झांसी : सोशल मीडिया के इस्तेमाल से ज्यादे कारगर तरीके से होगा योजनाओ का प्रचार प्रसार - मंडलायुक्त
झांसी 25 फरवरी 2019 ।। तकनीकी का यदि हम अधिक इस्तेमाल करे तो विकास में भी तेजी आएगी व कार्य में सुचिता के साथ पारदर्शिता भी बढेगी। यू ट्यूब चैनल बनाकर विभागीय कार्यो को व योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों का वीडियो बनाकर अपलोड करे तो योजना का प्रचार-प्रसार होगा। साथ ही सोशल मीडिया से जुड़े अन्य लोग भी मोटीवेट होगे। अपनी बात को सोशल मीडिया पर कम समय और कम खर्च में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचा सकते है। बस हमे यह जानकारी होनी चाहिए कैसे ? कार्यशाला में उपस्थित होकर समस्त अधिकारी एक दिवसीय ई-गवर्नेन्स कार्यशाला का लाभ उठाये, जो भी शंका हो उसको दूर अवश्य करें ताकि कार्य में पारदर्शिता और जबावदेही सुनिश्चित हो सके।यह बात मण्डलायुक्त श्रीमती कुमुदलता श्रीवास्तव ने विकास भवन में आई.टी. एवं इलैक्ट्रानिक्स विभाग उ0प्र0 द्वारा मण्डलस्तरीय एक दिवसीय ई-गवर्नेन्स कार्यशाला का दीप प्रज्जविलत कर शुभारम्भ करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कही। उन्होने कहा कि अधिकारी पूर्ण क्षमता का इस्तेमाल करते हुए कार्यशाला का लाभ उठाये। उन्होने कार्यशाला मे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे हो, जिससे गोपनीयता भी बनी रहे और जिन्हें संदेश दिया जाना है उन तक पहुंचे भी। इसके विषय में जानकारी ली। उन्होने कहा कि कार्यशाला में शासकीय कार्यो में सोशल मीडिया का कुशलतापूर्वक उपयोग कैसे किया जाए, इसके विषय में जानकारी दी जाएगी। जन समस्याओं के निस्तारण हेतु सीएम हैल्पलाइन (1076) को अधिक से अधिक प्रभावशाली बनाये जाने के लिए भी ट्रेनर द्वारा जानकारी दी जाएगी। उन्होने कहा कि शासकीय कार्यो में पारदर्शिता लाने हेतु ई-आफिस योजना का ससमय क्रियान्वयन कैसे हो व ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जा रही आनलाइन सेवाओं को जन-जन तक कैसे उपलब्ध कराया जाए, के विषय में जानकारी दी जाएगी। आप सभी खुले मन से कार्यशाला में प्रतिभाग करे और अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करे ताकि कार्य में सहजता आ सके।एक दिवसीय कार्यशाला का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण आई.टी. एवं इलैक्ट्रानिक्स विभाग उ0प्र0 सरकार के उपक्रम श्रीट्रान इण्डिया लि0 लखनऊ तथा उनके अधिकृत सेवा प्रदाता की ओर से प्रशिक्षक एवं विषय विशेषज्ञ श्री मनोज गुप्ता, भानु प्रताप सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, सुश्री रिया सिंह, ध्रुव व महान्शु ने प्रस्तुतीकरण किया। मण्डलीय अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए श्री मनोज गुप्ता ने कहा कि ई-गवर्नेंस का मतलब सभी सरकारी कार्यो की आनलाइन सर्विस के माध्यम से जनता तक आसानी से पहुंचाना है। जिससे सरकारी कार्यालयों तथा जनता दोनो के पैसे और समय की बचत हो सके और जनता को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होने कहा कि आज के दौर में सोशाल मीडिया संचार का सबसे सशक्त माध्यम बन गया है। फेसबुक का अगर एक देश के तौर पर यदि देखा जाए तो यदि विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या के आधार पर भारत तीसरे नम्बर का देश होगा। मास्टर ट्रेनर श्री मनोज गुप्ता ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक सरकार की विभिन्न योजनाओं को पहुंचाया जा सकता है। सरकार की आम नागरिक के लिए उपलब्ध सुविधाओं को इन्टरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराना ही ई-गवर्नेन्स या ई-शासन कहलाता है। ई-गवर्नेन्स सभी नागरिको के लिए सूचना और उत्कृष्ट सेवाओं को बेहतर बनाता है। शिकायतों के निस्तारण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सोशल मीडिया को सही उपयोग की जानकारी दी गयी और बारीकियों के बारे में बताया गया। कार्यशाला में प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित की गयी सीएम हैल्पलाइन नम्बर 1076 की जानकारी गयी। कैसे हैल्पलाइन जनसामान्य की पहुंच सीधे शासन एवं प्रशासन के सभी स्तरो तक सुगम बनाती हैं जन शिकायतों को प्राप्त करने एवं उसको त्वरित गति से से निस्तारित करने के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला में प्रदेश सरकार की ई-आफिस योजना के बारे मे भी जागरुक किया गया और बताया गया कि कैसे इस योजना के माध्यम से पेपरलैस तरीके से शासकीय एवं विभागीय कार्यो को त्वरित गति एवं अधिकाधिक पारदर्शी रुप से किये जाने का लक्ष्य है।विकास भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना कार्यक्रम पर भी चर्चा की गयी। इस परियोजना में 75000 से अधिक जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में 32 विभागों की 247 महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं जैसे जन्म-मृत्यु, आय, जाति प्रमाण-पत्र के साथ जनवितरण प्रणाली एवं रोजगार पंजीकरण आदि आनलाइन माध्यम से प्रदान की जा रही है। जिससे अभी तक 18 करोड़ से अधिक आम जनमानस लाभान्वित हो चुके है।इसके अतिरिक्त कार्यशाला में अधिकारियों को परस्पर एक-दूसरे से एवं आम नागरिको से सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर एवं यू-टूब आदि के माध्यम से जुड़ने एवं उसके उपयोग से सम्बन्धित नियम कानूनो जैसे आई.टी. एक्ट 2000 एवं 2008 के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों का सोशल मीडिया के त्वरित एवं व्यापक पहुंच के बारे में जागरुक करते हुए इसके जनकल्याण हेतु प्रभावी रुप से प्रयोग करने का तरीका भी बताया गया।कार्यशाला में आये समस्त मण्डलीय अधिकारी व जिलास्तरीय अधिकारियों के प्रति आभार उप निदेशक अर्थ एवं सांख्यकी श्री संजय श्रीवास्तव ने किया। उन्होने कहा कि जो भी जनाकारियां आज दी गयी उन्हे कार्यशैली में आत्मसात् करे ताकि कार्य में गुणवत्ता आ सके।इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी श्री निखिल टीकाराम फुंडे, डीडीओ उग्रसेन यादव, डीएलसी सुश्री रचना केसरवानी, आर.टी.ओ श्री ओ.पी. सिंह, आर.टी.ओ. श्रीमुख लाल चौरसिया सहित मण्डलीय अधिकारी व जिलास्तरीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

