Breaking News

सब साथ फिर भी गौवंश क्यों अनाथ :बिजली विभाग कब तक लेता रहेगा बेज़ुबानों की जान,सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

 





बीच बस्ती में मृत गाय को जेसीबी से दफनाया

 आस्था और स्वास्थ्य दोनों पर संकट

बलिया।। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां एक तरफ गौवंश संरक्षण के लिए करोड़ों का बजट पानी की तरह बहा रही है। वहीं बलिया से आई एक तस्वीर ने व्यवस्था की संवेदनहीनता की पोल खोल कर रख दी है। बलिया के महावीर घाट इलाके में एक मृत गाय को जिस अमानवीय तरीके से दफनाया गया, उसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


                         क्या है पूरा मामला

बिजली विभाग कब तक लेता रहेगा बेज़ुबानों की जान 

आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश के बलिया में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो शहर कोतवाली थाना अंतर्गत महावीर घाट क्षेत्र का बताया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक महावीर घाट क्षेत्र में बिजली के खुले ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक गाय की जान चली गई थी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नगर पालिका प्रशासन को दी, उम्मीद थी की आस्था का प्रतीक माने जाने वाली गौ माता का ससम्मान अंतिम संस्कार होगा। लेकिन नगर पालिका की जेसीबी ने जो किया उसने सबको हैरान कर दिया। प्रशासन ने मृत गोवंश के शव को आबादी से दूर ले जाने के बजाय उसी रिहायशी इलाके में और उसी ट्रांसफार्मर के ठीक बगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया। बेजुबानो की जान बिजली के तार मे सटने से गयी हो, यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई जानवरों की जान जा चुकी है। फिर भी बिजली विभाग सुधरता ही नहीं है। शहर मे कई ऐसे स्थान है जहां जमीन पर रखे ट्रांसफर से कभी भी कोई हादसा हो सकता है लेकिन बिजली विभाग कब सचेत होगा कहा नहीं जा सकता है।




तीन बड़े सवाल जो सिस्टम को कटघरे में खड़ा करते हैं


क्या घनी आबादी वाली बस्ती के बीचो-बीच मृत जानवर को दफ़नाना स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन नहीं है?, क्या इससे इलाके में बीमारियां नई फैलेंगी, जिस सरकार में गौ सेवा प्राथमिकता मे है, उसी के प्रशासन में जेसीबी से इस तरह की खुदाई करके दफनाना  धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं है?


जिम्मेदार कौन?

बलिया का राजनीतिक समीकरण दिलचस्प है। यहां क्षेत्रीय सभासद मनोज गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष सन्त कुमार मिठाई लाल और क्षेत्रीय विधायक व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, तीनों एक ही विचारधारा यानी भाजपा से हैं। फिर भी प्रशासनिक तंत्र की इस तरह से गो वंश के प्रति व्यवहार निरंकुशता को दर्शाता है।


जनता में भारी आक्रोश


वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन के इस मनमानी की वजह से इलाके में बदबू फैल रही है। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगते हैं लेकिन जब प्रशासन इस तरह की मनमानी करता है तो कोई सुध लेने वाला नहीं होता। कहा, मुख्यमंत्री जी गोवंश संरक्षण की बात करते हैं लेकिन बलिया में अधिकारी उनके आदेशों को जेसीबी के नीचे कुचल रहे हैं।


संवेदनहीनता की हद पार करने वाले जिम्मेदारों पर क्या होगी कार्रवाई?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस गंभीर लापरवाही पर शासन या जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की जाएगी? क्या खुले ट्रांसफार्मर को ठीक किया जाएगा? जिसके कारण एक बेजुबान की जान चली गयी या फिर महावीर घाट की जनता इस गंदगी और प्रशासनिक तानाशाही के साए में जीने को मजबूर रहेगी।