पीएम आवास के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता हिरासत में
नई दिल्ली।। NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के मुद्दों को लेकर मंगलवार को राजधानी दिल्ली में विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। धरना जारी रहने पर पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया।
प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील की थी कि जो छात्र-युवाओं के साथ न्याय की मांग का समर्थन करते हैं, वे प्रधानमंत्री आवास के बाहर आयोजित धरने में शामिल हों। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से पार्टी सांसदों और नेताओं ने पैदल मार्च शुरू किया। लोक कल्याण मार्ग के निकट पहुंचकर विपक्षी नेता धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदर्शन स्थल पहुंचे और विपक्षी नेताओं से बातचीत की। सरकार की ओर से कहा गया कि संसद में NEET और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए वह तैयार है। वहीं विपक्ष ने छात्रों के मुद्दों पर जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। बातचीत के बावजूद प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हटाया तथा राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई कांग्रेस सांसद और कार्यकर्ता भी हिरासत में लिए गए। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार नेताओं को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि एहतियातन हिरासत में लेकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान अखिलेश यादव ने पुलिसकर्मियों से पूछा, "कहां ले जा रहे हो पुलिस भाई?" इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने सख्ती की। पार्टी ने यह भी दावा किया कि महिला सांसदों के साथ पुलिस का व्यवहार उचित नहीं था।
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास का इलाका अत्यधिक सुरक्षा वाला क्षेत्र है, जहां बिना अनुमति प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से पुलिस ने कार्रवाई की। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि छात्रों के मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और वह NEET से जुड़े मामलों में जवाबदेही तथा छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगा।








