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लखनऊ में रिश्तों का अंत : पत्नी की हत्या के बाद बहन की हत्या कर साइको पति ने खुद भी दे दी जान

 









लखनऊ, 20 अगस्त 2026।। राजधानी के गोमतीनगर में गुरुवार को रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई। ICICI बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत दिव्या मिश्रा की बैंक के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती पुलिस जानकारी में हत्या का आरोप उनके पति मानस बाजपेयी पर है। वारदात के बाद मानस गोमतीनगर स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कानूनी प्रक्रिया को अहम कड़ी माना जा रहा है। दिव्या की बहन और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामले से जुड़े कई और पहलू सामने आए हैं।


बताया गया कि दिव्या रोज की तरह गुरुवार सुबह करीब नौ बजे बैंक पहुंची थीं। उन्होंने सामान्य तरीके से अपना काम शुरू किया। परिवार के मुताबिक, पति मानस के साथ उनके रिश्ते लंबे समय से खराब चल रहे थे और दोनों अलग रह रहे थे। पति-पत्नी का विवाद घरेलू स्तर से आगे बढ़कर अदालत तक पहुंच चुका था।


उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दिव्या ने पति से अलग होने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। तलाक के साथ स्त्रीधन और क्षतिपूर्ति से जुड़ा मामला भी चल रहा था। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में मुकदमे की अवधि को लेकर अंतर बताया गया है, लेकिन यह सामने आया है कि दोनों के बीच विवाद काफी समय से था और मामला पारिवारिक अदालत तक पहुंच चुका था। रिपोर्टों में अगली तारीख 21 अगस्त होने की बात भी सामने आई है। यानी 20 अगस्त को हुई इस घटना के अगले ही दिन पारिवारिक विवाद से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया में तारीख लगी थी।


दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए उस दिन की घटनाओं का अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार, बैंक में काम करने के बाद दिव्या एक सहकर्मी के साथ ग्राहक से चेक लेने के लिए बाहर गई थीं। प्रज्ञा का आरोप है कि इसी दौरान मानस बैंक के आसपास पहुंच चुका था और दिव्या के लौटने का इंतजार कर रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मानस के पास दो रिवॉल्वर थीं और वह ऑटो से बैंक के आसपास रेकी कर रहा था। हालांकि ये बातें फिलहाल प्रज्ञा के बयान के तौर पर सामने आई हैं। पुलिस CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।


दोपहर करीब 12:15 बजे बैंक के बाहर अचानक गोलियां चलने से हड़कंप मच गया। शुरुआती पुलिस जानकारी के मुताबिक, मानस ने बैंक के बाहर दिव्या पर गोली चलाई। बैंक कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने हमलावर की पहचान दिव्या के पति के रूप में की। प्रज्ञा ने अपने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि मानस ने पहले रिवॉल्वर से फायर किया। इसके बाद हथियार की बट से दिव्या के चेहरे और सिर पर वार किया और फिर दूसरी रिवॉल्वर से भी गोली चलाई। हमले में दिव्या गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गईं।


गोलीबारी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दिव्या को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा को घटना की जानकारी मिली।


प्रज्ञा के मुताबिक, उन्हें फोन पर बताया गया कि गोमतीनगर में उनकी बहन को गोली मार दी गई है और उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों को टैग करते हुए बहन की सलामती के लिए मदद की अपील की। कुछ ही देर बाद उन्हें दिव्या की मौत की जानकारी मिली।


इसके बाद प्रज्ञा ने फेसबुक पर लंबा और भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने परिवार की स्थिति बताते हुए कहा कि उनकी मां लगातार फोन कर रही हैं, लेकिन उनमें मां को यह बताने की हिम्मत नहीं है कि दिव्या अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने दिव्या को अपनी मां के बेहद करीब बताते हुए लिखा कि वह मां की बहुत प्यारी थीं।


प्रज्ञा ने परिवार के पूर्णागिरि जाने की योजना का भी जिक्र किया। बहन की मौत के बाद उन्हें यही बात बार-बार याद आती रही कि अगर उस दिन दिव्या भी परिवार के साथ पूर्णागिरि चली गई होतीं तो शायद ऐसा नहीं होता। इसी भाव में उन्होंने लिखा—“काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते…”


प्रज्ञा ने अपनी पोस्ट में मानस के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि दिव्या पति की कथित “साइको हरकतों” से परेशान थीं और इसी कारण उनसे अलग रह रही थीं। उन्होंने मानस की बहन की मानसिक बीमारी का भी उल्लेख किया। प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं और पति से अलग होने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं।


हालांकि प्रज्ञा की ओर से लगाए गए इन आरोपों को उसी रूप में देखा जाना चाहिए। मानस की मौत हो चुकी है और वह अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब देने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में पुलिस जांच की अंतिम पुष्टि के बिना इन आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।


दिव्या की हत्या के बाद कुछ ही समय में घटनाक्रम ने और गंभीर रूप ले लिया। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पत्नी पर हमला करने के बाद मानस वहां से निकलकर गोमतीनगर के हुसड़िया इलाके में अपने घर पहुंचा। इसी घर में उसकी बहन रहती थी। अलग-अलग रिपोर्टों में बैंक और घर के बीच की दूरी अलग बताई गई है, इसलिए इसे आसपास का इलाका बताया जा रहा है।


घर पहुंचने के बाद मानस ने अपनी बहन को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों को घर के भीतर गोली चलने की जानकारी मिली तो पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा खुलने के बाद अंदर मानस और उसकी बहन मृत मिले।


घटना के बाद घर से जुड़े कुछ और विवरण भी सामने आए। रिपोर्टों में बताया गया कि घर के अंदर टीवी पर हनुमान चालीसा या भक्ति संगीत चल रहा था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। कुछ रिपोर्टों में तीन हथियार बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इन हथियारों का घटनाओं में किस तरह इस्तेमाल हुआ, इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही होगी।


इसी बीच मानस के WhatsApp Status को लेकर भी जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया था। उसके Status में पत्नी की हत्या के बाद बहन और खुद को मारने की बात कही गई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि उसके Status में प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत का नाम आया था।


हालांकि पत्नी पर लगाए गए धोखे के आरोप मानस की ओर से सामने आए थे। इन आरोपों की किसी अदालत या पुलिस जांच से पुष्टि नहीं हुई है। दिव्या के परिवार ने इन्हें खारिज किया है। इसलिए दिव्या ने अपने पति को धोखा दिया था, इसे तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता। इसे मानस की ओर से लगाया गया आरोप ही माना जाएगा।


अब पुलिस के सामने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है। बैंक के बाहर मानस कितनी देर पहले पहुंचा था, क्या वह पहले से दिव्या का इंतजार कर रहा था, CCTV में उसकी गतिविधियां क्या सामने आती हैं, बैंक के बाहर गोली चलने के बाद वह किस रास्ते से घर पहुंचा और घर में बहन को गोली मारने के पीछे उसकी मानसिक स्थिति और उद्देश्य क्या था, इन सवालों के जवाब जांच से सामने आएंगे। पति-पत्नी के बीच चल रहे तलाक के मुकदमे में विवाद किन मुद्दों पर था और स्त्रीधन व क्षतिपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति क्या थी, यह भी जांच का हिस्सा है।


घटनाक्रम पर नजर डालें तो गुरुवार सुबह करीब नौ बजे दिव्या बैंक पहुंचीं। उन्होंने काम किया और प्रज्ञा के मुताबिक एक सहकर्मी के साथ ग्राहक से चेक लेने बाहर गईं। दोपहर करीब 12:15 बजे बैंक के बाहर उन पर गोली चलाई गई। उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मानस अपने घर पहुंचा, जहां उसकी बहन को गोली मारने और फिर खुदकुशी करने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद उसके WhatsApp Status की जानकारी सामने आई। शाम तक प्रज्ञा मिश्रा की भावुक फेसबुक पोस्ट के जरिए परिवार की ओर से इस मामले से जुड़ी बातें सामने आईं।


इस घटना को केवल अचानक हुए गुस्से का परिणाम मानकर छोड़ देना पूरे मामले की तस्वीर सामने नहीं रखता। पति-पत्नी के बीच विवाद पहले से अदालत तक पहुंचा हुआ था। प्रज्ञा ने अपने बयान में मानस के कथित व्यवहार और दिव्या के अलग रहने की वजहों का जिक्र किया है। दूसरी ओर मानस के कथित WhatsApp Status में पत्नी पर आरोप लगाए गए हैं। दोनों पक्षों की इन बातों के बीच वास्तविक स्थिति क्या थी, इसका पता अब CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अदालत से जुड़े दस्तावेजों से ही चल सकेगा।


20 अगस्त की इस घटना में एक ही परिवार की तीन जिंदगियां खत्म हो गईं। बैंक के बाहर दिव्या की हत्या से शुरू हुआ घटनाक्रम कुछ ही समय बाद घर के भीतर मानस और उसकी बहन की मौत तक पहुंच गया। अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की जिम्मेदारी है कि तलाक को लेकर चल रहा विवाद कितना गहरा था, मानस उस दिन बैंक तक क्यों पहुंचा, घटना से पहले कोई तैयारी थी या नहीं और अपनी बहन की हत्या के पीछे उसका वास्तविक मकसद क्या था। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।