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बलिया : राष्ट्र और समाज सेवा के सजग प्रहरी होते हैं एन० एस० एस० के स्वयं सेवक एवं सेविकाएँ – डा० गणेश पाठक

राष्ट्र और समाज सेवा के सजग प्रहरी होते हैं एन० एस० एस० के स्वयं सेवक एवं  सेविकाएँ
       – डा० गणेश पाठक
डॉ सुनील ओझा की रिपोर्ट




बलिया 27 फरवरी 2019 ।।
 आ० एन० सी० महाविद्यालय सैदपुर , बलिया   की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह आज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसके मुख्य अतिथि रहे अमरनाथ मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूबेछपरा, बलिया के पूर्व प्राचार्य एवं पर्यावरणविद् डा० गणेश कुमार पाठक। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा० भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन एन एस एस के कार्यक्रम अधिकारी डा० विद्या सागर वर्मा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलन के साथ माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
       विशेष शिविर मे भाग ले रहे स्वयं सेवक एवं सेविकाओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डा० गणेश कुमार पाठक ने कहा कि अगर स्वयं सेवक एवं सेविकाएँ यदि राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों एवं कार्यों को अपने जीवन में उतार लें तो उनका जीवन सार्थक हो जायेगा। यह एक ऐसा स्वयंसेवी संगठन है जो समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित होता है। इसके उद्देश्यों एवं कार्यों में सेवा भाव की चेतना छिपी हुई है जिसको शिविर के माध्यम से शिविरार्थियों में सेवा करने का भाव भरा जाता है, जिसको आपनाकर ये स्वयं सेवक एवं सेविकाएँ न केवल समाज का बल्कि देश के समग्र विकास में अहम् भूमिका निभा हकेंगे।
        शिविरार्थी ऐसे शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त कर   आत्मनिर्भरता प्राप्त करते हुए अपने अंदर अनुशासन, सच्चरित्रता, आज्ञाकारिता सहकारिता, सहयोग , सद्भावना, एकता, सदासयता, सहृदयता, सदाचार , साहस, सत्कर्म, सहयोग, सद्गुण एवं साहस जैसे गुणा का विकास करते हैं। जिसके चलते उनके भीतर स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति सजगता, संसाधनों के संरक्षण के प्रति सजगता, समाज एवं देश के प्रति समर्पण की भावना आदि गुणों का विकास होता है और जिसमें इन गुणों का विकास हो जाता है उस व्यक्ति के व्यक्तित्व का समग्र विकास हो जाता है और इस व्यक्तित्व का उपयोग वह समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास के लिए करता है और इस तरह समाज एवं देश का समग्र विकास होता है।
       डा० पाठक ने शिविरार्थियों को विशेष तौर से संबोधित करते हुए कहा कि एन एस एस के स्वयं सेवक एवं सेविकाएँ समाज से विभिन्न प्रकार की बुराईयों को मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। चूँकि ये समाज से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं ,इसलिए समाज में व्याप्त बुराईयों जैसे- अशिक्षा, छुआ - छूत, असमानता, अज्ञानता, दहेज प्रथा, अनाचार , दूराचार एवं व्यभिचार को मिटाने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान कर समाज को सही दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है और समाज समग्र विकास के पथ पर अग्रसर हो सकता है।
      डा० पाठक ने बताया कि आज देश की परिस्थितियाँ बदल रही हैं। इन बदलती परिस्थितियों पर भी हमें निगाह रखनी होगी। हमें हर तरह से देश के साथ खड़ा रहना पड़ेगा और किसी भी संकट का सामना करने हेतु सहर्ष तैयार रहना पड़ेगा और ऐसी स्थिति में स्वयं सेवक एवं सेविकाओं का उत्तरदायित्व और बढ़ जाता है। निश्चत तौर पर ऐसे शिविरों में शिविरार्थियों के बीच एक स्वस्थ वातावरण का निर्माण होता है और आपस में एकता का नया संचार उत्पन्न होता है जो सदैव कायम रहता है। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री अमरदेव यादव, उप प्राचार्य डा० अंजनी कुमार तिवारी, चीफ प्राक्टर डा० प्रवीण कुमार सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक , कर्मचारी एवं सभी स्वयं सेवक एवं सेविकाएँ उपस्थित रहे।
  कार्यक्रम के दौरान स्वयं सेवक एवं सेविकाओं द्वारा विविन्न तथ्यों पर आधारित विभिन्न तरह के कार्यक्रम प्रस्तुत किए जो अत्यन्त सराहनीय रहे। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डा० भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।