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जिलाधिकारी के आदेश का आज तक पालन नहीं करा पाये सीएमओ, हटाये गये बेरुआरबारी का प्रभारी ताला बंद करके फरार, नये प्रभारी स्टॉफ रूम मे देख रहे है मरीज




कल है जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, जिलाधिकारी को क्या जबाब देंगे सीएमओ?

मधुसूदन सिंह 

बलिया।। स्वास्थ्य विभाग मे जिलाधिकारी का आदेश नक्कार खाने मे तूती बजाने जैसे हालात से ज्यादे कुछ नहीं लगता है। पिछले माह के डीएचएस मे जिलाधिकारी ने सभी अटैचमेंट को समाप्त कर ऐसे आदेश पर कार्य कर रहे कार्मिकों को मूल तैनाती स्थल पर भेजनें का आदेश दिया था लेकिन दुर्भाग्य है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरुआरबारी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ वरुण ज्ञानेश्वर इस के जारी होने क बाद से प्रभारी के कक्ष मे ताला बंद करके नदारद हो गये है। नवागत प्रभारी लगातार दूसरे दिन बिना चार्ज के मरीजों को देख रहे है। इसकी सूचना सीएमओ को दे चुके है लेकिन खबर लिखें जाने तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। यह बही बता दूं कि कल यानि बुधवार को डीएचएस की जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे बैठक है। अगर आज चार्ज हैंड ओवर नहीं होता है तो डॉ वरुण ज्ञानेश्वर का निलंबित होना पक्का बताया जा रहा।



 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरुआरबारी  (पीएचसी) में अधीक्षक(एमवाईसी) पद को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण कर उनके स्थान पर डॉ. सिद्धि रंजन को अधीक्षक नियुक्त किए जाने के बाद सोमवार को चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी।

जानकारी के अनुसार डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर वर्षों से बेरूआरबारी पीएचसी में तैनात थे। उनके कार्यकाल के दौरान कई बार विवाद भी सामने आए। हाल ही में कुछ लोगों ने जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह से शिकायत की थी कि डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी अस्पताल से आहरित होता है, ऐसे में बेरूआरबारी में उनकी तैनाती नियमों के अनुरूप नहीं है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने 21मई को जिला स्वास्थ्य समिति के बैठक में सख्त  निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की समीक्षा की और सीएमओ ने उनका स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी कर दिया। साथ ही डॉ. सिद्धि रंजन को बेरूआरबारी पीएचसी का नया अधीक्षक(एमवाई सी) नियुक्त किया गया।

सोमवार को जब डॉ. सिद्धि रंजन कार्यभार ग्रहण करने के लिए पीएचसी बेरुआरबारी पहुंचे तो स्थिति अप्रत्याशित मिली। सूत्रों के अनुसार डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और अधीक्षक कार्यालय पर ताला बंद था। इसके चलते नए अधीक्षक को चार्ज लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी यदि चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया समय से नहीं होती है तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है। वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बेरूआरबारी पीएचसी में अधीक्षक परिवर्तन के साथ उत्पन्न इस नए घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग चार्ज हस्तांतरण और संबंधित विवाद पर क्या कदम उठाता है।