डीएम का आदेश एक माह से ठंडे बस्ते मे : सीएमओ बलिया नहीं कर रहे है बेरुआरबारी पर तैनात चिकित्सक वरुण ज्ञानेश्वर का मूल तैनाती स्थल पर तैनाती
क्या डीएम का आदेश, सीएमओ के सामने अस्तित्व हीन?
सुखपुरा (बलिया)।। स्वास्थ्य महकमे में सेटिंग बाज चिकित्सकों और कर्मचारियों की चांदी है। जिलाधिकारी के आदेश को दरकिनार करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सह पर अपनी मूल तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजूरी की जगह मनपसंद जगह बेरूआरबारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ वरुण ज्ञानेश्वर चांदी काट रहे है। अब चर्चा है कि क्या डॉ वरुण ज्ञानेश्वर की पकड़ जिलाधिकारी से भी ऊपर तक है, क्योंकि पिछले 21 मई को जिलाधिकारी ने अटैचमेंट वालों को मूल तैनाती स्थल पर जाने और वही से वेतन आहरण का आदेश दिया था लेकिन कार्यवाही आज तक नहीं हुई है।
ज्ञात हो कि जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता मे दिनांक 21/05/26 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरुआरबारी पर तैनात डॉ वरुण ज्ञानेश्वर को सख्त निर्देशित किया गया था कि उनका वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजूरी से प्राप्त होता है तो सेवा भी वही देना है।जिसका अनुपालन करने के लिए जिला अधिकारी द्वारा निर्देश देते हुए कहा गया था कि बैठक के अगले दिन ही डॉ वरुण ज्ञानेश्वर की तैनाती खेजरी हो जानी चाहिए।लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शायद जिलाधिकारी के आदेश को महत्वपूर्ण न मानते हुए लिखित आदेशों को ताक पर रखकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी पर ही डॉ ज्ञानेश्वर को बनाए रखा है।जिसको लेकर स्वास्थ्य महकमे में काफी असंतोष व्याप्त है।
कई कर्मचारियों ने पूर्व में डॉ ज्ञानेश्वर पर अपने आप को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मौखिक व लिखित शिकायत भी की थी ।कई बार उक्त डॉ के खिलाफ विभागीय कर्मचारियों द्वारा जिला चिकित्सालय सहित कई स्वास्थ्य केंद्रों पर धरना प्रदर्शन किया जा चुका है.लेकिन स्वास्थ्य विभाग में सेटिंग का आलम यह है कि कई बार आरोप लगने के बाद भी सेटिंग तगड़ी होने की बदौलत विवादित डॉ वरुण का कोई बाल बांका भी नहीं कर सकता है।
यही नहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाँ ज्ञानेश्वर के चहेते कर्मचारी मनमर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर मटरगश्ती करने में मशगुल रहते हैं और स्वास्थ्य केंद्र पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है, ऐसा आए दिन लगा रहता है।









