास्थ्य विभाग के बाबुओं के विवाद का राज



मधुसूदन सिंह

बलिया ।। पिछले 8 अक्टूबर को बिल के सम्बंध में पूंछताछ करने ट्रेजरी गये स्वास्थ्य विभाग के लिपिक मनोज सिंह यादव व ट्रेजरी के चतुर्थ श्रेणी कर्मी सोनू गिरी व साथियों के मध्य हुए विवाद में नया मोड़ आ गया है । इस विवाद में स्वास्थ्य विभाग का पटल देखने वाले ट्रेजरी के लिपिक धर्मनाथ गोस्वामी भी पत्र लिख कर सीधे तौर पर शामिल होकर अपने चतुर्थ श्रेणी सहायक को सही और स्वास्थ्य विभाग के लिपिक को गलत ठहराया है । श्री गोस्वामी ने कहा है कि झगड़ा सोनू गिरी ने नही बल्कि मनोज यादव ने किया है । इनके पत्र के बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी  ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग के लिपिक पर कार्यवाही करने की मांग की है ।

 बता दे कि घटना की जानकारी होते ही 8 अक्टूबर को ही सीएमओ बलिया डॉ जितेंद्र पाल ने जिलाधिकारी बलिया को पत्र भेजकर घटना की जानकारी देते हुए झगड़ा करने वाले सोनू गिरी पर कानूनी कार्यवाही कराने और बहुत दिनों से स्वास्थ्य विभाग का ट्रेजरी में पटल देखने वाले धर्मनाथ गोस्वामी का पटल बदलने का अनुरोध किया है । वही पुलिस अधीक्षक बलिया व प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली को भी पत्र भेजकर मारपीट करने वाले सोनू गिरी आदि पर कानूनी कार्यवाही करने का भी अनुरोध किये है ।

दोनो पक्षो से जिलाधिकारी के पास शिकायत पहुंचने के बाद मामला पेंचीदा होता जा रहा है । कौन सही कौन गलत है ,इसका निर्धारण करना पत्र के द्वारा कठिन है । ऐसे में संभावना यही है कि जिलाधिकारी बलिया कोई जांच टीम गठित करके ट्रेजरी के सीसीटीवी फुटेज को चेक कराये कि क्या ट्रेजरी के पटल सहायक के कथनानुसार स्वास्थ्य विभाग का बाबू जबरदस्ती फ़ाइल ले जाने की कोशिश कर रहा था, या सोनू गिरी मारपीट कर रहा था ?

वैसे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में सीसीटीवी जांच नही भी हो सकती है क्योंकि इससे कई राज और खुल सकते है । अन्य कर्मचारी संगठन अभी से इस प्रकरण को समझौते के माध्यम से हल कराने के प्रयास में जुट गये है । आज सुबह जब दोनों कार्यालय खुलेंगे तो यहां के कर्मचारी संगठन जरूर कोई निर्णय लेंगे । यह भी बता दे कि कोरोना वायरस की रोकथाम में लगे चिकित्सको का वेतन अभी तक ट्रेजरी में बिल लटका होने के कारण नही मिल पाया है ।