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श्रावण के दूसरे सोमवार पर महादेव की आराधना, जनता दर्शन में सुनीं फरियादें; तिरंगा यात्रा में सीएम योगी ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश






गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सोमवार को गोरखपुर प्रवास आस्था, जनसेवा और राष्ट्रभक्ति के संदेश से सराबोर रहा। रविवार शाम गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने श्री गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास किया। सोमवार सुबह उनकी दिनचर्या धार्मिक अनुष्ठान से शुरू हुई। भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक करने और मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने गोसेवा की। इसके बाद जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। दिन के अगले चरण में मुख्यमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल होकर स्वयं उसका नेतृत्व किया।


श्रावण के दूसरे सोमवार पर महादेव का रुद्राभिषेक


श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री गोरखनाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। भगवान शंकर को जल और पूजन सामग्री अर्पित कर मुख्यमंत्री ने चराचर जगत के कल्याण, देश-प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।


पूजन के दौरान मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए लोककल्याण की भावना से पूजा संपन्न की। श्रावण के दूसरे सोमवार पर महादेव की आराधना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर की परंपरागत दिनचर्या के तहत अन्य धार्मिक गतिविधियों में भी सहभागिता की।






गुरु गोरखनाथ का दर्शन, गुरु की प्रतिमा पर नवाया शीश


भगवान शिव की पूजा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।


मुख्यमंत्री मंदिर की गोशाला भी पहुंचे। वहां उन्होंने गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाकर गोसेवा की। गोशाला में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर गोवंश के प्रति उनका अपनत्व भी देखने को मिला। उन्होंने कुछ समय गोसेवा में बिताया और मंदिर परिसर की परंपरागत धार्मिक दिनचर्या के साथ सुबह का समय व्यतीत किया।


जनता दर्शन में करीब 200 फरियादियों से मिले सीएम योगी


धार्मिक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन किया। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री स्वयं कुर्सियों पर बैठे फरियादियों तक पहुंचे और एक-एक कर उनकी बातें सुनीं।


मुख्यमंत्री लोगों से आत्मीयता के साथ पूछते रहे कि वे कहां से आए हैं और उनकी क्या समस्या है। फरियादियों की बात ध्यान से सुनने के बाद उन्होंने उनके प्रार्थना पत्र लिए और भरोसा दिलाया कि किसी को परेशान होने या घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में आए प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया जाए। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उसका समाधान त्वरित, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।


जमीन कब्जे की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश


जनता दर्शन के दौरान कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जे और संबंधित विवादों की शिकायतें भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से कराकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने फरियादियों के प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई की जाए और पीड़ित को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक मदद का भरोसा


जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों और उनके परिजनों को भरोसा दिया कि इलाज के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरतमंद मरीजों की मदद करेगी।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित अस्पताल से इलाज का एस्टीमेट जल्द तैयार कराया जाए और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बीमारी से जूझ रहे लोगों के प्रति मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील रुख जनता दर्शन में विशेष रूप से दिखाई दिया।


जनता दर्शन के बाद निकली भव्य तिरंगा यात्रा


जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क पहुंचे, जहां ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। मुख्यमंत्री ने इसके बाद महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रनायकों को नमन किया।


इसके बाद मुख्यमंत्री ने तिरंगा यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं यात्रा में शामिल होकर उसका नेतृत्व किया। रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू हुई यात्रा काली मंदिर, गोलघर होते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंची। करीब तीन किलोमीटर की यात्रा में बड़ी संख्या में शहरवासी राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए।


स्कूली बच्चों, महिलाओं, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने यात्रा को भव्य स्वरूप दिया। हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ते लोगों के बीच भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो गया।


16 स्थानों पर हुआ यात्रा का स्वागत


तिरंगा यात्रा के मार्ग में जगह-जगह मुख्यमंत्री और यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। विभिन्न संगठनों की ओर से करीब 16 स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई थी। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर तिरंगा यात्रा के प्रति अपना उत्साह जताया। यात्रा के दौरान बच्चों और युवाओं में विशेष जोश दिखाई दिया।


तिरंगा यात्रा में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के अलावा सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।


पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य


तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आह्वान किया। उन्होंने तिरंगे को देश की आन, बान और शान का प्रतीक बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों ने जाति-पाति से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि माना और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। तिरंगे, वंदे मातरम् और राष्ट्रगान का सम्मान करके हम उन महान सेनानियों, अपने पूर्वजों और अपनी राष्ट्रीय विरासत के प्रति सम्मान प्रकट कर सकते हैं।


उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी एवं अर्धसरकारी संस्थानों के साथ निजी संस्थानों, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को भी अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान की वेबसाइट पर अपलोड करने की अपील भी की।


सीएम के कार्यक्रम को लेकर चाक-चौबंद रही सुरक्षा


मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए गोरखपुर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर से लेकर तिरंगा यात्रा के मार्ग तक पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। एडीजी जोन, डीआईजी, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी, नगर आयुक्त, जीडीए उपाध्यक्ष, सीडीओ, एसपी सिटी, एसपी नार्थ, एडीएम सिटी, सीआरओ, एडीएम प्रशासन, अपर नगर आयुक्त, एसडीएम सदर और तहसीलदार समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी करते रहे। गैर जनपदों से आए पुलिस अधिकारियों और जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था।


श्रावण के दूसरे सोमवार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर प्रवास धार्मिक आस्था से शुरू होकर जनसरोकार और राष्ट्रभक्ति के संदेश तक पहुंचा। सुबह महादेव के रुद्राभिषेक और गुरु गोरखनाथ के दर्शन से दिन की शुरुआत हुई, इसके बाद जनता दर्शन में करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के निर्देश दिए गए और फिर तिरंगा यात्रा के माध्यम से शहर में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री के पूरे दिन के कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, संवेदनशील जनसुनवाई और देशभक्ति—तीनों की तस्वीर साफ दिखाई दी।