सिकन्दरपुर बलिया : पराली की चिंगारी ने दर्जनों रिहाइशी झोपड़ीयो को सामान के साथ किया खाक : आग से झुलस कर वृद्धा की हुई मौत , गाय , बकरी ,बछिया और मुर्गियां जलकर हुए खाक
पराली की चिंगारी ने दर्जनों रिहाइशी झोपड़ीयो को सामान के साथ किया खाक : आग से झुलस कर वृद्धा की हुई मौत , गाय , बकरी ,बछिया और मुर्गियां जलकर हुए खाक, जिला प्रशासन पराली फूंकने पर नही कर रहा है कार्यवाई
संतोष शर्मा
सिकंदरपुर बलिया 10 मई 2019 ।। थाना क्षेत्र के दियारा बसारीखपुर व मोहम्मदपुर में पराली की चिंगारी से भड़की आग ने भारी तबाही मचाया है। डेढ़ दर्जन से ज्यादा किसानों की 2 दर्जन से अधिक झोपड़ियों सहित नकदी एवं लाखों रुपए मालियत के अनाज, भूसा व गृहस्थी के सामान जलकर स्वाहा हो गए। 2 दर्जन से ज्यादा पेड़ झुलस गए। इस दौरान आग की चपेट में आकर 64 वर्षीय एक वृद्धा की मौत हो गई तथा एक गाय, दो बछिया, तीन बकरी व 20 मुर्गियां झुलसकर कालकवलित हो गई। आग के तांडव से हालत यह हो गई है कि पीड़ितों के पास न रहने के लिए घर है न ही खाने के लिए अन्न शेष बचा है। गुरुवार को दोपहर बाद दियारा सिसोटार के मगही में एक किसान ने अपने खेत में खड़ी पराली को जलाने हेतु आग लगा दिया। पराली जलते समय उससे निकली चिंगारीयां दियारा बसारीखपुर की तरफ चल दी। जिससे दियारा के पश्चिम तरफ स्थित कमालुद्दीन के डेरे पर बनाई गई झोपड़ियों में आग पकड़ लिया जिससे वह धू-धू कर के जलने लगी। इस दौरान तेज पछुआ हवा बहने के कारण आग की चिंगारियां अन्य किसानों के ढेरों की तरफ गिरने लगी जिससे उन में आग लगती गई। कुछ देर में ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और डेढ़ दर्जन से ज्यादा किसानों के डेरों को अपने घेरे में ले लिया। इस दौरान आग लगने की घटना सुनकर मौके पर इकट्ठा विभिन्न गांवों के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े और आग को काबू करने का प्रयास करने लगे। उनके अथक प्रयास के बावजूद आग काबू में नहीं आया और 2 दर्जन से ज्यादा झोपड़ियों सहित उनमें पड़े सामान जलकर नष्ट हो गए। इस दौरान झोपड़ी में सोई लाल बहादुर की पत्नी राधिका देवी आग की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गई। इन्हें तत्काल इलाज हेतु स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने इन्हें सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें जा रहे थे जहां रास्ते में ही राधिका देवी ने दम तोड़ दिया। आग लगी की घटना में हुई क्षति
लाल बहादुर 80 बोरा गेहूं, चारा मशीन, 3 झोपड़ी, घरभरन 15 बोरा गेहूं 3 झोपड़ी, रामचंद्र 15 बोरा गेहूं, एक गाय, चारा मशीन, दो झोपड़ी, रामबचन 20 बोरा गेहूं, चारा मशीन, 3 झोपड़ी, मुसाफिर 5 बोरा गेहूं, एक झोपड़ी, किशुनदेव 22 बोरा गेहूं, साइकिल, चारा मशीन, दो झोपड़ी, राम लाल यादव, 5 झोपड़ी, 3 कुंतल गेहूं, इंजन, साइकिल, श्यामलाल, पांच झोपड़ी, 40 कुंतल गेहूं, अवधेश 5 झोपड़ी, 45 कुंतल गेहूं, हरिंदर 5 झोपड़ी, 20 कुंतल गेहू, भीम 5 कुंतल गेहूं, तीन झोपड़ी, गुड्डू, परशुराम, वसी यादव तीन बकरी, दो बछड़ा, इंजन, चौकी, अनाज, बल्ली यादव चौकी, अनाज, गेहूं, बसीरन 20000 नकद, गहना, कपड़ा, कागजात, हसीना गहना, कपड़ा, 20 मुर्गियां, पांच बकरी नजरद्दीन 5 पलानी, एक खेप, दो पलंग, दो चौकी।
जिला प्रशासन की उदासीनता से जनपद भर में फूंकी जा रही है पराली
बलिया 10 मई 2019 ।। जिला प्रशासन की उदासीनता या लापरवाही से पूरे जनपद में किसानों द्वारा शासन स्तर से पराली फूंकने पर प्रतिबंध के वावजूद धड़ल्ले से किसानों द्वारा पराली को फूंकने का क्रम जारी है । पराली की आग से कई जगह बड़ी घटनाओं के होने के बाद भी जिला प्रशासन उदासीन बना हुआ है । जिला प्रशासन पहले ही अगर पराली फूंकने पर किसानों को दंडित किया गया होता तो सिकन्दरपुर में वृद्धा की जान के साथ गाय, बछिया , बकरी और मुर्गियां जलकर मरी नही होती ।


