कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश दूबे की पत्नी संग गंगा मे डूबने की खबर,पत्नी की मिली लाश, अधिवक्ता की तलाश जारी
फाइल फोटो : ओमप्रकाश दूबे व श्रीमती इंदु दूबे
पूजा सामग्री विसर्जित करते समय अधिवक्ता व पत्नी दोनों की गंगा मे डूबने से मौत, पत्नी का मिला शव, अधिवक्ता के शव की तलाश जारी
बलिया।। दुबहर थाना क्षेत्र अंतर्गत जनेश्वर मिश्र सेतु के नीचे सोमवार शाम गंगा में पूजा सामग्री विसर्जित करते समय डूबे पति-पत्नी में से मंगलवार को पत्नी का शव नदी में उतराता मिला। शव की शिनाख्त टैगोर नगर निवासी इंदू देवी (53) के रूप में हुई। हादसे के बाद से लापता पति ओमप्रकाश दुबे (58) की तलाश में एनडीआरएफ की टीम देर शाम तक नदी में अभियान चलाती रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बता दे कि बांसडीहरोड निवासी ओमप्रकाश दुबे (कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलिया के पूर्व अध्यक्ष )अपनी पत्नी इंदू देवी के साथ शहर के टैगोर नगर में रहते थे। परिजनों के अनुसार, सोमवार को घर में सुख-समृद्धि के लिए रुद्राभिषेक कराया गया था। शाम को दोनों पूजा सामग्री गंगा में प्रवाहित करने जनेश्वर मिश्र सेतु पहुंचे थे। नदी में बाढ़ के कारण जलस्तर बढ़ा हुआ था। सेतु के नीचे सामग्री विसर्जित करने के दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दोनों नदी में समा गए।
देर रात तक दोनों के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। मंगलवार सुबह परिजनों ने सदर कोतवाली पुलिस को दोनों के लापता होने की सूचना दी। इसी बीच दुबहर क्षेत्र में जनेश्वर मिश्र सेतु के पास गंगा में एक अज्ञात महिला का शव उतराता मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान इंदू देवी के रूप में की।
पत्नी का शव मिलने के बाद प्रशासन ने ओमप्रकाश दूबे अधिवक्ता की तलाश के लिए एनडीआरएफ को बुलाया। टीम ने देर शाम तक नदी में अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने बताया कि नदी से मिले महिला के शव की शिनाख्त हो गई है। परिजनों की सूचना पर पति की तलाश एनडीआरएफ टीम कर रही है। टीम के साथ नदी तट पर मौजूद है।
करोना काल मे ही बनवाये थे अभी मकान
स्व ओमप्रकाश दूबे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलिया के पहले महामंत्री और बाद मे अध्यक्ष चुने गये थे। मृदुल व धर्म परायण होने के कारण ये सबके मित्र हो जाते थे। कोरोना काल मे ही आनंद नगर के कोइरी डेरा (टैगोर नगर की सीमा ) पर घर बनवाये थे और यही से अपनी पुत्री व पुत्र दोनों की शादी भी किये थे। जीवन रक्षा के लिये किया गया रुद्राभिषेक का पूजन के बाद की सामग्री ही जीवन की इह लीला समाप्त कर देगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। दूबे दम्पति की आसामयिक मौत से चहुओर शोक की लहर दौड़ गयी है।







