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बांसडीह मे तालाब खुदाई के समय निकली 60फिट लम्बी दीवारनुमा संरचना, स्थानीय पुरातत्व विशेषज्ञ के अनुसार कुषाण कालीन लग रही है संरचना



ग्रामीणों की मांग पुरातत्व विभाग की निगरानी मे करायी जाय खुदाई 

बांसडीह बलिया।। बांसडीह तहसील क्षेत्र अंतर्गत बंकवा गाँव में तालाब की खुदाई के दौरान पक्की ईट की संरचना मिलने से स्थानीय लोगों में कौतूहल एवं चर्चाओं का बाज़ार गर्म रहा। स्थानीय विशेषज्ञओं की माने तो इसकी प्राचीनता कुषाण काल तक जा सकती है। ध्यातव्य है कि बंकवा गाँव के नरला मौजा में स्थानीय निवासी देवानंद सिंह एवं राजकुमार सिंह पुत्रद्वय स्वर्गीय भगवान सिंह द्वारा अपने खेत में तालाब की खुदाई करवाई जा रही थी, खुदाई के दौरान तालाब के दक्षिण पश्चिम किनारे पर लगभग 60 फिट लम्बी पक्की ईंटो की दीवारनुमा संरचना उभरकर सामने आई जिसकी सूचना राजकुमार सिंह द्वारा गाँव के ही श्री प्रणेश सिंह एवं जितेन्द्र सिंह "झमन"आदि को दी गई। जिनके प्रयास से प्राचीन इतिहास के स्थानीय विशेषज्ञ डॉ अमृत आनंद,मणिबहादुर सिंह आदि द्वारा स्थल का निरिक्षण किया गया। विशेषज्ञओं की माने तो इसकी प्राचीनता कुषाण काल तक जा सकती है। वहीं डॉ अमृत आनंद ने बताया कि इसकी संरचना स्तूपनुमा है और इसमें प्रयुक्त ईंटो की माप कुषाणकालीन है।स्थानीय निवासियों के अनुसार इस के आस पास नरला का डीह भी विद्यमान है जिसके आसपास से अक्सर भारी मात्रा में आज़ भी पुरातात्विक अवशेष प्राप्त होते रहते हैं।



स्थानीय निवासियों की माँग है कि विधिवत प्रशासनिक देखरेख में पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा इसकी व्यापक पैमाने पर खुदाई करवाई जाए जिससे कि बलिया जिले की पहचान ऐतिहासिक मानचित्र पर प्राचीनतर सिद्ध की जा सके।इसकी चर्चाएं गांव से निकल कर हरेक चट्टी चौराहों पर हो रही है।