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डॉ मुरली मनोहर जोशी का बड़ा खुलासा : मोदी सरकार में सरेआम संविधान और प्रजातांत्रिक मूल्यों की उड़ाई जा रही है धज्जियां,डॉ जोशी ने माना आज भाजपा ने अपने बुनियाद के पत्थरों को भी कर दिया है दरकिनार, भाजपा को 120 सीट मिलने की करी भविष्यवाणी

डॉ मुरली मनोहर जोशी का बड़ा खुलासा : मोदी सरकार में सरेआम संविधान और प्रजातांत्रिक मूल्यों की उड़ाई जा रही है धज्जियां,डॉ जोशी ने माना आज भाजपा ने अपने बुनियाद के पत्थरों को भी कर दिया है दरकिनार, भाजपा को 120 सीट मिलने की करी भविष्यवाणी
एएनआई ने सार्वजनिक किया डॉ मुरली मनोहर जोशी का आडवाणी जी को लिखा गया पत्र
मधुसूदन सिंह / ए कुमार

नईदिल्ली 14 अप्रैल 2019 ।। डॉ मुरली मनोहर जोशी ने स्पष्ट शब्दों में माना है कि वर्तमान भाजपा सरकार में संविधान और प्रजातांत्रिक मूल्यों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है , वही यह भी स्वीकार किया है कि जिन सिद्धांतो और मूल्यों के आधार पर भाजपा का गठन हुआ था , इंदिरा गांधी के दौर में भी जिसको नही छोड़ा गया था , मोदी युग मे उन बुनियाद के पत्थरों (मूल्यों और सिद्धांतों को ) दरकिनार कर दिया गया है ।यह सब  एएनआई के हवाले से डॉ मुरली मनोहर जोशी का लाल कृष्ण आडवाणी को लिखे गये 12 अप्रैल के पत्र के सार्वजनिक होने से सामने आया है । इस पत्र के सार्वजनिक होने से राजनैतिक गलियारों में बहस का दौर शुरू हो जायेगा ।
   इस पत्र में डॉ जोशी ने  श्री आडवाणी  से कहा है कि  जिन मर्यादाओं और नैतिकता की आड़ में हमने चुप्पी साध रखी है वह देश और समाज के संदर्भ में देखा जाय तो वह अनैतिक है । डॉ जोशी ने साफ लफ्जो में स्वीकार किया है कि जिन सिद्धांतो के आधार पर अटल जी , आप ने और हम सब ने भाजपा को बनाया था , इंदिरा गांधी के दौर में भी सिद्धांतो से समझौता नही किया था , आज उन्ही सिद्धांतो वाले बुनियाद के पत्थरों को भाजपा ने दरकिनार कर दिया है । डॉ जोशी ने श्री आडवाणी से सवाल भरे लफ्जो में पूंछा है कि क्या ऐसे वक्त में हमारी चुप्पी क्या देश की जनता के साथ धोखा नही ? डॉ जोशी ने शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा के निर्णय को सही ठहराते हुए लिखा है , बेशक उस दिन इन दोनों लोगो की बाते कड़वी लगी, आप ने अनापेक्षित प्रतिक्रियां भी दी ,पर आज मै कह सकता हूँ कि वो सही थे हम गलत । कम से कम उन्होंने अपनी राजनैतिक व्यवहारिकतो को अन्तरात्मा की आवाज के सामने डिगने तो नही दिया ।


डॉ जोशी ने अफसोस भरे लफ्जो में यह भी खुलासा किया है कि मुझपर समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का बहुत दबाव आया था परंतु हमने तमाम बिपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपना घर नही छोड़ा , यह अलग बात है कि घर के लोगो ने ही हमे घर से निकाल दिया । बता दे कि यह पत्र डॉ जोशी ने अपनी बिटिया द्वारा काफी जोर देने पर लिखा गया है ।डॉ जोशी ने मोदी , शाह और योगी के लगे बड़े बड़े पोस्टरों पर भी कमेंट किया है । डॉ जोशी ने लिखा है कि अटल जी ,आपने और हम सबने जिस संविधान और प्रजातन्त्र के मूल्यों की रक्षा के लिये अपनी पूरी उम्र न्यौछावर कर दिया और जब उसी संविधान और प्रजातांत्रिक मूल्यों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है तब हम मौन है ? आने वाली पीढियां जरूर पूंछेगी कि जब इतना कुछ घटित हो रहा था तब उस दौर के नेता क्यो मौन थे ? आडवाणी जी , उंगलियां हम पर भी उठेंगी । आगे लिखा है कि उनकी इच्छा है कि श्री आडवाणी जी इस पर मंथन करे , हमारा निजी और दलहित विचार ,राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को कमजोर न करे । अंत मे श्री जोशी ने लिखा है -मैं जानता हूँ कि ये सब मेरे मन की बात है । हो सकता है राजनैतिक दृष्टि से यह सही भी ना हो ,और हो सकता है परिस्थितियां सार्वजनिक तौर पर मुझे इस पत्र पर कायम भी न रहने दे , पर सच यही है । मैं रहूं या न रहूं ,यही दस्तावेज मेरी गवाही होगी । शेष 24 तारीख को मिलने पर ।