लखनऊ : मोर्चा संभालने को तैयार हैं यूपी के ये एक्सप्रेस-वे : इन सड़कों पर दौड़ाए जा सकते हैं घातक एयरक्राफ्ट
मोर्चा संभालने को तैयार हैं यूपी के ये एक्सप्रेस-वे : इन सड़कों पर दौड़ाए जा सकते हैं घातक एयरक्राफ्ट
ए कुमार की रिपोर्ट
लखनऊ 28 फरवरी 2019 ।।
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लिए यूपी के एक्सप्रेस-वे पूरी तरह तैयार हैं। किसी आपात स्थिति अथवा युद्ध के हालात पर इन एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल वैकल्पिक हवाई पट्टी के तौर पर किया जा सकता है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे हो या आगरा से नोएडा एक्सप्रेस-वे, इन पर भारत के पास उपलब्ध हर तरह के जहाज और एयरक्रॉफ्ट दौड़ाए जा सकते हैं।
भारतीय वायुसेना ने सबसे पहले वर्ष 2015 में आगरा से नोएडा तक बने 165 किलोमीटर यमुना एक्सप्रेस-वे पर अपने लड़ाकू विमानों को उतारा था। इसके बाद 24 अक्तूबर 2017 को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर (बांगरमऊ उन्नाव के पास) लड़ाकू विमानों और भारी भरकम हरक्यूलिस विमानों को उतार कर अपने शौर्य का प्रदर्शन किया था। यह इस बात का ट्रॉयल भी था कि जरूरत पड़ने पर ये कितने कारगर साबित होंगे। वायु सेना का यह प्रयोग सफल हुआ। जिन मिराज-2000 ने पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूद किया, वे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर कामयाबी से उतर चुकेहैं। जगुआर, सुखोई व मालवाहक विमान सीए-130 जे सुपर हरक्यूलिस तक इस एक्सप्रेस वे पर अपना जौहर दिखा चुके हैं।
वायुसेना के लड़ाकू विमानों को यही सुविधा अब लखनऊ से गाजीपुर तक बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मिलेगी। निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर भी लड़ाकू विमानों के लिए अत्याधुनिक हवाई पट्टी बनाई जाएगी। इसके लिए जयसिंहपुर तहसील के कूड़ेभार गांव का चयन किया गया है। इसकी लंबाई चार किलोमीटर होगी।
भारत और पाकिस्तान में युद्ध के हालात बनने से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनी हवाई पट्टी की उपयोगिता भी बढ़ गई है। पीआरवी (पब्लिक रिस्पांस व्हीकल) को स्थायी रूप से यहां तैनात कर दिया गया है। पुलिस जवान संदिग्धों पर भी नजर रख रहे हैं। उन्नाव डीएम ने बताया कि जरूरत पड़ने पर एक्सप्रेस-वे की हवाई पट्टी पर भी फाइटर प्लेनों का टेकऑफ और टेकओवर हो सकता है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर कबीपुर गांव के पास 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी है।
इस हवाई पट्टी को देश में युद्ध के हालात बनने पर लड़ाकू विमानों को शहरों और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर से उड़ाने और वहीं पर उतारने में उपयोग किए जाने का उद्देश्य से बनाया गया था। 23 अक्टूबर 2017 को वायुसेना ने यहां एयर शो का आयोजन किया था। सुखोई, मिराज और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के अलावा मालवाहक जहाज भी उतारे गए थे। एयर शो के बाद वायुसेना ने देश में विषम परिस्थिति बनने पर इस हवाई पट्टी को उपयोग में लाने की बात कही थी।
ए कुमार की रिपोर्ट
लखनऊ 28 फरवरी 2019 ।।
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लिए यूपी के एक्सप्रेस-वे पूरी तरह तैयार हैं। किसी आपात स्थिति अथवा युद्ध के हालात पर इन एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल वैकल्पिक हवाई पट्टी के तौर पर किया जा सकता है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे हो या आगरा से नोएडा एक्सप्रेस-वे, इन पर भारत के पास उपलब्ध हर तरह के जहाज और एयरक्रॉफ्ट दौड़ाए जा सकते हैं।
भारतीय वायुसेना ने सबसे पहले वर्ष 2015 में आगरा से नोएडा तक बने 165 किलोमीटर यमुना एक्सप्रेस-वे पर अपने लड़ाकू विमानों को उतारा था। इसके बाद 24 अक्तूबर 2017 को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर (बांगरमऊ उन्नाव के पास) लड़ाकू विमानों और भारी भरकम हरक्यूलिस विमानों को उतार कर अपने शौर्य का प्रदर्शन किया था। यह इस बात का ट्रॉयल भी था कि जरूरत पड़ने पर ये कितने कारगर साबित होंगे। वायु सेना का यह प्रयोग सफल हुआ। जिन मिराज-2000 ने पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूद किया, वे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर कामयाबी से उतर चुकेहैं। जगुआर, सुखोई व मालवाहक विमान सीए-130 जे सुपर हरक्यूलिस तक इस एक्सप्रेस वे पर अपना जौहर दिखा चुके हैं।
वायुसेना के लड़ाकू विमानों को यही सुविधा अब लखनऊ से गाजीपुर तक बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मिलेगी। निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर भी लड़ाकू विमानों के लिए अत्याधुनिक हवाई पट्टी बनाई जाएगी। इसके लिए जयसिंहपुर तहसील के कूड़ेभार गांव का चयन किया गया है। इसकी लंबाई चार किलोमीटर होगी।
भारत और पाकिस्तान में युद्ध के हालात बनने से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनी हवाई पट्टी की उपयोगिता भी बढ़ गई है। पीआरवी (पब्लिक रिस्पांस व्हीकल) को स्थायी रूप से यहां तैनात कर दिया गया है। पुलिस जवान संदिग्धों पर भी नजर रख रहे हैं। उन्नाव डीएम ने बताया कि जरूरत पड़ने पर एक्सप्रेस-वे की हवाई पट्टी पर भी फाइटर प्लेनों का टेकऑफ और टेकओवर हो सकता है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर कबीपुर गांव के पास 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी है।
इस हवाई पट्टी को देश में युद्ध के हालात बनने पर लड़ाकू विमानों को शहरों और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर से उड़ाने और वहीं पर उतारने में उपयोग किए जाने का उद्देश्य से बनाया गया था। 23 अक्टूबर 2017 को वायुसेना ने यहां एयर शो का आयोजन किया था। सुखोई, मिराज और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के अलावा मालवाहक जहाज भी उतारे गए थे। एयर शो के बाद वायुसेना ने देश में विषम परिस्थिति बनने पर इस हवाई पट्टी को उपयोग में लाने की बात कही थी।


