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पंचर की दुकान चलाने वाले राज प्रजापति के नाम पर निकली 100 करोड़ के कारोबार वाली फर्म, जांच में जुटी एजेंसियां






गोरखपुर।गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी राज प्रजापति, जो गांव में पंचर बनाने का काम करते हैं, इन दिनों एक ऐसे मामले को लेकर चर्चा में हैं जिसने प्रशासनिक अधिकारियों को भी चौंका दिया है। उनके नाम पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली फर्म का पंजीकरण मिलने के बाद केंद्रीय जीएसटी (CGST) विभाग और पुलिस जांच में जुटी हुई है।


मार्च 2026 में गांव पहुंची थी जांच टीम


स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में केंद्रीय जीएसटी विभाग की टीम जांच के सिलसिले में रामपुर बुजुर्ग गांव पहुंची थी। विभागीय रिकॉर्ड में राज प्रजापति के नाम पर पंजीकृत एक फर्म का बड़ा कारोबार और भारी कर देनदारी दर्ज होने की बात सामने आई थी।


जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो पाया कि राज प्रजापति कोई बड़े कारोबारी नहीं, बल्कि गांव में पंचर बनाने की छोटी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।


कैसे सामने आया मामला?


राज प्रजापति के अनुसार, कुछ समय पहले बहन की शादी और आर्थिक जरूरतों के दौरान उन्होंने अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज एक परिचित व्यक्ति को दिए थे। उनका आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर फर्म का पंजीकरण कराया गया।


100 करोड़ कारोबार और टैक्स देनदारी का दावा


जांच के दौरान विभागीय रिकॉर्ड में संबंधित फर्म का लगभग 100 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज मिला। साथ ही करोड़ों रुपये की कर देनदारी का मामला भी सामने आया। हालांकि इन आंकड़ों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।


पुलिस और GST विभाग क्या कर रहे हैं?


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और कर विभाग बैंक खातों, जीएसटी पंजीकरण, कंपनी दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्म का वास्तविक संचालन किसने किया और कथित कारोबार का लाभ किसे मिला।

वर्तमान स्थिति

21 जून 2026 तक मामला जांच के अधीन है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक आरोप तय नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।