बलिया : पत्रकारों पर आनन फानन में मुकदमे दर्ज करने के पुलिस के रवैये से पत्रकारों में रोष , एडीजी का कल(सोमवार) नरही में करेंगे घेराव, जबकि एक सप्ताह पूर्व हुई संदिग्ध परिस्थियों में महिला की मौत के सम्बंध में नही लिखी गयी है एफआईआर
पत्रकारों पर आनन फानन में मुकदमे दर्ज करने के पुलिस के रवैये से पत्रकारों में रोष , एडीजी का कल (सोमवार)नरही में करेंगे घेराव,
जबकि एक सप्ताह पूर्व हुई संदिग्ध परिस्थियों में महिला की मौत के सम्बंध में नही लिखी गयी है एफआईआर
बलिया 24 फरवरी 2019 ।। नकल रोकने में विफल हो चुके डीआईओएस भाष्कर मिश्र की साजिश में आकर बिना किसी तहकीकात के बलिया पुलिस द्वारा जिस तरह से पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जा रहा है , उससे बलिया के पत्रकार समुदाय में काफी आक्रोश है । सोमवार को नरही थाने के निरीक्षण और कोरण्टाडीह डाकबंगले पर यूपी बिहार के पुलिस अधिकारियों से बैठक करने आ रहे एडीजी वाराणसी जोन पीवी रामाशास्त्री का पत्रकारों द्वारा घेराव किया जाएगा और बिना जांच पड़ताल के ही पत्रकारों पर त्वरित गति से संगीन धाराओं में बेगुनाह होते हुए भी एफआईआर दर्ज किये जाने का विरोध किया जाएगा । बता दे कि पत्रकार मधुसूदन सिंह पर इंटर भौतिक विज्ञान के पेपर आउट होने के सम्बंध में डीआईओएस से जानकारी लेना और प्रभारी जिलाधिकारी/एसडीएम सदर को वायरल हुए पेपर को वाट्सअप पर भेजना , एफआईआर का कारण बना है जबकि नेशन वॉइस के पत्रकार अरविंद कश्यप द्वारा हाई स्कूल के वायरल पेपर के सम्बंध में जानकारी मांगना एफआईआर का कारण बना है । जबकि दोनों ही दिन पेपर आउट हुआ और जिला प्रशासन इसके जिम्मेदारों को पकड़ने के बजाय पत्रकारों को ही आरोपी बनाकर अपनी पीठ थपथपा रहा है । जबकि पत्रकारों के मामले में एफआईआर करने में चपलता दिखाने वाली बलिया पुलिस सिकन्दरपुर में एक सप्ताह पूर्व अपने ही घर मे गला कटने से मृत महिला की मृत्यु के सम्बंध में आजतक जांच ही कर रही है जबकि मृतका की मां एफआईआर दर्ज न होने पर पुलिस अधीक्षक बलिया से एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगा रही है लेकिन खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नही हुई है । पत्रकारों पर जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कराना बलिया जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का अपनी कमियों को उजागर न होने देने के लिये दबाव बनाने का एक प्रयास जानकर पत्रकारों ने एडीजी के घेराव का निर्णय किया है । घेराव करने वालो में प्रमुख रूप से सर्वेंद्र सिंह , संजीव बाबा , आसिफ जैदी , अजित ओझा ,दिग्विजय सिंह ,
मुशीर जैदी,बृजेश सिंह, मुकेश मिश्र, मनोज चतुर्वेदी ,संजय तिवारी, राणा सिंह, शशि कुमार, अखिलेश सैनी , नुरुल होदा , इमरान खान , रत्नेश सिंह , अरविंद कश्यप, सुरेंद्र गुप्ता, अरविंद सिंह , दीपक तिवारी , मनोज राय , ओमप्रकाश राय , जमाल आदि पत्रकारगण शामिल रहेंगे ।
पुलिस को कटघरे में खड़ा करने वाली सिकन्दरपुर की घटना के सम्बंध में बताया जाता है कि नगर के मानापुर मोहल्ला में एक सप्ताह पूर्व कमरे में संदिग्धावस्था में मिली महिला की लाश का मामला गहराता जा रहा है।पुलिस एवं परिवार के लोग इसे जहां आत्महत्या करार दे रहे हैं।वहीं मृतिका की माँ खैरुन्निशा ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर दे कर इसे हत्या करार दे मुकदमा पंजीकृत करने की मांग किया है।दिए गए तहरीर में खैरुन्निशा ने आरोप लगाया है कि पैसा के लिए परिवार के लोग हमेशा उनकी पुत्री को प्रताड़ित करते रहते थे।इस दौरान मैंने अपनी पुत्री को एक एकड़ जमीन दिया था।जिससे कि उन्हें आर्थिक परेशानी न झेलना पड़े।इस दौरान दामाद ने मेरे दिए जमीन को बेच कर कुछ पैसा घर पर खर्च कर दिया।साथ ही जो पैसा बचा था उससे टेम्पो खरीद कर चलवाते हैं।बाद में वह पैसा के लिए पुत्री को बराबर प्रताड़ित करते रहते थे।
ज्ञात हो कि नगर के मोहल्ला मानापुर में 16 फरवरी की रात 9 बजे नौशाद अहमद की पत्नी फरीदा ख़ातून का गला कटा खून से सनी लाश पुलिस को मिली थी।तब पूछताछ में परिवार वालों ने पुलिस को बताया था कि उसने स्वयं अपना गला काट कर आत्महत्या कर लिया है।बाद में शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजकर तभी से पुलिस इस बारे में गहनता से जांच कर रही है।
इस सम्बंध में कोतवाल राम सिंह ने बताया कि अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। गहनता से जांच की जा रही है।जैसे ही हत्या किए जाने के सबूत मिलेंगे उसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
जबकि एक सप्ताह पूर्व हुई संदिग्ध परिस्थियों में महिला की मौत के सम्बंध में नही लिखी गयी है एफआईआर
बलिया 24 फरवरी 2019 ।। नकल रोकने में विफल हो चुके डीआईओएस भाष्कर मिश्र की साजिश में आकर बिना किसी तहकीकात के बलिया पुलिस द्वारा जिस तरह से पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जा रहा है , उससे बलिया के पत्रकार समुदाय में काफी आक्रोश है । सोमवार को नरही थाने के निरीक्षण और कोरण्टाडीह डाकबंगले पर यूपी बिहार के पुलिस अधिकारियों से बैठक करने आ रहे एडीजी वाराणसी जोन पीवी रामाशास्त्री का पत्रकारों द्वारा घेराव किया जाएगा और बिना जांच पड़ताल के ही पत्रकारों पर त्वरित गति से संगीन धाराओं में बेगुनाह होते हुए भी एफआईआर दर्ज किये जाने का विरोध किया जाएगा । बता दे कि पत्रकार मधुसूदन सिंह पर इंटर भौतिक विज्ञान के पेपर आउट होने के सम्बंध में डीआईओएस से जानकारी लेना और प्रभारी जिलाधिकारी/एसडीएम सदर को वायरल हुए पेपर को वाट्सअप पर भेजना , एफआईआर का कारण बना है जबकि नेशन वॉइस के पत्रकार अरविंद कश्यप द्वारा हाई स्कूल के वायरल पेपर के सम्बंध में जानकारी मांगना एफआईआर का कारण बना है । जबकि दोनों ही दिन पेपर आउट हुआ और जिला प्रशासन इसके जिम्मेदारों को पकड़ने के बजाय पत्रकारों को ही आरोपी बनाकर अपनी पीठ थपथपा रहा है । जबकि पत्रकारों के मामले में एफआईआर करने में चपलता दिखाने वाली बलिया पुलिस सिकन्दरपुर में एक सप्ताह पूर्व अपने ही घर मे गला कटने से मृत महिला की मृत्यु के सम्बंध में आजतक जांच ही कर रही है जबकि मृतका की मां एफआईआर दर्ज न होने पर पुलिस अधीक्षक बलिया से एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगा रही है लेकिन खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नही हुई है । पत्रकारों पर जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कराना बलिया जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का अपनी कमियों को उजागर न होने देने के लिये दबाव बनाने का एक प्रयास जानकर पत्रकारों ने एडीजी के घेराव का निर्णय किया है । घेराव करने वालो में प्रमुख रूप से सर्वेंद्र सिंह , संजीव बाबा , आसिफ जैदी , अजित ओझा ,दिग्विजय सिंह ,
मुशीर जैदी,बृजेश सिंह, मुकेश मिश्र, मनोज चतुर्वेदी ,संजय तिवारी, राणा सिंह, शशि कुमार, अखिलेश सैनी , नुरुल होदा , इमरान खान , रत्नेश सिंह , अरविंद कश्यप, सुरेंद्र गुप्ता, अरविंद सिंह , दीपक तिवारी , मनोज राय , ओमप्रकाश राय , जमाल आदि पत्रकारगण शामिल रहेंगे ।
पुलिस को कटघरे में खड़ा करने वाली सिकन्दरपुर की घटना के सम्बंध में बताया जाता है कि नगर के मानापुर मोहल्ला में एक सप्ताह पूर्व कमरे में संदिग्धावस्था में मिली महिला की लाश का मामला गहराता जा रहा है।पुलिस एवं परिवार के लोग इसे जहां आत्महत्या करार दे रहे हैं।वहीं मृतिका की माँ खैरुन्निशा ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर दे कर इसे हत्या करार दे मुकदमा पंजीकृत करने की मांग किया है।दिए गए तहरीर में खैरुन्निशा ने आरोप लगाया है कि पैसा के लिए परिवार के लोग हमेशा उनकी पुत्री को प्रताड़ित करते रहते थे।इस दौरान मैंने अपनी पुत्री को एक एकड़ जमीन दिया था।जिससे कि उन्हें आर्थिक परेशानी न झेलना पड़े।इस दौरान दामाद ने मेरे दिए जमीन को बेच कर कुछ पैसा घर पर खर्च कर दिया।साथ ही जो पैसा बचा था उससे टेम्पो खरीद कर चलवाते हैं।बाद में वह पैसा के लिए पुत्री को बराबर प्रताड़ित करते रहते थे।
ज्ञात हो कि नगर के मोहल्ला मानापुर में 16 फरवरी की रात 9 बजे नौशाद अहमद की पत्नी फरीदा ख़ातून का गला कटा खून से सनी लाश पुलिस को मिली थी।तब पूछताछ में परिवार वालों ने पुलिस को बताया था कि उसने स्वयं अपना गला काट कर आत्महत्या कर लिया है।बाद में शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजकर तभी से पुलिस इस बारे में गहनता से जांच कर रही है।
इस सम्बंध में कोतवाल राम सिंह ने बताया कि अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। गहनता से जांच की जा रही है।जैसे ही हत्या किए जाने के सबूत मिलेंगे उसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।


